Kuber Dev | हिंदू धर्म में हर देवी – देवता का विशेष महत्व होता क्योंकि वाहन उनके गुण, कर्तव्य और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता हैं जैसे कि भगवान शिव का वाहन नंदी बैल है जो कि धैर्य और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है तो वहीं गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन है जो कि साहस और गति का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन भगवान कुबेर जो कि धन के देवता कहलाते है इनका वाहन सबसे अलग है क्योंकि इनका वाहन कोई पशु या पक्षी नहीं बल्कि इंसान यानि कि मनुष्य है. पुराणों में भगवान कुबेर को धन, ऐश्वर्य और समृद्धि के देवता के साथ – साथ यज्ञों का राजा और देवताओं का कोषाध्यक्ष भी कहा जाता है. मान्यता है कि जो भी मनुष्य मेहनत और ईमानदारी से धन अर्जित करता है उस पर भगवान कुबेर की विशेष कृपा प्राप्त होती है तो वहीं पद्म पुराण और लिंग पुराण में मनुष्य को ही कुबेर का वाहन बताया गया है.
कुबेर जी का वाहन इंसान के पीछे की पौराणिक कथा है:
पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने जब कुबेर को धन का अधिपति और खजानों का रक्षक बनाया तब अन्य देवताओं को उनके वाहन प्रदान किए गए. इंद्र को ऐरावत हाथी, भगवान विष्णु को गरुड़ और कार्तिकेय को वाहन के रूप में मोर प्राप्त हुए किंतु जब कुबेर जी के वाहन चुनने की बारी आई तो देवताओं के बीच विचार विमर्श हुआ कि कुबेर का वाहन हाथी या घोड़ा होना चाहिए क्योंकि यह ऐश्वर्य और वैभव के प्रतीक माने गए हैं तब ब्रह्माजी ने कहा कि धन का वास्तविक स्वामी और उनका उपयोगकर्ता मनुष्य ही है इसलिए कुबेर जी का वाहन मनुष्य ही होना सबसे उचित है.
कुबेर जी का वाहन इंसान के पीछे के रहस्य :
1) माना जाता है कि इंसान ही धन का असली स्वामी है क्योंकि देवता, असुर या फिर अन्य प्राणी चाहे कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धन और वैभव का सही और उचित उपयोग इंसान ही करता हैं. कुबेरजी का वाहन इंसान होने इस ओर इशारा करता है कि धन का आधिपत्य और नियंत्रण इंसान के हाथों में ही संभव है.
2) कुबेरजी का वाहन इंसान का होना इस बात का प्रतीक है कि धन का इस्तेमाल सोच – समझकर करना चाहिए तो वहीं शास्त्र के अनुसार धन का संचय और उपयोग सदैव धर्म, काम और मोक्ष के रास्ते पर ही करना चाहिए क्योंकि अगर इंसान धन का इस्तेमाल गलत चीजों में करता है तो यह धन ही उसके विनाश का कारण बनेगा.
3) कुबेरजी का वाहन इंसान का होना जिम्मेदारी का प्रतीक होता और यह बतलाता है कि धन का इस्तेमाल सोच – समझकर करना चाहिए क्योंकि धन का दुरुपयोग करना समस्या का कारण बन सकता हैं.
उम्मीद है कि धर्म से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही धन से जुड़े अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
कुबेरजी को धन का अधिपति और खजानों का रक्षक किसने बनाया है ?
भगवान शिव.
कुबेरजी का वाहन क्या है ?
इंसान.
इंसान को कुबेरजी का वाहन बनने की सलाह किसने दी थी ?
ब्रह्माजी.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


