Pradeep Mishra | महाराष्ट्र की पावन धरा पुणे में होने जा रही है अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्राजी सीहोर वाले के मुखारविंद से साथ दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य और दिव्य आयोजन 24 फरवरी से 02 मार्च को किया जाएगा और इस कथा को सफल बनाने के लिए आयोजक और समिति की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है क्योंकि गुरुदेव की कथा जहां भी होती हैं भक्तों का जनसैलाब इतनी उमड़ती है जैसे कि महाकुंभ का मेला लगा हो.
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में होने वाली यह श्री शिवमहापुराण कथा साल की पहली कथा है इससे पहले पिछले साल मुंबई में पंडित प्रदीप मिश्राजी के पावन सानिध्य में ऐतिहासिक कथा का आयोजन 24 किया गया था और इस कथा में उम्मीद से ज्यादा शिव भक्तों का आना हुआ. मुंबई को लेकर यह कहा जाता है कि इस महानगरी में हर कोई भाग दौड़ की जीवन में व्यस्त रहता हैं लेकिन मुंबई में चल रही कथा ने यह समझा दिया कि भाग दौड़ वाली रफ्तार वाले जीवन में हर कोई भगवान शंकर के लिए समय निकाल ही लिया क्योंकि उन पर किया गया विश्वास उसे जीवन की हर कठिनाइयों से सामना करने की हिम्मत देता भी है और समस्याओं से छुटकारा भी दिलाता है.
जानते हैं पुणे में होने वाली कथा के बारे में विस्तार से :
परम् पूज्य पंडित प्रदीप मिश्राजी के पावन सानिध्य और मुखारविंद से श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य और दिव्य आयोजन शिरूर, (घोड़ नदी) पुणे में 24 फरवरी से 02 मार्च 2026 को दोपहर 01 बजे से शाम 04 बजे तक किया जाएगा. इस कथा को लेकर समिति मुख्य और आयोजक ने बताया कि कथा से एक दिन पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिलेगा और इस विशाल और दिव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़े – बड़े पंडालों को बनाया जा रहा है जिसमें शिवभक्त आराम और आनंदपूर्ण से शिवमहापुराण कथा का श्रवण कर सकेंगे इसके साथ ही शिव भक्तों के रहने और खाने की बेहतर व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं किया जाएगा जिससे कि किसी भी शिवभक्तों को किसी भी तरह की कोई भी समस्याओं का सामना करना नहीं पड़े.
| कथा | श्री शिव महापुराण कथा |
| कथा वाचक | श्री पंडित प्रदीप मिश्रा |
| कथा की तिथि | 24, फरवरी से 02 मार्च 2026 |
| कथा का समय | दोपहर 01 बजे से 04 बजे तक |
| कथा का स्थान | शिरूर, (घोड़ नदी) पुणे में |
जानते हैं कथा – स्थल कैसे पहुंचे :
आप कथा स्थल शिरूर घोड़ नदी जिला पुणे, महाराष्ट्र आप अपनी सुविधानुसार अपने वाहन से पहुंच सकते हैं वैसे आप पुणे वायुमार्ग, रेलमार्ग और सड़कमार्ग से पहुंच सकते हैं. अगर आप वायुमार्ग से कथा स्थल आना चाहते हैं तो सबसे निकटतम हवाई अड्डा है जगतगुरु संत तुकाराम महाराज, पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जहां से कथा स्थल शिरूर की दूरी 65 km है अगर रेलमार्ग से आना चाहते हैं तो सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन पुणे रेलवे स्टेशन है जो कथा स्थल से 67 km की दूरी पर है और अगर आप सड़कमार्ग से आना चाहते हैं तो पुणे आकर आप कथा स्थल पहुंच सकते हैं आपको पुणे हवाई अड्डा और पुणे रेलवे स्टेशन से कथा स्थल तक आने के लिए आसानी से यसटी बसों का उपयोग कर सकते हैं.
पुणे की इस ऐतिहासिक श्री शिवमहापुराण कथा में शामिल होकर अपने जीवन को सार्थक और सफल बनाएं.
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