Shani Upay | हिंदू धर्म में शनि देव को ग्रहों का न्यायाधीश कहा जाता है जो कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल दिया करते हैं तो वहीं शनि जयंती का पर्व बहुत महत्वपूर्ण होता है. मान्यतानुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती हैं और यह दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए बहुत शुभ और विशेष होता हैं क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में शनि जयंती के महत्व को बताने के साथ कुछ विशेष उपायों को भी बताया गया है जिसको करने से कुंडली से जुड़े शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलने के साथ ही कुंडली में शनि की स्थिति भी मजबूत होती हैं.
जानते हैं शनि जयंती पर किए गए उपायों को :
1) कुंडली से शनि दोष को दूर करने के लिए उपाय :
शनि जयंती के दिन काले कपड़े में कपूर को बांधकर घर की छत के दरवाजे पर टांगकर उसे सूर्यास्त होने के बाद इसे जला दें लेकिन ध्यान रखें कि इस पर किसी की नजर नहीं पड़ें मान्यता है कि इससे राहु का बुरा प्रभाव समाप्त होने के साथ ही कुंडली से शनि दोष भी दूर होता हैं. शनि जयंती पर काले वस्त्र, छाता, लोहे की चीजें,तिल, तेल, अन्न का दान करने और इस दिन किसी दिव्यांग या फिर मजदूर को नहीं सताने से भी कुंडली से शनि दोष को दूर किया जा सकता हैं.
2) शनि के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए उपाय :
धार्मिक मान्यतानुसार शनि से संबंधित कष्टों को दूर करने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा का सात बार पाठ या फिर शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए इसके अलावा शनि कष्टों से मुक्ति के लिए सात प्रकार के एक – एक किलो अनाज, आधा किलो काले तिल, आधा किलो काले चने और कुछ लोहे की कील को नीले या फिर काले कपड़े में बांधकर शनिदेव के मंदिर में रख दें.
3) साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए उपाय :
साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए शनि जयंती पर शनि स्त्रोत, शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप करने के साथ ही इस दिन विधि विधान से शनिदेव की पूजा करें और छाया का दान करें और हो सकें तो इस दिन काले तिल, सरसों तेल, काले जूते, काले कपड़े, छाते और काले चने का दान करना चाहिए मान्यता है कि इससे शनि देव की कृपा व प्रसन्नता प्राप्त होने के साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या का अशुभ असर में कमी आती हैं.
4) जीवन में उन्नति पाने के लिए उपाय :
मान्यता है कि शनिदेव को उड़द दाल के लड्डू अति प्रिय हैं इसलिए शनि जयंती पर शनिदेव को उड़द दाल के लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद को वितरण करें. माना जाता है कि इस उपाय को करने से शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होने से जीवन में उन्नति मिलती हैं.
5) कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत करने के लिए उपाय :
शनि जयंती से शुरुआत करके लगातार सात शनिवार तक आटे में काले तिल और शक्कर को मिलाकर चींटियों को खिलाएं और काले उड़द दाल को पीसकर इसके गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं इसके अलावा काले चने और केला बंदर और कुत्तों को खिलाएं मान्यता है कि इससे कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होने के साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती हैं.
6) पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय :
धार्मिक मान्यतानुसार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन (शनि जयंती) को सूर्योदय के समय किसी पवित्र नदी में स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य दें और बहते हुए जल में काले तिल को प्रवाहित करें इसके साथ ही इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंड दान करें, मान्यता है कि इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिलती हैं जिससे कि जीवन में सुख – समृद्धि का आगमन होता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) शनि जयंती कब मनाई जाती हैं ?
ज्येष्ठ माह की अमावस्या को.
2) साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए किसका का दान करना चाहिए ?
काले तिल, सरसों तेल, काले जूते, काले कपड़े, छाते और काले चने.
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