Mahashivratri Upay | हिंदू पंचाग के अनुसार हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था और इस दिन इनकी पूजा करने से सभी तरह के कष्ट दूर होने के साथ ही साधक को विशेष लाभ की भी प्राप्ति होती हैं तो वहीं त्रिदेव यानि कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश में भगवान शंकर सृष्टि के संहारक कहलाते हैं जिनकी पूजा करने से कई तरह के दोषों और ग्रहों के नकारात्मक असर को कम किया जा सकता हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शंकर की पूजा आराधना करने से ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के साथ ही ग्रहदोषों से मुक्ति भी पाया जा सकता हैं.
जानते हैं उन उपायों को जिनको महाशिवरात्रि पर करने से ग्रहदोषों से मुक्ति मिलती हैं :
1) सूर्य ग्रह के दोष से मुक्ति पाने के उपाय :
सभी ग्रहों का राजा सूर्य ग्रह कहलाता है और अगर कुंडली में सूर्य कमजोर होने से बार – बार कार्य बिगड़ने के साथ ही मेहनत करने के बाद सफलता भी नहीं मिलती और भाग्य का पूरा साथ भी नहीं मिलता हैं इसलिए अगर किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो उसे महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर तिलक लगाकर पूजा करें मान्यता है कि इससे कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत बनता हैं.
2) चंद्रमा के दोष से मुक्ति पाने के उपाय :
अगर किसी की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है तो उसको मानसिक तनाव के साथ सर्दी – जुकाम और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं तब ऐसे में कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करना चाहिए मान्यता है कि इससे चंद्रमा के दोषों से मुक्ति मिलने के साथ ही शरीर निरोगी बनता हैं और मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती हैं.
3) मंगल ग्रह के दोष से मुक्ति पाने के उपाय :
कुंडली में मंगल कमजोर होने से शादी में देरी या फिर शादी में बाधा आने के साथ ही मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति पर कर्ज बढ़ने के अलावा उसको बात – बात पर गुस्सा आता है और उसको हमेशा असफल होने का भी डर सताता रहता हैं तब ऐसे में कुंडली में मंगल को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर शहद या फिर पंचामृत अर्पित करें.
4) बुध ग्रह के दोषों से मुक्ति पाने के उपाय :
जिसकी कुंडली में अगर बुध ग्रह कमजोर हो तो उसको कारोबार या नौकरी में तरक्की मिलने में परेशानी होने के साथ ही कोई भी फैसला लेने में कठिनाई भी होती हैं इसलिए कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को बेलपत्र और दूर्वा अर्पित करें.
5) बृहस्पति ग्रह के दोष से मुक्ति पाने के उपाय :
अगर किसी की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है तो उसके वैवाहिक जीवन में तनाव रहने के साथ ही किस्मत का साथ नहीं मिलता, काम बनते बनते बिगड़ जाते हैं और बहुत कोशिश करने के बाद भी आर्थिक स्थिति बिगड़ती ही रहती हैं इसलिए कुंडली में कमजोर बृहस्पति को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि के पावन दिन शिवलिंग पर पीले पुष्प अर्पित करें.
6) शुक्र ग्रह के दोष से मुक्ति पाने के उपाय :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में शुक्र ग्रह सौंदर्य, सुख – समृद्धि, धन – वैभव, भौतिक सुख और प्रेम का प्रतीक होता हैं और ऐसे में अगर किसी की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता हैं तो इनमें से किसी भी चीजों को प्राप्त नहीं कर पाता और जीवन में हमेशा तंगी की स्थिति बनी रहती है इसलिए महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग को दही और शहद से अभिषेक करना चाहिए जिससे कि कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत हो सकें.
7) राहु – केतु के दोषों से मुक्ति पाने के उपाय :
राहु – केतु छाया ग्रह कहलाते हैं और ऐसे में अगर किसी की कुंडली में राहु – केतु का साया होता हैं तो वो हमेशा गलत निर्णय लेने के साथ ही उसका व्यवहार भी बुरा होता हैं और इसके अलावा उसके सामने मानसिक तनाव, गृह – क्लेश, लड़ाई – झगड़े के साथ कोर्ट मुकदमे जैसे समस्याएं आने लगती है तब ऐसी स्थिति में राहु – केतु को शांत करने के लिए महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करके इन पर भांग और धतूरा अर्पित करें.
8) शनि दोषों से मुक्ति पाने के उपाय :
धार्मिक मान्यता है कि जीवन में तरक्की प्राप्त करने के लिए शनिदेव की कृपा आवश्यक होता है लेकिन कुंडली में शनि कमजोर होने पर मेहनत का फल नहीं मिलने के साथ ही आंखे भी कमजोर होने लगती है इसलिए अगर किसी की कुंडली में शनि की दशा सही नहीं है तब शनि को शांत करने के लिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के 101नाम लेकर भगवान शिव की आरती करें.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) सभी ग्रहों का राजा किसे कहा जाता है ?
सूर्य ग्रह
2) सारे ग्रहों में छाया ग्रह किसे कहा जाता है ?
राहु – केतु.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


