Shree Yantra | ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में धन, समृद्धि, सुख – शांति को प्राप्त करने और मां लक्ष्मी की कृपा को प्राप्त करने के लिए श्री यंत्र को सबसे असरदार साधन माना गया हैं क्योंकि श्री यंत्र वैभव और समृद्धि का प्रतीक होता हैं. श्री यंत्र दो शाब्दिक से बना है जिसमें श्री यानि कि “धन” और यंत्र यानि कि “साधन” इसके अलावा यह त्रिभुजों और वृत्तों से बना हुआ एक विशेष प्रकार का पिरामिड के आकार का यंत्र है जो कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित करने का कार्य करती हैं. मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ ही इसको घर में नियमों के साथ स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने के साथ ही घर में धन – समृद्धि का आगमन होता है और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती हैं लेकिन इसको स्थापित करने नियम और विधि को को जानना भी बहुत आवश्यक हैं.
घर में श्री यंत्र को स्थापित करने के नियम :
1) श्री यंत्र को स्थापित के लिए सही स्थान :
वास्तु शास्त्र के अनुसार श्री यंत्र को स्थापित करने का सबसे शुभ स्थान घर का मंदिर या फिर पूजा स्थान होता है लेकिन अगर इन स्थानों पर रखना संभव न हो तो इसे धन रखने के स्थान या फिर तिजोरी में भी रख सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि श्री यंत्र को साफ और पवित्र स्थान पर रखें,धूल मिट्टी या फिर अस्वच्छ स्थान पर इसको स्थापित करने से इसके लाभों में कमी हो सकती हैं इसके अलावा श्री यंत्र को उत्तर – पूर्व (ईशान कोण) दिशा में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है.
2) श्री यंत्र को स्थापित करने का सबसे शुभ दिन :
श्री यंत्र को स्थापित करने का सबसे शुभ और उत्तम दिन शुक्रवार का माना जाता है क्योंकि शुक्रश्री यंत्र को स्थापित करने की विधिवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होने के साथ ही यह शुक्र ग्रह का भी दिन होता है. माना जाता है कि श्री यंत्र को शुक्रवार को सुबह के समय या फिर लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त में स्थापित करना चाहिए इसके अलावा अष्टमी, पूर्णिमा या फिर शुक्रवार को पड़ने वाली कोई शुभ तिथि में भी स्थापित करना शुभ होता है लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि श्री यंत्र को स्थापित करते समय घर में पवित्रता बने रहें.
श्री यंत्र को स्थापित करने की विधि :
1) सबसे पहले श्री यंत्र को कच्चे दूध से धोकर उसे पुनः गंगाजल से अच्छी तरह से धोकर शुद्ध करें.
2) पूजा स्थल को साफ स्वच्छ करके लाल या पीला कपड़ा बिछाएं लेकिन श्री को रखने के लिए लाल कपड़े का इस्तेमाल करें.
3) श्री यंत्र को लाल कपड़े पर स्थापित करते हुए कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें “ॐ श्रीं ह्री क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यौ नमः”
4) अब श्री यंत्र के समक्ष घी के दीपक जलाएं और ताजे फूल, चावल और मिठाई को अर्पित करें.
5) इन सबको करने के बाद अंत में मां लक्ष्मी की आरती उतारें और प्रार्थना करें और श्री यंत्र को स्थापित करने के बाद रोजाना नियमित रूप से इसके समाने दीपक को जलाएं और मंत्र जाप करें.
श्री यंत्र को घर में रखने के लाभ :
1) नकारात्मक ऊर्जा का समाप्त होना :
श्री यंत्र की ज्यामितीय आकर होने से यह अपने आस पास की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं.
2) धन में बढ़ोतरी :
श्री यंत्र को स्थापित करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैं जिससे कि आय के स्त्रोत बढ़ने के साथ ही स्थायी धन की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि श्री यंत्र को घर में स्थापित करने से आर्थिक तंगी दूर होने के साथ ही यह धन संचय में मदद करता है.
3) सौभाग्य और समृद्धि का आगमन :
श्री यंत्र को घर में स्थापित करने से घर में सुख – शांति, वैभव और समृद्धि का आगमन होता हैं.
4) वास्तु दोष को दूर करना :
श्री यंत्र को घर में सही स्थान पर स्थापित करने से घर के वास्तु दोषों के असर को कम करने के साथ ही वास्तु दोष दूर होने में सहायक होता हैं.
5) व्यापार में सफलता मिलना :
श्री यंत्र को दुकान या ऑफिस में स्थापित करने से व्यापार में तरक्की के साथ ही व्यवसाय में वृद्धि होती हैं.
श्री यंत्र के महत्व :
श्री यंत्र में नौ त्रिभुज और कई वृत्त बने होने के कारण से यह जीवन में धन, सुख और वैभव को आकर्षित करता है यही कारण है कि श्री यंत्र को मां लक्ष्मी और ब्रह्मांड की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में श्री यंत्र रखने से यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को संचार करने के साथ ही ही नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता हैं. मान्यता है कि अगर घर में धन की तंगी, आर्थिक परेशानी या फिर घर में अशांति जैसी स्थिति हो तो ऐसे में घर में श्री यंत्र को स्थापित करना बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है क्योंकि यह यंत्र सिर्फ धन में वृद्धि ही नहीं करता बल्कि घर परिवार में शांति और समृद्धि को भी बनाएं रखने में मदद करता है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) श्री यंत्र को घर में किस दिशा में स्थापित करना चाहिए ?
ईशान कोण.
2) श्री यंत्र किसका प्रतीक माना जाता है ?
मां लक्ष्मी और ब्रह्मांड की ऊर्जा का.
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