Griha Pravesh Pooja | हिंदू संस्कार का एक प्रमुख अनुष्ठान है गृह प्रवेश पूजा समारोह जो कि पहली बार नए घर में प्रवेश करने पर घर के वातावरण को पवित्र करने के लिए शुभ मुहूर्त में किया जाता है. माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश के पूजा करने से घर में प्रवेश करने के बाद परिवार की सदस्यों को समस्याओं से सामना करना नहीं पड़ता हैं. गृह प्रवेश के दौरान दूध को उबालने की परंपरा हैं जो कि सुख – समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ सौभाग्य का प्रतीक माना जाना हैं तो वहीं ऐसी मान्यता है कि दूध उबलकर बर्तन से बाहर गिरता है तो यह नए घर में धन और खुशियों के आगमन का संकेत देती है.
गृह प्रवेश की पूजा में दूध उबालने के पीछे के महत्व और मान्यता :
1) वास्तु शास्त्र में नए घर में दूध उबालने के महत्व को :
वास्तु शास्त्र में नए घर में दूध उबालना सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी करने और समृद्धि लाने का एक सरल और आसान उपाय है. मान्यता है कि दूध का उबलकर बाहर आने से घर में धन – धान्य की वृद्धि के साथ यह सुख – समृद्धि का भी प्रतीक होता हैं लेकिन दूध को गृह प्रवेश के दौरान रसोई में ही दूध उबालना चाहिए क्योंकि रसोई घर का हृदय माना जाता है और ऐसे में रसोई में दूध को उबालने से घर में मौजुद वास्तु दोष को दूर करने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता हैं.
2) नए घर में दूध उबालने के धार्मिक महत्व को :
हिंदू धर्म में दूध को समृद्धि और धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ चंद्रमा से जोड़ा गया है और गृह प्रवेश में दूध उबालना मां लक्ष्मी का स्वागत को बतलाता है जिससे कि घर में कभी भी अन्न और धन कमी नहीं हो. मान्यता है कि दूध में शुद्ध करने वाले गुण पाए जाते हैं और इसका उपयोग नए घर में पवित्रता लाने के साथ दूध की भाप और उफनकर गिरना वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके घर में सकारात्मकता का संचार करती हैं जिससे कि परिवार में खुशहाली सुनिश्चित होती हैं.
3) नए घर में दूध उबालने के वैज्ञानिक महत्व को :
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दूध उबालना रसोई और बर्तनों से कीटाणु से मुक्त करने में सहायक होता हैं और नए घर में यह प्रक्रिया करने से घर का वातावरण शुद्ध होने के साथ ही दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता हैं.
जानते है दूध को नए घर में उबालने के सही समय को :
गृह प्रवेश की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में दूध को नए बर्तन जैसे कि पीतल या फिर स्टील के बर्तन में रसोई की दक्षिण – पूर्व दिशा यानि कि अग्नि कोण में उबाले लेकिन सबसे पहले नए बर्तन में दूध को डालकर गैस की पूजा करें इसके बाद ही दूध को उबालने के लिए रखें.
जानते हैं दूध उबालने के बाद किए उपाय को :
गृह प्रवेश की पूजा के दौरान दूध उबालने की रस्म पूरा करने के बाद इस दूध में चावल और चीनी को डालकर खीर बनाकर गृह प्रवेश की पूजा में भगवान गणेश, लक्ष्मी और अन्य देवताओं के अलावा घर के कुलदेवी या फिर कुलदेवता को भोग लगाएं और फिर गृह प्रवेश पूजा के हवन में इस खीर को अर्पित करें.प्रसाद के रूप में चढ़े इस खीर को ब्राह्मण को खिलाएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें और इसके बाद इसे परिवार और पड़ोसियों को भी बांटे. कहा जाता है कि ऐसा करना सामाजिक सद्भावना और एकता – प्रेम को बढ़ने के साथ इससे देवताओं और पितरों की कृपा और आशीर्वाद मिलता है.
उम्मीद है कि आपको वास्तु शास्त्र से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही वास्तु शास्त्र से जुड़े अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) घर का हृदय स्थल कैसे कहा जाता है ?
रसोई
2) गृह प्रवेश की पूजा में दूध को किस दिशा में उबालना चाहिए ?
दक्षिण – पूर्व दिशा (आग्नेय कोण ).
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


