Vastu | वास्तु शास्त्र में पितरों की तस्वीरें को लगाने के कुछ विशेष नियमों को बताया गया है जिसका पालन करना आवश्यक होता हैं और अगर इन नियमों को अनदेखी किया जाए तो इसका असर परिवार के सदस्यों की तरक्की पर पड़ता है जिससे कि घर में मानसिक तनाव, आर्थिक समस्याएं और पारिवारिक कलह – क्लेश जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं लेकिन सही दिशा और उचित स्थान में पितरों (Pitra) की तस्वीर को घर में लगाने से घर से नकारात्मकता दूर होने के साथ ही सकारात्मकता बनती है जिसका असर परिवार के सदस्यों की उन्नति पर सकारात्मक पड़ता हैं.
वास्तु के अनुसार घर में पितरों की तस्वीर को लगाने के नियम :
1) सही दिशा :
वास्तु शास्त्र के अनुसार पितरों की तस्वीर को सदैव घर के मुख्य हॉल या फिर बैठक कमरे की दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना गया है क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा कहलाती है. मान्यता है कि दक्षिण दिशा की दीवार में पितरों की तस्वीर को लगाने से पितरों का आशीर्वाद और कृपा बनी रहती हैं.
2) गलत दिशा और स्थान :
वास्तु के अनुसार घर की इस दिशा और स्थान पर पितरों की तस्वीर भूलकर भी नहीं लगानी चाहिए :
पूजा घर :
वास्तु के अनुसार भूलकर भी पितरों की तस्वीर को देवी – देवताओं मूर्तियों के साथ या फिर पूजा घर में नहीं लगानी चाहिए क्योंकि माना जाता है कि इससे घर में अशांति फैलती हैं.
जीवित सदस्यों के साथ :
वास्तु के अनुसार कभी भी पितरों की तस्वीर को घर के किसी जीवित सदस्य के साथ नहीं लगानी चाहिए. मान्यता है कि इससे नकारात्मकता असर पड़ने के साथ ही जीवित सदस्य की आयु प्रभावित होने के अलावा उसको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं.
खंडित तस्वीर :
पितरों की तस्वीर कितनी ही पुरानी हो लेकिन तस्वीर खंडित यानि कि फटी हुई नहीं होनी चाहिए बल्कि पितरों की तस्वीर को अच्छे से फ्रेम करवाकर उसे माला पहनाएं. ध्यान रखें कि पहनाई गई पितरों की माला साफ हो, टूटी या फिर खराब माला पितरों की तस्वीर पर नहीं पहनाएं.
बेडरूम और किचन :
वास्तु के अनुसार पितरों की तस्वीर को घर के बेडरुम में या किचन में भूलकर भी नहीं लगानी चाहिए. मान्यता है कि इन स्थानों पर पितरों की तस्वीर को लगाना उनके अपमान के समान माना जाता है जिसका असर घर के खुशनुमा वातावरण पर पड़ता हैं जिससे कि गृह क्लेश बढ़ने लगते हैं.
मुख्य द्वार :
पितरों की तस्वीर को ऐसे स्थान पर नहीं लगाना चाहिए जहां आते – जाते घर के सदस्यों और मेहमानों की नजर पड़े, जैसे कि घर का मुख्य द्वार या फिर लिविंग रूम की दीवार. मान्यता है कि इन स्थानों पर पितरों की तस्वीर लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है जिसका असर घर की खुशहाली पर पड़ने के साथ ही घर में आर्थिक संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं.
लटकती तस्वीर :
वास्तु के अनुसार पितरों की तस्वीर को कभी भी घर की किसी दीवार पर लटकाकर नहीं लगाना चाहिए. मान्यता है कि पितरों की तस्वीर को दीवार पर लटकाकर रखने से वास्तु दोष पैदा होने के साथ घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता हैं.
घर के मध्य स्थान :
वास्तु के अनुसार पितरों की तस्वीर को घर के मध्य स्थान पर नहीं लगाना चाहिए. मान्यता है कि पितरों की तस्वीर को घर के बीचों – बीच लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने के साथ ही घर के सदस्य के मान – सम्मान में कमी होने के अलावा घर में कई तरह की समस्याओं का आगमन हो सकता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पितरों की तस्वीर को घर की किस दिशा में लगाना शुभ होता है ?
दक्षिण दिशा.
2) पितरों की तस्वीर को बेडरूम या किचन में लगाने से क्या होता है ?
गृहक्लेश जैसी समस्याएं.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


