Chandan | हिंदू धर्म में पूजा अनुष्ठान में कई प्रकार के सामग्रियों का प्रयोग किया जाता हैं जिनमें सिंदूर, चंदन, कुमकुम, हल्दी और रोली को प्रमुख माना जाता है लेकिन चंदन को इन सभी सामग्रियों में महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है क्योंकि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में इसको बहुत ही पवित्र माना जाता है. चंदन का लेप देवी – देवताओं को लगाने के साथ ही शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाया जाता हैं.चंदन लगाने की परंपरा पवित्रता, भक्ति और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक होता है तो चलिए जानते हैं चंदन का प्रयोग पूजा अनुष्ठान में क्यों किया जाता है और इसका महत्व क्या है.
चंदन क्या होता हैं :
चंदन संस्कृत से लिया गया एक शब्द है जिसका अर्थ होता है “वह जो प्रसन्न करता है या प्रसन्न करना”. चंदन एक तरह की सुगन्धित लकड़ी होती हैं जिसको हिंदू धर्म में बेहद शुभ और पवित्र मानी जाती है एवं इसका प्रयोग देवता और भक्तों को तिलक लगाने के लिए किया जाता है. मान्यता है कि पूजा अनुष्ठान के दौरान किसी देवता के मस्तक पर चंदन का तिलक लगाने से उस देवता की दिव्य ऊर्जा को यह आकर्षित करने में सहायक होता है जिससे सकारात्मक ऊर्जा आता हैं.
चंदन के धार्मिक महत्व :
देवताओं के लिए बहुत ही पवित्र अर्पणों में चंदन को माना जाता है जिसकी सुगंध और ताजगी को भक्ति एवं सम्मान का प्रतीक कहा जाता है धार्मिक मान्यता है कि पूजा अनुष्ठान के दौरान चंदन का प्रयोग करने से यह देवी – देवताओं को अपनी ओर आकर्षित करता हैं जिससे कि जातक को पूजा का पूर्ण फल की प्राप्ति होती हैं इसके अलावा चंदन का लेप सकारात्मकता और शांति का भी प्रतीक होता हैं जो कि पूजा और प्रार्थना को अत्यंत असरदार बनाता हैं.
पौराणिक कथानुसार भगवान श्रीराम को चंदन का लेप लगाना प्रिय था तो वहीं भागवत पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के शरीर के ऊपरी हिस्से में कुब्जा नाम की एक कुबड़ी महिला ने चंदन का लेप लगाया था और कहा जाता है कि तभी से श्रीकृष्ण को चंदन का तिलक लगाने की परंपरा शुरू हुई. मान्यता है कि शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाने से शीतलता बनी रहती है और इससे घर में सुख – समृद्धि का आगमन होने के साथ ही कई समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं.
चंदन के आध्यात्मिक महत्व :
चंदन की तासीर ठंडी होने से इसका लेप माथे पर लगाने से गर्मियों से राहत मिलने के साथ ही यह गर्मियों में होने वाली दर्द से भी मुक्त करता हैं यही कारण है कि साधु, संत और महात्मा अपने माथे और बाजुओं पर चंदन का लेप को लगाते हैं और इससे मन शांत रहने के साथ ही तनाव भी दूर होता हैं ऐसी मान्यता है कि चंदन का लेप भगवान और भक्त के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव को गहरा करता हैं.
चंदन को लगाने के स्थान को :
चंदन के तिलक को भौंहों के मध्य यानि कि वह स्थान जो मस्तिष्क के साथ चक्रों को नियंत्रित करता है और यह मनुष्य बुद्धि का केंद्र भी माना जाता है और इस स्थान को तीसरी आंख भी कहा जाता है. चंदन के तिलक को माथे पर इस महत्वपूर्ण क्षेत्र पर लगाने से आज्ञा चक्र या तीसरे चक्र सजीव करता हैं और यह व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक करने में सहायता करता है. चंदन के तिलक को किसी देवताओं के माथे पर लगाने से दाहिनी नाड़ी जागृत हों जाने से देवताओं के दिव्य तत्व आसपास से आकर्षित हो जाते हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) चंदन का शाब्दिक अर्थ क्या होता हैं ?
प्रसन्न करना.
2) चंदन की सुगंध किसका प्रतीक होता हैं ?
भक्ति और सम्मान.
3) चंदन की तासीर कैसी होती हैं ?
ठंडी
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


