Vijaya Ekadashi Upay | विजया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है जो कि हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. कहा जाता है कि विजया एकादशी विजय दिलाने वाली होती हैं और इसका व्रत रखने से जातक को हर क्षेत्र में विजय की प्राप्ति होती है उसे कभी भी हार का सामना करना नहीं पड़ता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा भाव के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा – आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है और अगर शत्रु परेशान कर रहा हो, उनके द्वारा किए कोर्ट मुकदमे से मुक्ति नहीं मिल रही है तो इस दिन व्रत रखने से शत्रु पर भी विजय प्राप्त किया जा सकता हैं इसके अलावा विजया एकादशी के दिन कुछ आसान उपायों को करके समस्त समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है.
कोर्ट – मुकदमे से मुक्ति पाने के लिए विजया एकादशी के उपाय :
1) करोबार में वृद्धि के लिए :
विजया एकादशी के दिन सुबह स्नानादि के बाद पीले वस्त्र को धारण करें लेकिन अगर पीला वस्त्र न हो तो एक पीले रंग के रुमाल को जेब में रखें और इसके पश्चात भगवान विष्णु को गुड़ और चने की दाल का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में इसे सब में बांटकर खुद भी ग्रहण करें माना जाता है कि इस उपाय को करने से करोबार में बढ़ोतरी होना शुरू हो जाता हैं.
2) कोर्ट – मुकदमे से मुक्ति पाने के लिए :
किसी मुकदमे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो जिसके कारण से कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाना पड़ रहा है और शत्रु लगातार परेशान कर रहा हो तो विजया एकादशी के दिन व्रत रखें और पीला वस्त्र को पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की साथ में विधि विधान से पूजा करें और भोग में पीले लड्डू का भोग लगाने के साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. मान्यता है कि इस उपाय को करने से भगवान विष्णु की प्रसन्नता प्राप्त मिलने साथ ही शत्रु पर विजय की प्राप्ति होती हैं और हर कार्य भी पूर्ण होते हैं.
3) प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने के लिए :
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही ” ॐ नमो भगवते नारायणाय ” मंत्र का 108 बार जाप करें मान्यता है कि ऐसा करने से प्रतियोगिता में जीत सुनिश्चित हो जाती हैं.
4) घर से दरिद्रता को दूर करने के लिए :
घर से दरिद्रता और गरीबी को दूर करने के लिए विजया एकादशी के दिन पीपल वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं और फिर परिक्रमा करें. माना जाता है कि इससे भगवान विष्णु के साथ – साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद और कृपा मिलती हैं.
5) खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए :
विजया एकादशी के दिन विधिवत तुलसी मां की पूजा अर्चना करने के साथ ही लक्ष्मी माता और तुलसी मां को श्रृंगार सामग्री को चढ़ाएं. धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में चल रही मनमुटाव और क्लेश दूर होने के साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती हैं.
6) पुत्री के विवाह के लिए :
विजया एकादशी के दिन स्नानादि से निवृत होकर केले पौधें की पूजा करें और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए केले पौधें को गुड़ का भोग लगाकर केले के तने में सात बार कच्चा सूत को लपटें और पुत्री के अति शीघ्र विवाह होने की कामना करें. माना जाता है कि इस उपाय को करने से पुत्री के लिए अच्छा रिश्ता मिलने के साथ ही विवाह भी तय होता हैं.
7) व्यवसाय में उन्नति के लिए :
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय पांच सफेद कौड़ियों को भगवान के समक्ष रखें और भगवान विष्णु के साथ इन कौड़ियों की भी पूजा करें और पूजा के बाद इन कौड़ियों को पीले रंग के कपड़े में बांधकर धन रखने वाले दराज में रखें. मान्यता है कि इस उपाय को करने से व्यवसाय में दिन दुगुनी रात चौगुनी कमाई होती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पंचाग के अनुसार विजया एकादशी कब मनाई जाती हैं ?
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि.
2) विजया एकादशी कौन सी एकादशी कहलाती हैं ?
विजय दिलाने वाली.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


