Vastu Tips | हिंदू धर्म में रसोई घर को विशेष और पवित्र स्थान माना गया है क्योंकि इसी रसोई घर में देवी अन्नपुर्णा माता का वास होता हैं तो वहीं हिंदू धर्म में कुछ ऐसी धार्मिक मान्यता है जिनके अनुसार कुछ ऐसी तिथियां होती हैं जिसमें घर में रोटी को बनानी की मनाही होती हैं. कहा जाता है कि इन तिथियों पर घर में रोटी बनाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता का आगमन होने के साथ ही माता लक्ष्मी और देवी अन्नपूर्णा माता की नाराजगी का सामना करने के अलावा पितरों का अपमान जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता हैं.
वास्तु के अनुसार किन तिथियों में घर में रोटी बनाना अशुभ माना गया हैं :
1) मकर संक्रांति :
हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता हैं क्योंकि इस दिन सूर्य शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करती हैं और इस दिन खिचड़ी बनाने और खाने का नियम होता हैं. इस दिन पवित्रता और नियमों का पालन करके मनाना चाहिए और भूलकर भी मकर संक्रांति के दिन रोटी नहीं बनाना चाहिए.
2) शीतला अष्टमी :
शीतला अष्टमी के दिन शीतला माता की पूजा किया जाता है और धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता हैं और घर के सभी लोगों को भी यही बासी भोग को खाने के लिए दिया जाता है. यह परंपरा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता बल्कि इसे स्वास्थ्य और परिवार की सुख – समृद्धि के लिए शुभ माना गया हैं इसलिए इस दिन ताजी रोटी बनाने की मनाही होती हैं.
3) नागपंचमी :
धार्मिक मान्यता के अनुसार नागपंचमी के दिन रसोई घर में चूल्हे पर भूलकर भी तवा नहीं रखना चाहिए. माना जाता है कि तवा नाग देवता का प्रतीक होता है और ऐसे में नागपंचमी के दिन तवा पर रोटी बनाया जाएं तो नाग देवता नाराज हो सकते हैं जिसका असर परिवार पर अशुभ पड़ सकता है लेकिन किसी परिस्थिति में इस दिन रोटी बनाना आवश्यक है तो तवा के स्थान पर कड़ाई या फिर पतीले का उपयोग करें जिससे कि घर में खुशहाली, सुख और समृद्धि बनी रहे.
4) शरद पूर्णिमा :
धार्मिक मान्यतानुसार शरद पूर्णिमा के दिन को धन और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी के प्रकट होने का प्रतीक कहलाता हैं और इस दिन खीर और पूरी को बनाना शुभ माना जाता है तो वहीं इस दिन रोटी बनाना अशुभ माना गया हैं. कहा जाता है कि इस तिथि में चांद की रोशनी में रखा हुआ खीर को खाने से घर में सौभाग्य में वृद्धि होने के साथ सुख – समृद्धि का आगमन होता है.
5) दीवाली :
हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व विशेष और बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं और इस दिन लक्ष्मी जी की स्वागत के लिए हलवा,खीर, पूरी और मिठाइयां को बनाना शुभ होता हैं लेकिन अगर इस दिन रोटी बनाई जाती है तो मां लक्ष्मी का स्थिर वास घर में नहीं हो सकता या फिर मां लक्ष्मी नाराज भी हो सकती हैं.
6) घर में किसी की मृत्यु होने पर :
पुराणों के अनुसार घर में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर मृत व्यक्ति की तेरहवीं पूर्ण होने तक घर में भूलकर भी रोटी नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह समय शोक का होने के कारण से घर की ऊर्जा बहुत संवेदनशील रहती है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) तवा किसका प्रतीक माना जाता है ?
नाग देवता.
2) कौन सा दिन मां लक्ष्मी के प्रकट होने का माना जाता है ?
शरद पूर्णिमा.
3) मां शीतला की पूजा में किस तरह का भोग लगाया जाता हैं ?
बासी भोजन का भोग.
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