Vastu Tips | हिंदू धर्म में परिजात के पौधे का बहुत विशेष महत्व होता हैं और इसको हरसिंगार और रात की रानी के नाम से भी जाना जाता है. परिजात के पुष्प जो कि सुंदर होने के साथ सुगंधित भी होते हैं जिसकी सुगंध से वातावरण खुशनुमा होने के साथ घर में सकारात्मकता का संचार करता हैं. परिजात का पुष्प सौभाग्य का प्रतीक होने के साथ यह मां लक्ष्मी को भी बहुत ही प्रिय होते हैं यही कारण है कि इस पौधें को घर में लगाने से बहुत ही शुभ फल की प्राप्ति होती हैं लेकिन वास्तु शास्त्र में परिजात के पौधें को घर में लगाने के कुछ विशेष नियमों को बताएं गए हैं जिसका पालन करने से घर में धन और संपत्ति में वृद्धि होने के साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलती हैं.
जानते हैं घर में परिजात के पौधें को लगाने के वास्तु नियमों को :
1) परिजात के पौधें को लगाने की सही दिशा :
उत्तर – पूर्व दिशा : – उत्तर – पूर्व की दिशा देवताओं की दिशा कहलाती हैं और इस दिशा में परिजात के पौधें को लगाना बहुत ही शुभ और पवित्र होता हैं मान्यता है कि इस दिशा में परिजात के पौधें को लगाने से घर की ऊर्जा संतुलित रहने के साथ ही घर परिवार में सुख – शांति, समृद्धि और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती हैं.
उत्तर दिशा : – उत्तर दिशा में परिजात के पौधें को लगाने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होने के साथ ही सकारात्मकता फैलती हैं क्योंकि उत्तर दिशा सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती हैं मान्यता है कि इस दिशा में परिजात के पौधें को लगाने से घर में धन और आर्थिक स्थिरता आने के साथ ही घर के सदस्यों के जीवन में तरक्की और सम्मान भी बढ़ता है.
पवित्र स्थान के नजदीक : – परिजात के पौधें को तुलसी के पौधें के नजदीक लगाना भी बहुत लाभकारी होता हैं मान्यता है परिजात के पौधें को तुलसी पौधे के नजदीक या फिर मंदिर के आसपास लगाने से धन और पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
2) परिजात के पौधें को किस दिशा में नहीं लगाना चाहिए :
परिजात के पौधें को भूलकर भी दक्षिण या दक्षिण – पश्चिम दिशा में नहीं लगाना चाहिए मान्यता है कि इस दिशा में परिजात के पौधें को लगाने से अशुभ प्रभाव पड़ने के साथ ही यह उन्नति में भी बाधा डाल सकती है वैसे दक्षिण दिशा यम से सम्बंधित होता हैं.
3) परिजात के पौधें को इन स्थानों पर नहीं रखना चाहिए :
परिजात के पौधें को कभी भी गंदगी वाले स्थान पर नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे परिवार के सदस्यों के जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है. परिजात का पौधा शुद्ध वातावरण और स्वच्छता का प्रतीक होता हैं इसलिए इसे भूलकर भी बाथरूम, टॉयलेट के पास नहीं रखना चाहिए और न ही लगाना चाहिए इसके अलावा इसे रसोई घर के नजदीक लगाने की भी मनाही है.
जानते हैं परिजात के पौधें को लगाने के शुभ दिन को :
परिजात के पौधें को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही घर परिवार पर भगवान की कृपा भी प्राप्त होती हैं इसलिए इसको सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन लगाना बहुत शुभ माना जाता है धार्मिक मान्यता है कि शुक्रवार को लगाने से जहां मां लक्ष्मी की कृपा मिलती हैं तो वहीं गुरुवार के दिन परिजात के पौधें को लगाने से भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता हैं.
जानते है परिजात पौधे से जुड़े विशेष वास्तु नियम को :
1) वास्तु नियमोंनुसार घर में लगा परिजात का पौधा अगर पूरी तरह से सूख गया है तो उसे फौरन हटा देना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि सूखा हुआ पौधा घर में लगे रहने से बड़ा दोष लगने की संभावना होती हैं.
2) परिजात के पुष्पों को गिरने पर इसे उठाकर स्वच्छ और शुद्ध स्थान पर रख देना चाहिए, भूलकर भी इसके पुष्पों पर पैर नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि इन फूलों पर पैर रखना अपमान माना जाता है जिससे कि जीवन में कई सारे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
3) वास्तु के अनुसार घर में लगे परिजात के पौधें के पास रोज शाम के समय एक घी का दीपक जलाना चाहिए मान्यता है कि इससे घर में सदैव सुख – शांति का वातावरण बने रहने के साथ मां लक्ष्मी की विशेष कृपा भी मिलती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) परिजात के पौधें को घर की किस दिशा में लगाना बहुत शुभ माना जाता है ?
उत्तर – पूर्व दिशा.
2) परिजात के पौधें को किस दिन लगाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है ?
शुक्रवार
3) परिजात के पौधें को भूलकर भी किस दिशा में लगाना चाहिए ?
दक्षिण या दक्षिण – पश्चिम दिशा.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


