Vastu Rules | वास्तु शास्त्र के अनुसार नए घर में प्रवेश करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना चाहिए क्योंकि नए घर में प्रवेश करने से पहले वास्तु नियमों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं लेकिन वही अगर वास्तु के नियमों का ध्यान नहीं रखा जाए तो घर में वास्तु दोष लगने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होने के साथ ही आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता हैं.
नए घर में प्रवेश करने के वास्तु नियम :
आइए जानते हैं नए घर में प्रवेश को लेकर उन नियमों को जिनको अपनाकर घर में सकारात्मकता बनी रहने के साथ घर में सुख – समृद्धि का वास हो.
1) घर में रंग – रोंगन (पुताई) करवाना :
वास्तु के अनुसार किसी भी नए घर विशेषकर अगर घर पहले से बना हो तो सबसे पहले पुताई अवश्य करवाना चाहिए. माना जाता है कि बिना पुताई के घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि बिना पुताई के घर में प्रवेश करने से, पहले से रहने वाले सदस्यों की ऊर्जा नकारात्मकता को बढ़ाती हैं.
2) पूजा और हवन करवाएं :
वास्तु के अनुसार किसी भी नए घर में प्रवेश करने से पहले वास्तु पूजा और गणपति की स्थापना करने के साथ ही हवन अवश्य करवाना चाहिए मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही नकारात्मक ऊर्जा को दूर होती हैं.
3) शुभ मुहूर्त में घर प्रवेश करें :
वास्तु के अनुसार घर में प्रवेश शुभ दिन और समय में करना चाहिए. घर के अंदर प्रवेश करते समय अपना दाहिना पैर को रखें भूलकर भी रविवार, मंगलवार और प्रतिपदा तिथि में नए घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए.
4) हाथों में शुभ चीजों को लेकर प्रवेश करें :
किसी भी नए घर में प्रवेश करते समय वास्तु के नियमानुसार हाथों में कलश, और कोई शुभ मुहुर्त जैसे कि गणेश जी को लेकर शंख बजाते हुए घर में प्रवेश करें माना जाता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं.
5) घर का मुख्य द्वार :
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार उत्तर – पूर्व दिशा या फिर ईशान कोण में होना शुभ माना जाता है लेकिन अगर ऐसा संभव नहीं हो सकें तो घर का मुख्य द्वार पूर्व – पश्चिम दिशा की ओर भी हो सकता हैं.
6) सजावट करें :
किसी भी नए घर में प्रवेश करने से पहले घर की बंदनवार, रंगोली और फूलों से सजाने के साथ ही घर के मुख्य द्वार पर अशोक के पत्तों का तोरण और ॐ या स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीक को लगाएं.
7) घर को सुना नहीं छोड़ें :
वास्तु के अनुसार नए घर में प्रवेश की पूजा व हवन करने के पश्चात् नए घर में कम से कम 40 दिन तक किसी न किसी एक सदस्य को घर में रुकना चाहिए, भूलकर भी घर को सुना नहीं छोड़ें.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) नए घर में प्रवेश पूजा में किस भगवान को स्थापित किया जाता हैं ?
भगवान गणेश.
2) नए घर में किस दिन भूलकर भी प्रवेश नहीं करना चाहिए ?
रविवार, मंगलवार और प्रतिपदा तिथि.
3) वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए ?
उत्तर – पूर्व दिशा.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


