Brahm Muhurta ke Upay | हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त का विशेष महत्व होने के साथ ही इसे शास्त्रों में अति शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सूर्योदय से पूर्व का समय यानि कि सुबह के 03 बजे से सुबह के 05 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता हैं और इस अवधि को दिन का सबसे शांत का समय माना जाता हैं. ब्रह्म मुहूर्त को ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र के साथ – साथ आयुर्वेद में भी बहुत लाभदायक सिद्ध माना गया हैं और इस समय जागने, योग करने और इष्ट देव का ध्यान करने के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है तो वहीं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर कुछ उपाय को करने से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलने के साथ ही दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदला जा सकता हैं.
जानते हैं ब्रह्म मुहूर्त में किन उपायों को करना चाहिए :
1) ब्रह्म मुहूर्त में हथेली के दर्शन करें :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत ही चमत्कारी होता हैं इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करके मंत्र को अवश्य बोलना चाहिए, माना जाता है कि ऐसा करने से सदैव देवी – देवता की कृपा बनती हैं खासकर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है जिससे कि जीवन में कभी भी धन – संपत्ति की कमी नहीं होती हैं.
2) ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें :
धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं. शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना दूध से स्नान करने के तुल्य होता हैं और इससे आरोग्य की प्राप्ति होने के साथ ही जीवन में खुशहाली का आगमन होता है इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से बल और बुद्धि की भी प्राप्ति होती है.
3) ब्रह्म मुहूर्त में पूजा – पाठ और मंत्रों का जाप करें :
शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कार्यों से निवृत्त होकर स्नान के पश्चात् देवी – देवता की पूजा के साथ ही अपने इष्टदेव का स्मरण करके गायत्री मंत्र “ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवित्वर्रेण्यम भर्गो देवस्य धीमहि धियो योन: प्रचोदयात्” का जाप करें. माना जाता है कि ऐसा करना बहुत ही फलदायक होता है और इससे मानसिक, शारीरिक तनाव से छुटकारा मिलने के साथ ही भगवान की कृपा से हर क्षेत्र में सफलता के अलावा धन लाभ की भी प्राप्ति होती हैं. ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और मंत्रों का जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी मुश्किलों से मुक्ति मिलने के साथ ही कुंडली में नवग्रह की शांति भी होती हैं.
4) ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी के सामने दीपक जलाएं :
ब्रह्म मुहूर्त में पूजा – पाठ और मंत्रों का जाप करने के पश्चात् तुलसी में जल अर्पित करके दीपक को जलाएं मान्यता है कि इससे जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिलने साथ ही आमदनी दुगुनी होती हैं और कई जन्मों के पापों का नाश का नाश होने के साथ ही मोक्ष प्राप्त करने की राह आसान होती हैं.
5) ब्रह्म मुहूर्त में योग साधना करें :
ब्रह्म मुहूर्त में योग साधना मन में चल रही विचारों को शांत करके मानसिक शांति को महसूस करने के साथ तनाव को दूर करता हैं मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में योग साधना करने से सुंदरता, बुद्धि, स्वास्थ्य और सफलता मिलने के साथ जीवन में सकारात्मकता भी बनी रहती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) ब्रह्म मुहूर्त का समय अवधि कितने बजे की होती हैं ?
सुबह के 03 बजे से सुबह के 05 बजे.
2) ब्रह्म मुहूर्त में किस मंत्र का जाप करना चाहिए ?
गायत्री मंत्र.
3)ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किसके समान माना जाता है ?
दूध से स्नान.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


