Yellow Sapphire | ज्योतिष शास्त्र में मुख्य नौ रत्नों के बारे में उल्लेख किया गया है और इन नौ रत्नों में से एक पुखराज है जिसका संबंध गुरु बृहस्पति से होने के साथ यह सबसे लाभप्रद और शक्तिशाली रत्नों में एक माना जाता है और जिसका चमकीला तेज पीला रंग होने से यह शांति प्रदान करने के साथ ही इसको धारण करने वाले को सकारात्मक के अलावा सशक्त भी बनाता हैं लेकिन पुखराज (Pukhraj) की अद्भुत शक्ति जीवन पर अच्छे और बुरे दोनों तरह का असर डालती हैं क्योंकि इन रत्न को धारण करने के नियम को जाने बिना धारण करने से यह जीवन पर नकारात्मक असर डालती है इसलिए पुखराज को धारण करने से पहले इसके बारे में विस्तार से जानना जरूरी है.
जानते हैं पुखराज को धारण करने के नियम को :
1) पुखराज रत्न के सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए पुखराज को सोने की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की तर्जनी में धारण करना चाहिए.
2) पुखराज को गुरुवार के दिन धारण करने का सबसे शुभ दिन माना गया है लेकिन धारण करने से पहले इसको गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर पवित्र करें.
3) इसके बाद देव गुरु बृहस्पति की पूजा विधि विधान करके “ॐ बृम बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार करें और आखिरी बार मंत्र का जाप करते समय रत्न को धारण करें.
जानते हैं पुखराज को धारण करने के लाभ को :
1) बुद्धि और शिक्षा में उन्नति :
बृहस्पति ग्रह को ज्ञान और शिक्षा का कारक ग्रह माना जाता है यही कारण है कि विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए पुखराज लाभदायक सिद्ध होता हैं. मान्यता है कि इसकी धारण करने वाले की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता बढ़ती है जिससे कि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है.
2) विवाह में आ रही बाधाएं दूर होना :
पुखराज विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए शुभ माना गया है जिनके विवाह होने में देरी हो रही है क्योंकि इनको धारण करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के साथ ही यह दंपत्ति के बीच प्रेम, सामंजस्य और आपसी समझ को बढ़ाने में मदद भी करता है.
3) आर्थिक समृद्धि और धन में वृद्धि होना :
पुखराज धारण करना व्यापारियों, निवेशकों और नौकरी पेशा जातकों के लिए बहुत लाभदायक होता हैं. माना जाता है कि इसकी धारण करने से वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता बढ़ने के साथ ही स्थिरता भी बनी रहती हैं.
4) स्वास्थ्य में सुधार का होना :
पुखराज को धारण करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमताओं बढ़ने के साथ ही यह मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को दूर करने में सहायक होता हैं.
5) आध्यात्मिक तरक्की और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि :
धार्मिक मान्यता है कि पुखराज धारण करने से आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ने के साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के साथ ही यह सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि भी करता हैं.
जानते हैं किन राशियों के लिए पुखराज शुभ होता हैं :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुखराज सभी राशियों के लिए शुभ नहीं माना जाता हैं लेकिन दो राशियों के जातकों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पुखराज सबसे श्रेष्ठ रत्न होता है. धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु होने के कारण से इसको धारण कर सकते हैं क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में इन दोनों राशियों के जातक स्वभाव से बहुत मेहनती के साथ साहसी होने के अलावा इसके भीतर गजब की ऊर्जा होती हैं और ऐसे में इन राशियों के जातकों को पुखराज को धारण करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती हैं क्योंकि यह अपनी शक्ति का इस्तेमाल सही स्थान पर कर सकते हैं लेकिन मेष, कर्क और सिंह राशि के जातक भी विशेष परिस्थितियों में पुखराज को धारण कर सकते हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पुखराज का संबंध किस ग्रह से होता हैं ?
गुरु बृहस्पति.
2) पुखराज किन राशियों के लिए शुभ होता हैं ?
धनु और मीन राशि.
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