Vastu | वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के हर दिशाओं का अपना एक अलग – अलग महत्व होता हैं जिनसे जुड़े नियमों का पालन किया जाए तो जीवन में सुख – समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है लेकिन अगर घर की किसी भी दिशा में कोई दोष पैदा हो जाएं तो यह जीवन में परेशानियां ला सकती हैं. वास्तु शास्त्र में दीपक को ईश्वरीय शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है तो ऐसे में घर के हर दिशाओं में दीपक जलाने से धन, आयु, मानसिक शांति के साथ आध्यात्मिक उन्नति जैसे लाभ की प्राप्ति होती है क्योंकि हर दिशाओं से जुड़ी ऊर्जा अलग – अलग होती हैं और इन दिशाओं में दीपक को जलाने से दीपक की लौ इन ऊर्जा को सक्रिय करती है.
जानें वास्तु के अनुसार घर की इन दिशाओं में दीपक जलाने के फायदे को :
1) उत्तर – पूर्व दिशा (ईशान कोण) :
उत्तर – पूर्व दिशा को सबसे शुभ और पवित्र दिशा माना जाता है क्योंकि यह दिशा ईश्वर की दिशा होती हैं और इस दिशा में देवी – देवता का वास माना गया हैं यही कारण है कि वास्तु के अनुसार इसी दिशा में घर के मंदिर को बनाने की सलाह दिया जाता हैं. मान्यता है कि इस दिशा में दीपक को जलाने से ईश्वरीय आशीर्वाद एवं कृपा की प्राप्ति के साथ घर में आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि और समृद्धि का आगमन होता है.
2) पूर्व और पश्चिम दिशा :
पूर्व दिशा सूर्योदय की दिशा होती है और इस दिशा में दीपक को जलाने से अकाल मृत्यु से रक्षा और लंबी आयु के लिए लाभदायक सिद्ध होता हैं इसके अलावा पूर्व दिशा जीवन में नई ऊर्जा को लाने में सहायक होती हैं तो वहीं पश्चिम दिशा में दीपक को जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ घर परिवार में प्रेम स्नेह के साथ ही सुख – शांति भी बनी रहती हैं.
3) दक्षिण – पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) :
दक्षिण – पूर्व दिशा अग्नि देव की दिशा माना जाता है और ऐसे में इस दिशा में दीपक जलाने से अग्नि देव की कृपा प्राप्त होने के साथ ही मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की भी प्राप्ति होती है. माना जाता है कि अग्नि तत्व से जुड़ी इस दिशा में दीपक को जलाने से यह दिशा सक्रिय होती हैं जिससे कि घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार में वृद्धि होती हैं.
4) उत्तर और दक्षिण दिशा :
उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर देव की दिशा कहलाने के साथ यह दिशा घर में धन और समृद्धि लाने वाली भी कहा जाता हैं. मान्यता है कि उत्तर दिशा में दीपक को जलाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही धन की कमी भी दूर होती हैं तो वहीं दक्षिण दिशा पितरों की दिशा कहलाती हैं और इस दिशा में दीपक को जलाने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने के साथ पितृ दोषों से भी मुक्ति मिलती है.
5) दक्षिण – पश्चिम दिशा (नैऋत्य कोण) :
दक्षिण – पश्चिम दिशा में दीपक को जलाने से दांपत्य जीवन में सुखों की प्राप्ति होने के साथ इस दिशा में दीपक जलाने से घर के सदस्यों की नकारात्मक शक्तियों से बचाव होती हैं जिससे कि स्वास्थ्य बेहतर बना रहता हैं.
6) उत्तर – पश्चिम दिशा (वायव्य कोण) :
उत्तर – पश्चिम दिशा में दीपक को जलाने से जीवन से जुड़ी परेशानियां दूर होने के साथ ही अटके और अधूरे कार्य पूर्ण होते हैं. माना जाता है कि उत्तर -पश्चिम दिशा यानि कि वायव्य कोण में दीपक जलाने से शत्रु पक्ष से विजय की प्राप्ति होती हैं.
जानते हैं घर की इन दिशाओं में दीपक जलाने के समय को :
वास्तु के अनुसार घर के अलग – अलग दिशाओं में दीपक जलाने का सबसे शुभ और सही समय सूर्यास्त के बाद का होता हैं जिसको ” प्रदोष काल ” कहा जाता हैं. मान्यता है कि इस समय कुछ देर के लिए घर के अलग – अलग दिशाओं में दीपक को जलाने से जीवन में सकारात्मकता आने के साथ ही घर से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं जिससे कि घर पवित्र बनता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) किस दिशा में दीपक को जलाने से अकाल मृत्यु से रक्षा होता हैं ?
पूर्व दिशा.
2) दक्षिण – पूर्व दिशा किसकी दिशा कहलाती है ?
अग्निदेव की.
3) कुबेर देव की दिशा कौन सी दिशा होती हैं ?
उत्तर दिशा.
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