Pradeep Mishra | उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि उन्नाव में गूंजने वाली है पंडित प्रदीप मिश्राजी सीहोर वाले के मुखारविंद से सात दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा 30 अक्टूबर से 05 नवंबर 2026 को. इस कथा को सफल बनाने के लिए आयोजक स्वयं ग्रामीणों के आवासों पर जाकर श्रद्धालुओं को भगवान शिव महिमा का श्रवण करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं तो वहीं कथा स्थल को श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारी जोर – शोर से चल रही हैं.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का उन्नाव शहर जो कि गंगा ओर सई नदी के मध्य बसा अपनी ऐतिहासिक धरोहर और पौराणिक मान्यता से जानी जाती है. इस शहर के बारे में ऐसी पौराणिक मान्यता है कि यही गंगा नदी के किनारे महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना किया था इसके अलावा यहां भगवान शिव के बहुत ही प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं जिनमें श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोकुल बाबा मंदिर, झंडेश्वर महादेव मंदिर और रत्नेश नीलकंड महादेव मंदिर है और इन सभी में रत्नेश नीलकंड महादेव मंदिर की विशेषताएं अनोखी है क्योंकि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग बेशकीमती नीलम और स्फटिक से बना है तो वहीं भगवान गणेश की मूर्ति पन्ना की है.
जानते हैं उन्नाव में होने वाली कथा के बारे में विस्तार से :
परम् पूज्य पंडित प्रदीप मिश्राजी के पावन सानिध्य और मुखारविंद से श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य और दिव्य आयोजन 30 अक्टूबर 2026 से लेकर 05 नवंबर 2026 को बीघापुर विधानसभा, यशवंत नगर, उन्नाव (उत्तर प्रदेश) में दोपहर 01 बजे से लेकर शाम के 04 बजे के बीच किया जाएगा. इस ऐतिहासिक कथा के मुख्य आयोजक जिला सरकारी बैंक अध्यक्ष श्री अरुण सिंह जी हैं और उन्होंने इस कथा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कथा के दिन ही भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी यानि कि 30 अक्टूबर को सुबह 07 बजे से गोदावलेश्वर मंदिर से कथा स्थल तक आएगी और कथा के बारे में आगे में बताया कि स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था किया गया है जैसे कि उनके रहने और खाने की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं के साथ ही सामाजिक तथ्यों पर कैमरे से निगरानी रखने के अलावा पुलिस प्रशासन की सहायता हमेशा शिव भक्तों के लिए तत्पर रहेगी.
जानते हैं कथा स्थल कैसे पहुंचे :
आप कथा स्थल बीघापुर विधानसभा, यशवंत नगर, उन्नाव आप अपनी सुविधानुसार अपने वाहन से पहुंच सकते हैं. अगर आप वायुमार्ग से आना चाहते हैं तो आपको चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लखनऊ आना होगा जहां से कथा स्थल की दूरी मात्र 75 km है और अगर रेलमार्ग से आना चाहते हैं तो कथा स्थल से सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बीघापुर रेलवे स्टेशन है जहां से कथा स्थल की दूरी मात्र 06 km है लेकिन अगर आप सड़कमार्ग से कथा स्थल आना चाहते हैं तो आपको यशवंत नगर बस स्टैंड आना होगा जहां से कथा स्थल की दूरी 29 km हैं. आपको एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से कथा स्थल आने के लिए आसानी से वाहन मिल जाएगा.
आइए जहां सूर्य की किरणें पहले पहुंचती है उसी उन्नाव शहर के भव्य शिव महापुराण कथा में शामिल होकर और रत्नेश नीलकंड महादेव का दर्शन करके अपने जीवन को सार्थक बनाएं.
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