Mahabharata | महाभारत के युद्ध में कौरव-पांडव के अलावा एक और महत्वपूर्ण पात्र था कर्ण. कर्ण माता कुंती के सबसे ज्येष्ठ पुत्र थे जिनको सदैव शिकायत रहती थी कि उसके साथ बहुत ही अन्याय हुआ है. कर्ण जानता था कि वो कुंती पुत्र है फिर भी वह दुर्योधन की तरफ रहता और इसके ही पक्ष में युद्ध भी लड़ा था. महाभारत में ऐसे कई उल्लेख में मिलता है कि उसने अर्जुन को मारने का प्रण लिया था, वैसे कौरवों के दुश्मन तो सारे पांडव थे लेकिन कर्ण निजी तौर पर अर्जुन को बिल्कुल पसंद नहीं किया करते थे यहां तक की युद्ध के मैदान में हमेशा अर्जुन ही कर्ण के निशाने पर रहता था ना कि बाकी पांडव.
क्यों, कर्ण पांचों पांडवों में केवल अर्जुन को ही क्यों मारना चाहता था?
कर्ण और अर्जुन की दुश्मनी के पीछे यह मुख्य कारण है जिसके कारण से कर्ण केवल अर्जुन को ही मारना चाहता था :
1) ईर्ष्या – जलन का होना :
कर्ण बहुत ही पराक्रम और प्रतापी थे, यहां तक कि उनमें पांचों पांडवों से अधिक पराक्रम और युद्ध कुशलता थी फिर भी हर कोई अर्जुन को ही सबसे बड़ा वीर धनुर्धर मानता था. यही बात कर्ण को सदैव खलती थी और यही कारण अर्जुन के प्रति ईर्ष्या और जलन की भावना कर्ण में होती रहती थी.
2) गुरुजनों का प्रिय होना :
कर्ण प्रतिभावान होने के बावजूद भी इनको कोई भी गुरु अपना ना शिष्य बनाना चाहता था और ना ही कोई इनको शिक्षा भी देना चाहता था लेकिन इसके विपरीत अर्जुन सदैव गुरुओं का प्रिय होने के कारण से हर कोई गुरूजन इनको शिक्षा देने को आतुर रहते थे.
3) मित्र के प्रति निष्ठावान होना :
कर्ण को दुर्योधन उस समय सम्मान देकर अंग देश का राजा बनाया था जब कर्ण को पूरी दुनिया ने सूतपुत्र कहकर अपमान करके ठुकरा दिया था. दुर्योधन हमेशा पांडवों से द्वेष की भावना रखता था और अर्जुन ही पांडवों की सबसे बड़ी ताकत था और ऐसे में अपने मित्र दुर्योधन के प्रति निष्ठा की भावना को रखते हुए युद्ध में कौरवों को जीताने के लिए अर्जुन ही सबसे पहले कर्ण के निशाने पर रहा.
4) द्रौपदी का ताना मारना :
कर्ण को सूतपुत्र कहकर द्रौपदी ने अपने ही स्वयंवर अपमानित किया था और अर्जुन ने स्वयंवर को जीतकर द्रौपदी से विवाह किया था और यह घटना भी कर्ण के लिए बहुत ही अपमानजनक रहा.
5) कुंती को वचन देना :
कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में पांडवों में केवल अर्जुन ही कर्ण के निशाने पर होने के पीछे एक कारण यह भी था कि अपनी मां कुंती को कर्ण ने वचन दिया था कि उनके पांच पुत्र हर स्थिति में जीवित रहेंगे. दरअसल युद्ध शुरू होने से पहले कर्ण को कुंती ने कहा था कि वह पांडवों को नहीं मारे इस पर कर्ण ने कुंती को वचन दिया था कि वह अर्जुन के अलावा किसी अन्य पांडव को नहीं मारेगा, जिससे कि कुंती के पास हर स्थिति में पांच पुत्र जीवित रहेंगे.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
कर्ण किनके पुत्र थे ?
कुंती.
कर्ण को दुर्योधन ने किस देश का राजा बनाया था ?
अंग देश.
पांचों पांडवों में से किसे कर्ण मारना चाहता था ?
अर्जुन.
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