Tortoise Ring | वास्तु शास्त्र में कछुए को सुख – समृद्धि का प्रतीक होता है तो वहीं ज्योतिष शास्त्र में कछुए की अंगूठी को धारण करना बहुत ही शुभ माना गया है. मान्यता है कि इसको धारण करने धन के मार्ग खुलने के साथ ही जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति भी मिलती हैं लेकिन इसको धारण करने से पहले कई सारे नियमों का पालन करना आवश्यक होता है जिससे कि अशुभ परिणाम का सामना करना नहीं पड़े.
धन की देवी मां लक्ष्मी का कछुए से संबंध होना :
मान्यता के अनुसार कछुआ भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का स्वरूप माना गया है क्योंकि भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के समय कछुए का अवतार लिया था तो वहीं इसी समुद्र मंथन के दौरान धन की देवी मां लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र से हुआ था यही कारण है कि मां लक्ष्मी का सीधा संबंध जल में रहने वाले इस कछुए से होता है. मान्यता है कि इसको धारण करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहने के साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होने के अलावा जीवन में कई सुखद बदलाव आते हैं.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी को धारण करने के नियम :
1) शुभ धातु :
कछुए की अंगूठी के लिए चांदी को सबसे शुभ और उत्तम धातु माना जाता हैं. मान्यता है कि चाँदी शुक्र और चंद्र का प्रतीक होने के कारण से यह धन को आकर्षित करने में सहायक होता हैं.
2) शुभ दिन :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी की शुक्रवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है.
3) सही विधि :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी को सबसे पहले गंगाजल और कच्चे दूध के मिश्रण में कुछ समय के लिए डुबोकर रखें और इसे स्वच्छ जल से धोने के बाद मां लक्ष्मी की पूजा करने करते समय इसे मां के चरणों में रखकर श्री सूक्त का पाठ या फिर ” ॐ श्रीं महालक्ष्मयै नमः ” का जाप करते रहें.
4) सही अंगुली :
कछुए की अंगूठी को सीधे हाथ की मध्यमा या तर्जनी उंगुली में धारण करना शुभ होता है और इससे सुख – सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं.
5) सही दिशा :
कछुए की अंगूठी धारण करते समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि कछुए का मुख धारण करने वाले की ओर होना चाहिए माना जाता है कि इससे धन धारण करने वाले की ओर आकर्षित होता हैं तो वहीं कछुए का मुख बाहर की ओर होने से धन टिकने की बजाय बाहर जाने की संभावना होती हैं.
कछुए की अंगूठी धारण करने के फायदे को :
1) कछुए धैर्य और स्थिरता का प्रतीक होता हैं यही कारण है कि इसको धारण करने से मन को शांति और एकाग्रता में वृद्धि होने के साथ ही निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती हैं.
2) कछुए की अंगूठी को सही तरीके से धारण करने से जीवन और करोबार या करियर में चल रही बाधाएं धीरे – धीरे दूर होने के साथ ही आय के नए रास्ते भी खुलते हैं.
3) कछुए का कठोर खोल एक सुरक्षा कवच माना जाता है जो कि बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा को धारण करने वाले से दूर रखता हैं.
4) कछुए की अंगूठी धारण करने वाले पर मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहने से कभी भी जीवन में धन – धान्य की कमी नहीं होती हैं.
5) कछुए की अंगूठी धारण करने से पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
किन राशियों के लिए कछुए की अंगूठी शुभ होती हैं :
ज्योतिष शास्त्र और रत्न शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी वृषभ और मकर राशि के जातकों के लिए शुभ और लाभदायक सिद्ध होता हैं. मान्यता है कि इन राशियों को इस अंगूठी को धारण करने से इसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही इनका लव लाइफ भी बेहतर होता हैं.
किन राशियों के लिए कछुए की अंगूठी शुभ नहीं होती हैं :
ज्योतिष शास्त्र और रत्न शास्त्र के अनुसार मेष, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को कछुए की अंगूठी को धारण नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इन राशियों के जातकों के लिए कछुए की अंगूठी अशुभ होती हैं और इसको धारण करने से इनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के साथ ही धन हानि की भी संभावना होती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) कछुए की अंगूठी को किस धातु में बनवाना चाहिए ?
चांदी.
2) कछुए की अंगूठी को किस अंगुली में धारण करना चाहिए ?
सीधे हाथ की मध्यमा या फिर तर्जनी उंगुली.
3) कछुए का संबंध किससे माना जाता है ?
मां लक्ष्मी.
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