Sawan Niyam | हिंदू धर्म में सावन माह भगवान शिव की भक्ति से परिपूर्ण एवं आराधना के लिए पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यतानुसार सावन के पूरे माह शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र और “ॐ नमः शिवाय” का जप करने से भगवान शिव बहुत जल्द ही प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने के साथ ही उनके दुःख और कष्ट भी दूर करते हैं. सावन माह केवल धार्मिक कार्यों करने के लिए नहीं है बल्कि यह अपने आप पर नियंत्रण रखने, सात्विक जीवन जीने और खुद को शुद्ध करने के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता हैं क्योंकि इन नियमों का पालन करके मन, वचन, और कर्म को शुद्ध बनाया जा सकता हैं.
सावन माह में किन नियमों का पालन करना चाहिए :
1) शिवलिंग का जलाभिषेक करना :
धार्मिक मान्यता है कि सावन माह भगवान शिव को समर्पित होता है और इस पावन माह के पुण्यफल की प्राप्ति के लिए रोजाना नियमित रूप से शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक और सफेद पुष्प को अर्पित करें लेकिन बेलपत्र को अर्पित करते समय ध्यान रखें कि बेलपत्र टूटा – फटा हुआ नहीं होना चाहिए.
2) शिव परिवार की पूजा करना :
कहा जाता है कि सावन माह में केवल भगवान शिव की पूजा नहीं करनी चाहिए बल्कि समस्त शिव परिवार की भी पूजा करनी चाहिए और शिव परिवार में आते हैं माता पार्वती, भगवान श्री गणेश, भगवान कार्तिकेय, पुत्री अशोक सुंदरी और शिव के प्रिय गण नंदी.
3) सावन सोमवार का व्रत श्रद्धा से रखना :
धार्मिक मान्यता है कि सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और ऐसे में इनको जल्दी प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत रखना सर्वश्रेष्ठ उपाय माना जाता है इसलिए सावन सोमवार का व्रत पूर्ण श्रद्धा से रखने के साथ ही पूरे दिन भगवान शिव का ध्यान करें और शिव मंत्रों का जाप करते रहें.
4) शिव मंत्रों का जप करना :
सावन माह के प्रतिदिन पंचाक्षरी मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए, मान्यता है कि इससे आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलने के साथ ही इन मंत्रों का जप शिव कृपा को भी आकर्षित करने में सहायक होता हैं.
5) शिव पूजा में तुलसी और हल्दी का इस्तेमाल नहीं करना :
भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी तुलसी के पत्ते और हल्दी को अर्पित नहीं करना चाहिए मान्यता है कि इससे भगवान शिव रुष्ट हो सकते हैं.
6) दान – पुण्य को करना :
माना जाता है कि सावन माह में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल, छाता.जल और अन्य आवश्यक चीजों का दान करना शुभ होता है क्योंकि इससे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.
7) स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखना :
सावन माह के पवित्र माह में कोशिश करें कि घर, मंदिर और पूजा स्थल को साफ – स्वच्छ को रखने के अलावा पूजा के दौरान स्वच्छ वस्त्र को धारण करके शुद्ध मन से भगवान शिव की पूजा आराधना करें.
8) मांस – मदिरा का सेवन नहीं करना :
शास्त्रों के अनुसार सावन माह के पावन दिनों हरे पत्तेदार सब्जी, बैगन, मैसूर दाल, दूध, मांस मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इससे व्रत और तप खंडित होते हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) भगवान शिव के परिवार में कौन-कौन समाहित है ?
माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, अशोक सुंदरी और नंदी.
2) शिव पूजा में किन चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ?
तुलसी और हल्दी.
3) भगवान शिव के किन मंत्रों का जप करने से इनको आकर्षित किया जाता है ?
पंचाक्षरी और महामृत्युंजय मंत्र.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


