Ardra Nakshatra 2026 | बिहार के मिथिला प्रांत में लोक संस्कृति से जुड़े कई सारे पर्व – त्यौहार होते हैं जो कि अद्भुत होने के साथ – साथ प्रसिद्ध भी होते हैं और इन्हीं में एक है आर्द्रा नक्षत्र जो कि मानसून की शुरुआत यानि कि जब चिलचिलाती गर्मी के बाद ठंडी हवाएं चलने के साथ ही रिमझिम बारिश भी होती हैं और धरती की प्यास भी बुझती हैं. इसी ऋतु में इस प्रान्त के किसान धान की रोपाई भी किया करते है और इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत है आम और खीर का भोज यही कारण है कि यह पर्व केवल मौसम परिवर्तन का संकेत ही नहीं होता बल्कि परंपरा, खेती, संस्कृति और स्वाद का एक अद्भुत संगम भी होता हैं जिसको हर घर मे बहुत ही हर्षौल्लास से मनाया जाता हैं.
जानें मिथिला प्रांत में आर्द्रा नक्षत्र 2026 में कब से शुरू होंगे :
साल 2026 में आर्द्रा नक्षत्र 22 जून 2026 दिन सोमवार से लेकर 09 जुलाई 2026 दिन गुरुवार तक.
जानें आर्द्रा नक्षत्र पर्व के बारे में विस्तार से :
आर्द्रा नक्षत्र जिसे मिथिला के स्थानीय भाषा में ” अदरा नक्षत्र ” कहा जाता है और यह मूसलाधार वर्षा का संकेत दिया करती हैं तो वहीं आर्द्रा नक्षत्र को ” जीवनदायिनी ” भी माना गया है क्योंकि यही वह समय होता हैं जब खेतों में धान की रोपाई के लिए जमीन तैयार होती हैं. कहा जाता है कि यह नक्षत्र बहुत अधिक बारिश देने वाला है और जमीन जितनी बारिश से भीगेगा, उतना ही अच्छी फसल यानि कि धान उगेगी. इसको लेकर एक कहावत भी प्रचलित है कि ” जब आयेगा अदरा, तब लगेगा बदरा ” यही कारण है कि अदरा की बारिश को धान की खेती के लिए अमृत के तुल्य माना जाता है और यह किसानों के लिए प्रकृति का बुलावा होता हैं जिससे किसान खेती के नए चक्र की शुरुआत किया करते हैं.
जानें आर्द्रा नक्षत्र में आम और खीर क्यों खाया जाता है :
मिथिला प्रांत में आर्द्रा नक्षत्र में लगभग हर प्रकार के आम पक जाते है और इस समय बिहार के साथ मिथिलांचल के कई गांवों में कुलदेवी की पूजा अर्चना में आम और खीर को चढ़ाने के बाद दूसरों को भी खिलाया जाता हैं और आम प्रायः उन लोगों को खिलाये जाने की परंपरा है जिनके पास आम के पेड़ नहीं होते है जिससे कि फलों का राजा आम का स्वाद हर किसी को मिले. आर्द्रा नक्षत्र में खीर खाने के पीछे एक और प्रचलित मान्यता है कि आर्द्रा नक्षत्र से पहले मृगशिरा नक्षत्र पड़ता हैं और यह नक्षत्र साँपों के प्रजनन के लिए अनुकूल होने से इस नक्षत्र में जन्मे सांप आर्द्रा नक्षत्र तक बड़े होने के साथ ही संख्या में बढ़ भी जाता हैं. कहा जाता है कि सांप विशेषकर सबसे विषैला सांप यानि कि नाग का खीर पसंदीदा भोजन होता है और मान्यता है कि जो कोई आर्द्रा नक्षत्र के पहले चरण में खीर को खाता है उसे अगर पूरे साल में कभी भी सांप काट भी लें तो उसका विष असर नहीं करता जिससे कि उसकी जान नहीं जाती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) आर्द्रा नक्षत्र किस प्रांत से जुड़ा लोकपर्व है ?
बिहार के मिथिला प्रांत.
2) आर्द्रा नक्षत्र की सबसे बड़ी खासियत क्या होती हैं ?
आम और खीर का भोजन.
3) साल 2026 में आर्द्रा नक्षत्र कब से कब तक रहेगा ?
22 जून 2026 से 09 जुलाई 2026 तक.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


