Maha Shivratri | हिंदू धर्म का सबसे पावन और महत्वपूर्ण पर्व में एक है महाशिवरात्रि,जो कि भगवान शिव की पूजा आराधना के लिए समर्पित माना जाता हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस पावन दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती का विवाह हुआ था और इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की उपासना करता हैं उसके सारे दुःख कष्ट दूर होने के साथ ही जीवन में खुशहाली और सुख – समृद्धि आशीर्वाद मिलता हैं. महाशिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखने के साथ ही मंदिर जाकर शिवलिंग का विधिवत रूप से अभिषेक करते हैं लेकिन इस दिन कुछ विशेष नियम को बताएं गए हैं जिसका पालन करने से भगवान शिव की कृपा के साथ ही आशीर्वाद भी मिलता हैं.
जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन क्या कार्य करने चाहिए :
1) भगवान शिव का अभिषेक करें :
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का रूद्राभिषेक या फिर अभिषेक करें अगर यह संभव नहीं हो रहा है तो पंचामृत अर्पित करना चाहिए. पंचामृत यानि कि दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर से बना मिश्रण. शिवलिंग पर अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का भी जाप करना चाहिए.
2) चार प्रहर की पूजा करना :
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हो सकें तो चार प्रहर की पूजा करें. मान्यता है कि चार प्रहर की पूजा करना फलदायक होता हैं जिसमें पहले प्रहर का अभिषेक दूध से, दूसरे प्रहर का अभिषेक दही से, तीसरे प्रहर का अभिषेक घी से तो वहीं चौथे प्रहर का अभिषेक शहद से करना चाहिए.
3) घर में शिवलिंग की स्थापना करें :
महाशिवरात्रि के पावन दिन घर में शिवलिंग की स्थापना करना बहुत शुभ होता हैं इसके अलावा इस दिन घर में शिवलिंग को लेकर पूजा करना भी अत्यंत फलदायक होता हैं.
4) बेलपत्र वृक्ष के नीचे स्नान करना चाहिए :
शिवपुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र वृक्ष के नीचे स्नान करना पुण्यदायक होने के साथ ही कई जन्मों के पाप से मुक्ति मिलती हैं.
5) रात्रि जागरण करें :
महाशिवरात्रि पर भक्तों को हो सकें तो रात्रि जागरण करना चाहिए और जागरण के दौरान भगवान शिव के भजन और आरती का गान करें.
महाशिवरात्रि पर क्या कार्य नहीं करना चाहिए :
1) काले रंग के वस्त्र को धारण करने से बचें :
महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र को नहीं पहनना चाहिए. माना जाता है कि किसी पर्व त्यौहार में काले रंग को शुभ नहीं माना जाता हैं, हो सकें तो इस दिन लाल, पीले या फिर हरे रंग के वस्त्र को पहनकर पूजा करें.
2) अन्न का सेवन नहीं करें :
महाशिवरात्रि के पावन दिन पर अगर व्रत रख रहे हैं तो इस दिन अन्न के स्थान पर फलाहार या दूध का सेवन करें लेकिन हो सकें तो सूर्यास्त के बाद कुछ भी खाने से बचें.
3) केतकी और चंपा के पुष्प को अर्पित न करें :
धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव और शिवलिंग पर केतकी और चंपा के पुष्प को अर्पित करने से बचना चाहिए क्योंकि इन दोनों पुष्पों को भगवान शिव ने श्राप दिया है और इनको अर्पित करने से भगवान शिव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है.
4) टूटे व कटे – फटे बेलपत्र को अर्पित न करें :
शिवलिंग पर भूलकर भी टूटे, कटे – फटे बेलपत्र को नहीं चढ़ाना चाहिए जबकि शिवलिंग पर तीन पत्ती वाला बेलपत्र इस तरह चढ़ाएं कि बेलपत्र की डंठल अशोक सुंदरी की ओर होना चाहिए.
5) टूटे हुए चावल अर्पित नहीं करें :
भगवान शिव की पूजा में कभी भी टूटे हुए चावल को नहीं अर्पित करना चाहिए. चावल को अक्षत कहा जाता है, अक्षत यानि कि अटूट चावल जो कि पूर्णता का प्रतीक होता है इसलिए हो सकें तो शिवलिंग पर या फिर भगवान शिव को टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाना चाहिए.
6) किसी से वाद – विवाद नहीं करें :
महाशिवरात्रि के दिन किसी से कोई वाद – विवाद नहीं करने के साथ इस दिन मुंह से कोई भी अपशब्द नहीं निकालें इसके अलावा इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और घर में किसी भी तरह के कलह – क्लेश नहीं होना चाहिए.
7) रोली का उपयोग न करें :
भगवान शिव की पूजा में रोली का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि भगवान शिव की पूजा में रोली का उपयोग करने की मनाही होती हैं. रोली की जगह चंदन का इस्तेमाल करना चाहिए.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पंचाग के अनुसार महाशिवरात्रि कब मनाई जाती हैं ?
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि.
2) महाशिवरात्रि के पावन पर्व किनको समर्पित होता हैं ?
भगवान शिव.
3) भगवान शिव की पूजा में किन पुष्पों को अर्पित नहीं करना चाहिए ?
केतकी और चंपा के पुष्प.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


