Diya Bati Niyam | हिंदू धर्म में पूजा पाठ और देवी – देवता की आराधना करते समय दीपक जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि दीपक को बिना जलाएं कोई भी पूजा अधूरी रहती हैं क्योंकि दीपक जलाने से न सिर्फ देवी – देवता प्रसन्न होते हैं बल्कि वास्तु दोष दूर होने के साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है जिससे कि घर में सुख – शांति और समृद्धि बनी रहती हैं. पूजा के दौरान अक्सर घी, सरसों या फिर किसी अन्य तेल में रुई की बाती बनाकर दीपक प्रजवल्लित किया जाता है. दीपक में दो प्रकार की बाती का इस्तेमाल किया जाता हैं, लंबी बाती और गोल बाती जिनका अपना अलग – अलग महत्व भी होता हैं और यह दोनों प्रकार की बातियां अलग – अलग देवी – देवताओं को समर्पित होती हैं.
किस देवी – देवता के सामने किस तरह की बाती का दीपक जलाना चाहिए :
1) लंबी बाती का दीपक :
हिंदू शास्त्रों के अनुसार लंबी बाती वाला दीपक बहुत ही शुभ होता है लेकिन इस तरह की बाती को सिर्फ विशेष पूजा – अनुष्ठानों पर ही जलाना चाहिए तो वहीं शिव पुराण के अनुसार लंबी बाती जलाने का उद्देश्य होता है दिन – प्रतिदिन धन में बढ़ोतरी, धन – धान्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति और लगातार कुल में वृद्धि होना. लंबी बाती को दुर्गा मां, लक्ष्मी मां, देवी सरस्वती, गौरी, काली मां और अन्य देवियों की पूजा के साथ कुल देवी व कुल देवता के पूजन करते समय जलाएं जाते हैं. मान्यता है कि मां लक्ष्मी के समक्ष लंबी बाती जलाने से धन और संपत्ति में बढ़ोतरी होती है तो वहीं कुल देवी या कुल देवता के सामने या फिर इनकी पूजा में लंबी बाती का दीपक जलाने से वंश में वृद्धि और परिवार में सुख – समृद्धि का आगमन होता है.
2) गोल बाती का दीपक :
गोल बाती का दीपक यानि कि फुल बाती जिसका महत्व अपने आप में विशेष होता हैं और इसे स्थिरता का प्रतीक माना जाता हैं. धार्मिक मान्यतानुसार गोल बाती वाला दीपक ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव के अलावा अन्य देवताओं की पूजा के दौरान जलाना शुभ होता हैं. गोल बाती के दीपक को तुलसी पौधें के अलावा पीपल या फिर बड़ वृक्ष के समक्ष जलाना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि गोल बाती को तुलसी पौधे के सामने जलाने से घर में स्थिरता, शांति और धन की देवी मां लक्ष्मी का वास रहता हैं.
लंबी बाती और गोल बाती को जलाने के नियम :
1) लंबी बाती का इस्तेमाल अमावस्या और पितरों को विशेष तिथि पर करना चाहिए, भूलकर भी पितरों को गोल बाती वाला दीपक नहीं जलाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से पितर असंतुष्ट होने के साथ ही घर में दरिद्रता, अशांति और बीमारियों का असर बढ़ सकता हैं.
2) धन वृद्धि के लिए सात बाती वाला दीपक ओर ज्ञान प्राप्ति के लिए गोल बाती के दीपक को जलाना चाहिए.
3) भैरव जी या शनिदेव के लिए चार मुखी बाती का दीपक को जलाना बहुत शुभ माना जाता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) कुल देवी या कुल देवता के पूजा में किस बाती का प्रयोग करना चाहिए ?
लंबी बाती
2) गोल बाती का इस्तेमाल किनके सामने करना चाहिए ?
ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव.
3) पितरों को किस बाती का दीपक जलाना चाहिए ?
लंबी बाती.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


