Pradeep Mishra | उत्तर प्रदेश की पवित्र धरा पर एक बार फिर होने जा रही है पंडित प्रदीप मिश्राजी सीहोर वाले के पावन सानिध्य में सात दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा झांसी में 04 दिसंबर से 10 दिसंबर 2026 तक. इस ऐतिहासिक कथा की सबसे बड़ी खासियत है इस कथा के साथ ही विशाल पार्थिव शिवलिंग का निर्माण जो कि आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा तो वहीं आयोजकों के अनुसार इस भव्य कथा का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ भारतीय धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन के महत्व को जन – जन तक पहुंचाना हैं.
आपको बता दें कि झांसी शहर कई प्रसिद्ध और प्राचीन शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है जिसमें प्रमुख हज़ारिया महादेव है इसके बारे में मान्यता है कि इस मंदिर के मुख्य शिवलिंग में 1,000 से 1,100 छोटे – छोटे शिवलिंग बने हैं और इस एक शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से 1,000 या 1,100 शिवलिंगों पर जल अर्पित करने का पुण्य मिलता है तो वहीं प्राचीन मंदिर में सिद्धेश्वर मंदिर भी बहुत ही सिद्ध है जहां शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है और ऐसी मान्यता है कि जब क्षेत्र में सुखा पड़ जाए बारिश नहीं हो रही है तो शिवलिंग को पानी में डूबा दिया जाता है जिससे कि अच्छी बारिश हो सकें.
जानते हैं झांसी में होने वाली कथा के बारे में विस्तार से :
परम् पूज्य पंडित प्रदीप मिश्राजी के पावन सानिध्य और मुखारविंद से श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य और दिव्य आयोजन इनामी ग्राउंड, बूढ़ा गांव के पास, कानपुर बाईपास रोड, झांसी (उत्तर प्रदेश) में 04 दिसंबर 2026 से 10 दिसंबर 2026 को दोपहर 01 बजे से शाम के 04 बजे तक किया जाएगा. इस भव्य कथा के मुख्य आयोजक वर्तमान विधायक श्री रवि शर्मा जी है और इन्होंने कथा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कथा के एक दिन पहले यानि कि 03 दिसंबर 2026 को भव्य कलश निकाली जाएगी और कथा के साथ ही विशाल पार्थिव शिवलिंग निर्माण का भी आयोजन किया जाएगा इसके अलावा उन्होंने बताया कि महानगर के लोगों को परेशानी नहीं हो इसलिए कथा का आयोजन शहर के बाहर कराया जा रहा है तो वहीं दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाहनों का इंतजाम भी कराया जाएगा क्योंकि इस कथा को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि झांसी के साथ बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगी.
जानते हैं कथा स्थल कैसे पहुंचे :
आप कथा स्थल अपनी सुविधानुसार पहुंच सकते हैं, अगर आप वायुमार्ग से आना चाहते हैं तो आपको ग्वालियर एयरपोर्ट आना होगा जहां से कथा स्थल की दूरी 106 km है और अगर रेलमार्ग से आना चाहते हैं तो सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन झांसी रेलवे स्टेशन पड़ेगा जहां से कथा स्थल की दूरी मात्र 12 km हैं तो वहीं अगर सड़कमार्ग से आना चाहते हैं तो आपको झांसी बस स्टैंड आना होगा जहां से कथा स्थल मात्र 10 km है.
तो चलिए झांसी की इस दिव्य श्री शिवमहापुराण कथा और विशाल पार्थिव शिवलिंग निर्माण में शामिल होकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं.
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