Shri Lakshmi Suktam | धन प्राप्ति के लिए हर कोई कड़ी मेहनत करने के साथ कई तरह के उपायों को भी करता है जिससे कि मां लक्ष्मी की विशेष कृपा को प्राप्त किया जा सके. मां लक्ष्मी की कृपा और प्रसन्नता के लिए विभिन्न उपायों, मंत्रों और चालीसा का पाठ किया जाता है लेकिन इन सभी तमाम उपायों में श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ सर्वोतम श्रेष्ठ माना जाता है जिनको एक बार पाठ करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन, वैभव और एश्वर्य का आशीर्वाद दिया करती हैं लेकिन श्री लक्ष्मी सूक्त को पढ़ने के नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता जिससे कि इसका पूर्ण लाभ मिल सकें.
जानते हैं श्री लक्ष्मी सूक्त के बारे में :
श्री लक्ष्मी सूक्त वह मंत्र हैं जो मां लक्ष्मी की आराधना के लिए किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार संस्कृत में मां लक्ष्मी को ” श्री ” कहा जाता है अर्थात ” सभी शुभ गुणों का अवतार ” और इसको पवित्र हिंदू ग्रंथ ऋग्वेद से लिया गया है जिसमें मां लक्ष्मी को प्रसन्नता और कृपा को प्राप्त करने के 16 श्लोक दिए गए हैं.
मान्यता है कि ऋग्वेद में दिए गए श्री लक्ष्मी सूक्त का श्रद्धा भाव से कोई भी करता हैं तो उसको साथ जन्मों तक दरिद्रता व गरीबी का सामना करना नहीं पड़ता हैं.
जानते हैं श्री लक्ष्मी सूक्त को पढ़ने के नियम को :
1) श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ रोजाना करना लाभदायक सिद्ध होता है लेकिन किसी कारण रोजाना करना संभव नहीं हो रहा है तो मां लक्ष्मी का समर्पित शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अवश्य करना चाहिए.
2) सुबह स्नानादि करके पीले या फिर सफेद रंग के वस्त्र को धारण करें और पाठ करने के लिए लाल या गुलाबी रंग के आसन का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है.
3) भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करके इनके समक्ष शुद्ध घी का दीपक को जलाएं और इसके बाद लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें.
4) लक्ष्मी सूक्त का पाठ करते समय मां लक्ष्मी को कमल का फूल या सुगन्धित इत्र को अर्पित करें.
5) श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने के बाद मां लक्ष्मी की आरती करें और भूल – चूक के लिए माफी मांग लें.
जानते हैं श्री लक्ष्मी सूक्त पढ़ने के फायदे को :
1) नकारात्मक ऊर्जा का दूर होना :
श्री लक्ष्मी सूक्त को नियमित रूप से पढ़ने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
2) दरिद्रता का अंत :
श्री लक्ष्मी सूक्त को पढ़ने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने से घर से दरिद्रता, रोग और कलह – क्लेश दूर होती हैं.
3) धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति :
श्री लक्ष्मी सूक्त को पढ़ने से आर्थिक तंगी दूर होने के साथ ही अटके हुए धन की प्राप्ति होने के अलावा समाज में मान – सम्मान और प्रतिष्ठा भी मिलती हैं.
4) सुख – समृद्धि में वृद्धि :
श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने से सुख – समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होने के साथ ही स्वास्थ्य और आनंद की भी प्राप्ति होती हैं.
5) स्थायी लक्ष्मी का वास :
श्री लक्ष्मी सूक्त का नियमित पाठ करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा स्थायी रूप से बना रहता हैं.
उम्मीद है कि आपको श्री लक्ष्मी सूक्त से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों को शेयर करें और ऐसे ही अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) श्री लक्ष्मी सूक्त किस ग्रंथ से लिया गया हैं ?
ऋग्वेद
2) श्री लक्ष्मी सूक्त को ओर किस नाम से जाना जाता हैं ?
श्री सूक्त.
Disclaimer : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


