Vastu | हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में पेड़ – पौधों की दिशा के महत्त्व को बताया गया है. सही दिशा में लगे पेड़ पौधें न सिर्फ घर की सुंदरता को बढ़ाते हैं बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख – समृद्धि और सौभाग्य के रास्ते को भी खोलते हैं तो वहीं गलत दिशा में लगाएं गए पौधें घर में नकारात्मकता, आर्थिक तंगी और दुर्भाग्य आने के साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी और वास्तु देवता भी नाराज भी हो सकते हैं. विशेषकर दक्षिण दिशा को अत्यंत संवेदनशील दिशा माना जाता हैं जहां कुछ पौधों को भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए, मान्यता है कि दक्षिण दिशा में इन पौधों को लगाने से यह अशुभ परिणाम देने के साथ ही घर में संकट भी बढ़ सकता हैं.
वस्तु के अनुसार किन पौधों को दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए :
1) मनी प्लांट का पौधा :
मनी प्लांट का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है और इस पौधें को धन को आकर्षित करने वाला के साथ इसे संपत्ति और आर्थिक मजबूती का प्रतीक भी माना जाता है. वास्तु के अनुसार मनी प्लांट को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए मान्यता है कि दक्षिण दिशा अग्नि तत्व का स्थल होने से मनी प्लांट को दक्षिण दिशा में लगाने से धन की हानि, खर्चों में वृद्धि और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है जबकि मनी प्लांट को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए.
2) तुलसी का पौधा :
हिंदू धर्म में तुलसी को धन की देवी मां लक्ष्मी का स्वरूप माने जाने से इसको अत्यंत शुभ और पवित्र कहा जाता हैं. तुलसी के पौधें को भूलकर भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा यम और पितरों की दिशा होने से यह दिशा कठोर और सक्रिय ऊर्जा वाली होती हैं. माना जाता है कि दक्षिण दिशा में तुलसी के पौधें को लगाने से यह सही से पनप नहीं पाती है जिससे कि वास्तु दोष उत्पन्न होने के साथ ही घर में दरिद्रता आ सकती है और हो सकता है कि मां लक्ष्मी नाराज भी हो सकती हैं.
3) शमी का पौधा :
शमी के पौधें का संबंध भगवान शिव के और शनि देव से माने जाने के साथ यह देवी ऊर्जा से भी जुड़ा है और ऐसे में शमी के पौधें को दक्षिण दिशा में लगाने से नकारात्मकता उत्पन्न होने से इसका आध्यात्मिक असर कमजोर होता है जिससे कि घर में अशुभता में वृद्धि होने लगती हैं.
4) केला का पौधा :
केला का पौधा भगवान विष्णु को अति प्रिय माना जाता है और गुरुवार के दिन इस पौधें का विशेष रूप से पूजा करने का महत्व है. वास्तु के अनुसार केले के पौधें को दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए जबकि इसे घर के पूर्व या उत्तर दिशा में लगाने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है लेकिन दक्षिण दिशा में लगाने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण से इस पौधें के आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ती है इसके साथ ही वास्तु देवता भी रूष्ट हो सकते हैं.
5) रोजमेरी का पौधा :
वास्तु शास्त्र में रोजमेरी के पौधें को घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला पौधा कहा जाने के साथ यह मानसिक शांति और स्वास्थ्य ऊर्जा को भी बढ़ाता हैं लेकिन भूलकर भी इसे दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह उस दिशा की ऊर्जा के संचार में बाधक बनती है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) शमी के पौधें किस से जुड़ा हुआ है ?
देवी ऊर्जा.
2) मनी प्लांट का संबंध किस ग्रह से माना जाता है ?
शुक्र ग्रह.
3) किस पौधें को घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला पौधा माना जाता है ?
रोजमेरी का पौधा.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


