Vastu Shastra | वास्तु शास्त्र के अनुसार जल एक ऐसा स्त्रोत है जो कि घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायता करता है तो वहीं घर के मुख्य द्वार पर जल से भरा कलश को रखने से घर में सुख – समृद्धि का आगमन होने के साथ नकारात्मक शक्तियों का नाश होने के अलावा व्यक्ति के जीवन में सफलता के द्वार भी खुलते हैं तो चलिए जानते हैं घर के मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने के लाभ और नियम को विस्तार से.
जानते हैं घर के मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने के लाभ को :
1) घर में सुख – सौभाग्य का आगमन होना :
कलश में रखा जल धन और संपन्नता का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे में घर में मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने से घर में धन और संपन्नता के साथ मां लक्ष्मी का आगमन होने के अलावा सौभाग्य में वृद्धि होने से घर में सुख – समृद्धि बनी रहती हैं.
2) सकारात्मक ऊर्जा का संचार :
वास्तु शास्त्र में जल को एक ऐसा स्त्रोत माना गया है जो कि घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने के साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को भी खत्म करना है. मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर जल कलश रखने पर बुरी शक्तियों घर के अंदर प्रवेश नहीं करने से केवल सकारात्मक ऊर्जा ही घर में प्रवेश करती हैं.
3) स्वास्थ्य में लाभदायक होना :
घर के मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने से स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ किसी भी तरह की मानसिक तनाव जो कि परेशान करता हो उससे भी मुक्ति मिलती हैं.
4) प्रदूषण को कम करना :
वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर जल से भरा कलश रखने से यह प्रदूषण को अवशोषित करके हवा को शुद्ध करने में सहायक होता है जिससे कि श्वास संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती हैं.
5) वास्तु दोषों से मुक्ति पाना :
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने से घर के मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु दोषों से मुक्ति मिलने के साथ ही घर के वातावरण को पवित्र करने में सहायता करता है.
घर के मुख्य द्वार पर जल का कलश रखने के नियम :
1) मुख्य द्वार पर रखने के लिए उचित पात्र का ही इस्तेमाल करें. माना जाता है तांबा या फिर पीतल का पात्र मुख्य द्वार पर जल रखने के लिए शुभ होता हैं.
2) मुख्य द्वार पर रखे जल के कलश के जल को नियमित रूप से रोजाना बदलने के साथ ही पात्र को भी साफ रखना चाहिए.
3) घर के मुख्य द्वार पर जल के कलश को रखने से पहले ध्यान रखें कि कलश सीधी धूप के संपर्क में नहीं रहे.
4) जल से भरे कलश को मुख्य द्वार के ऐसे स्थान पर रखें जहां पर किसी के पैर कलश को नहीं लगे और ना ही घर का सदस्य या फिर घर आएं मेहमान अपने चप्पल कलश के पास उतारें.
5) घर में मुख्य द्वार पर जहां कलश रखें वहां पर साफ – सफाई का ध्यान रखने के साथ ही अपने आंगन को भी साफ – स्वच्छ रखें.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) घर के मुख्य द्वार पर रखे जल से भरे कलश कौन सा पात्र शुभ होता हैं ?
तांबा या फिर पीतल.
2) मुख्य द्वार पर रखा हुआ कलश का जल किसका प्रतिनिधित्व करता हैं ?
धन और संपन्नता.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


