Garuda Purana | हिंदू धर्म में अठारह पुराणों में एक है गरुड़ पुराण जो कि वेदों के बाद प्रमुख ग्रंथों में से एक है जिसमें मानव जीवन और मृत्यु से जुड़े कई ऐसे रहस्यों को बताने के साथ आध्यात्मिक, धार्मिक और दार्शनिक ज्ञान का भी उल्लेख किया गया है तो वहीं गरुड़ पुराण एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसका पाठ किसी व्यक्ति की मृत्य के बाद तेरह (13) दिनों की शोक अवधि के दौरान घर में किया जाता है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के बाद मरने वाली की आत्मा उसी घर में तेरह दिनों तक रहती है और गरुड़ पुराण का पाठ करने से मरने वाले की आत्मा को शांति की प्राप्ति होती हैं.
जानते है मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ कराने के कारण को :
1) आत्मा को शांति और सद्गति मिलें :
गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने स्वयं अपने वाहन पक्षीराज गरुड़ को मृत्यु, कर्म और मोक्ष के रहस्य को समझाया. मान्यता है कि किसी व्यक्ति की मृत्य होने पर उसकी आत्मा तुरंत नए सफर पर नहीं निकलती बल्कि वह तेरह (13) दिनों तक अपने घर में ही रहती है और इन दिनों घर में गरुड़ पुराण करने से आत्मा को समझ आने लगता है कि शरीर को छोड़ने के बाद उसकी यात्रा कैसे होने वाली है और किस लोक की ओर जाने के साथ उनको स्वर्ग, नरक, सद्गति, अधोगति और दुर्गति की जानकारी मिलती है जिससे कि आत्मा को शांति और सद्गति की प्राप्ति होती हैं.
2) आत्मा को मोह – माया से मुक्ति :
धार्मिक मान्यतानुसार मृत्यु के बाद भी आत्मा 13 दिनों तक अपने घर – परिवार और सांसारिक मोह – माया से जुड़ी होती हैं और ऐसे में घर में गरुड़ पुराण का पाठ होने से आत्मा को वैराग्य मिलने के साथ ही आत्मा को यह बोध कराता है कि उसका भौतिक संसार से संबंध खत्म हो चुका हैं जिससे कि वह आगे की यात्रा पर शांतिपूर्वक निकल जाएं.
3) कर्मों के फल का ज्ञान कराना :
गरुड़ पुराण में अच्छे – बुरे कर्मों के परिणाम के साथ मृत्यु के बाद की स्थिति और यमलोक की यात्रा का उल्लेख किया गया हैं. गरुड़ पुराण में वर्णित किया गया है कि कौन से कर्म मनुष्य के सुख का कारण बनती है और कौन सा कर्म दुःख व कष्ट का कारण बनती हैं. गरुड़ पुराण में इन सभी को सुनकर जीवित मनुष्य को धर्म और सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलने से वे अपने कर्मों में सुधार कर पाते हैं.
4) यमलोक की यात्रा का विवरण :
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि आत्मा को यमलोक तक पहुंचने में उसके अच्छे – बुरे किए कर्मों के आधार पर दंड या फिर पुरस्कार का सामना करना पड़ता हैं और इसे सुनकर मृत आत्मा को यह बोध होता है कि उसने जो कर्म किए हैं उसके अनुसार ही आगे का मार्ग तय होगा इसके अलावा गरुड़ पुराण में वर्णित किया गया है कि कैसे पिंडदान और तर्पण से मृत आत्मा को शांति और शक्ति प्राप्त होती है.
5) शोक ग्रस्त परिवारजन को सांत्वना मिलना :
किसी प्रियजन की मृत्यु के पश्चात परिवार के सदस्य दुःख और गहरे शोक के गर्त में चले जाते हैं तब गरुड़ पुराण परिवार को मृत्यु के अटल सत्य को स्वीकार करने की शक्ति प्रदान करता हैं और बतलाता है कि आत्मा अमर है, मृत्यु केवल शरीर की हुई है तब यह बातें परिवार को मानसिक शांति देने के साथ ही गहरे शोक से निकलने में मदद करता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) गरुड़ पुराण में किन रहस्यों को बताया गया है ?
मनुष्य के जीवन और मृत्यु से जुड़े रहस्य.
2) गरुड़ पुराण का पाठ कब किया जाता है ?
किसी की मृत्यु पर.
3) गरुड़ पुराण के अनुसार मृत आत्मा मरने के कितने दिनों तक घर में रहती हैं ?
13 दिनों तक.
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