Durga Puja 2026 | हिंदू त्यौहारों में से एक महत्वपूर्ण त्यौहार है दुर्गा पूजा जिसे दुर्गोत्सव भी कहा जाता हैं जो कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होता हैं और पंचाग के अनुसार दुर्गा पूजा अश्विन माह के शुक्ल पक्ष के छठे से दसवें दिन तक मनाई जाती हैं. यह त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है विशेष रूप से दुर्गा पूजा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में मनाया जाता हैं जिसमें जगह – जगह पर दुर्गा पंडाल बनाकर दुर्गा माता की मूर्ति को स्थापित करके उनकी पूजा किया जाता हैं. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ही दुर्गा माता ने महिषासुर असुर का वध किया था यही कारण है कि दुर्गा पूजा का त्यौहार शक्ति प्राप्त करने के उद्देश्य से मनाया जाता है जिससे कि बुराइयों का अंत किया जा सकें इसलिए यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई का जीत माना गया है.
जानें कब है दुर्गा पूजा 2026 में और क्या है शुभ मुहूर्त :
पंचाग के अनुसार दुर्गा पुजा है हर साल शारदीय नवरात्रि के नौ शुभ दिनों के छठे दिन यानि कि षष्ठी तिथि से शुरू होकर दसवें दिन दुर्गा विसर्जन के साथ समाप्त होता है और साल 2026 में दुर्गा पूजा की शुरुआत 16 अक्टूबर 2026 दिन शुक्रवार से लेकर 20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार तक रहेगा.
आइए जानते हैं दुर्गा पूजा की तिथियां और शुभ मुहूर्त को : –
1) दुर्गा पूजा पहला दिन (महाषष्ठी) :
16 अक्टूबर 2026 दिन शुक्रवार षष्ठी तिथि (बेल निमंत्रण, अकाल बोधन और आमंत्रण )
बिल्व निमंत्रण मुहूर्त : दोपहर 03 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम के 06 बजे तक.
2) दुर्गा पूजा दूसरा दिन (सप्तमी) :
17 अक्टूबर 2026 दिन शनिवार सप्तमी तिथि (नवपत्रिका पूजा )
3) दुर्गा पूजा तीसरा दिन (महाष्टमी) :
18 अक्टूबर 2026 दिन रविवार अष्टमी तिथि (संधि पूजा, अष्टमी कुमारी पूजा रँगखिलता)
अष्टमी तिथि की शुरुआत होगी 18 अक्टूबर 2026 दिन रविवार की सुबह 08 बजकर 27 मिनट से लेकर 19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार की सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक.
महाष्टमी पूजा मुहुर्त : 19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार की सुबह 06 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह की 10 बजकर 51 मिनट तक.
संधि पूजा का मुहूर्त : 19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार की सुबह 10 बजकर 27 मिनट से लेकर सुबह के 11 बजकर 15 मिनट तक.
4) दुर्गा पूजा चौथा दिन (नवमी) :
20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार नवमी तिथि (महानवमी. दुर्गा बलिदान).
नवमी तिथि की शुरुआत होगी 19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार की सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक.
महानवमी पूजा मुहूर्त : 20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार की सुबह 07 बजकर 46 मिनट से लेकर सुबह के 10 बजकर 04 मिनट तक.
5) दुर्गा पूजा पांचवा दिन (दशमी) :
20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार दशमी तिथि ( दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी और सिंदूर उत्सव ).
दुर्गा विसर्जन मुहूर्त : 20 अक्टूबर 2026 की सुबह 07 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 44 मिनट तक.
दुर्गा पूजा अनुष्ठान विधि :
1) दुर्गा पूजा के शुभ दिनों में देवी दुर्गा के एक स्वरूप महिषासुरमर्दिनी की पूजा आराधना किया जाता हैं और इस अनुष्ठान के दौरान देवी दुर्गा माँ को पुजारी प्रार्थना, पुष्प, फल और मिठाइयां भेंट करते हैं.
2) दुर्गा पूजा में पुष्पांजलि सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है जिसमें अनुयायी पवित्र श्लोकों का पाठ करते हुए देवी को पुष्प भेंट किया जाता हैं इसके अलावा कई परिवार देवी दुर्गा की आरती करके इनका सम्मान करने के साथ ही उनके सामने दीप भी जलाते हैं.
3) दुर्गा पूजा के अनुष्ठानों में से एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान संधि पूजा होती हैं जो कि अष्टमी और नवमी तिथि के मध्य किया जाता हैं.
4) अनुष्ठान और पूजा अर्चना के दौरान भक्तगण कई तरह के व्यंजनों को बनाकर देवी दुर्गा, देवी लक्ष्मी, सरस्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय सहित कई देवताओं को भोग प्रसाद अर्पित करते हैं.
5) दुर्गा पूजा के अंतिम दिन यानि कि दुर्गा विसर्जन के दिन विवाहित महिलाएं सिंदूर खेला करती हैं जिसमें सबसे पहले देवी दुर्गा को सिंदूर चढ़ाया जाता है इसके पश्चात महिलाएं अन्य विवाहित महिलाओं को सिंदूर लगाती हैं और फिर बुजुर्ग महिलाएं उन्हें लंबी और सफल जीवन का आशीर्वाद देती हैं.
दुर्गा पूजा में क्या कार्य नहीं करना चाहिए :
धार्मिक मान्यता के अनुसार देवी दुर्गा की पूजा में कुछ ऐसे कार्य हैं जो भूलकर भी दुर्गा पूजा के दौरान नहीं करना चाहिए :
1) देवी दुर्गा माँ की पूजा आराधना के दौरान मंत्रों का जाप करते समय ना ही अपने शरीर को हिलाना चाहिए और ना ही मंत्रों का जाप गा – गा कर करना चाहिए.
2) नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दिनों में अपनी माँ और माँ के उम्र की महिलाओं का भूलकर भी अपमान नही करें और ना ही किसी के साथ छल, कपट और अपशब्दो का इस्तेमाल ही करें.
3) नवरात्रि के दिनों में भोजन में लहसुन और प्याज का भूलकर भी इस्तेमाल ना करें और व्रत करने वाले को बाल – दाड़ी भी नहीं कटवाना चाहिए.
4) नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा की पूजा करने के तुरंत बाद भोजन नहीं करना चाहिए.
5) नवरात्रि के पावन दिन व्रत करने वाले दुर्गा माँ की पूजा में भूलकर भी गंदे कपड़े नहीं पहनने चाहिए और ना ही किसी को अपशब्द बोलना चाहिए और ना ही किसी से लड़ाई झगड़ा ही करना चाहिए.
6) दुर्गा पूजा में देवी दुर्गा माँ की पूजा करते समय अपने मन और विचारों को पवित्र और शुद्ध बनाएं रखना चाहिए.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पंचाग के अनुसार दुर्गा पूजा कब मनाई जाती हैं ?
शारदीय नवरात्रि के षष्ठी तिथि से लेकर दशमी तिथि तक.
2) दुर्गा पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान क्या होता हैं ?
पुष्पांजलि.
3) साल 2026 में दुर्गा पूजा कब से शुरू होगा ?
16 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


