Sawan | सावन माह भगवान शिव को समर्पित होने के साथ यह माह भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे शुभ समय माना गया है. सावन माह के पवित्र माह में व्रत, पूजन, रुद्राभिषेक और घर में दीपक जलाने का विशेष महत्व होता है. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सावन में रोजाना ईशान कोण में दीपक को जलाएं तो यह धार्मिक रूप से बहुत शुभ माना जाता है.
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण घर की उत्तर – पूर्व दिशा होती हैं जो कि सबसे पवित्र और ऊर्जावान दिशा कहलाती हैं तो वहीं ईशान कोण देवताओं की भी दिशा मानी गई है विशेषकर भगवान शिव का स्थान भी इसी दिशा को माना गया हैं. मान्यता है कि सावन में रोजाना एक दीपक ईशान कोण में जलाया जाएं तो इससे शिवभक्ति, मानसिक शांति, घर में सुख – शांति और समृद्धि को यह आकर्षित करने के साथ ही इससे घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होने से शिव तत्व को भी यह बढ़ाता हैं.
जानते हैं ईशान कोण में दीपक जलाने के नियम :
ईशान कोण में दीपक जलाने से पहले ईशान कोण को साफ करके एक निश्चित स्थान पर वहां चौकी को रखें और सुविधानुसार घी के दीपक या फिर सरसों तेल के दीपक में एक या दो बत्ती, लौंग और कपूर को जलाएं लेकिन दीपक को जलाते समय शिव मंत्रों “ॐ नमः शिवाय” या फिर “शिवाय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें लेकिन ध्यान रखें कि दीपक को बुझने न दें.
जानते हैं सावन माह में ईशान कोण में दीपक को जलाने के फायदे :
1) भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए :
सावन माह भगवान शिव को समर्पित होने के साथ ही यह माह भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता हैं. घर की उत्तर – पूर्व दिशा के बीच का कोना ईशान कोण होता है और ऐसे में यहाँ दीपक को जलाना भगवान के प्रति भक्ति, समर्पण और आस्था का प्रतीक होता हैं. मान्यता है कि सावन माह में ईशान कोण में दीपक जलाने से भगवान शिव बहुत जल्द प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं.
2) मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार के लिए :
घर के ईशान कोण में रोजाना दीपक को जलाने से मां लक्ष्मी का घर में सदैव वास होता हैं जिससे कि धन की ऊर्जा बढ़ती हैं. मान्यता है कि सावन माह में ईशान कोण में रोजाना दीपक को जलाने से घर के सदस्यों की आय में वृद्धि होने के साथ अधूरे कार्य भी पूर्ण होंगे और धन की समस्याएं भी कम होगी.
3) धन – संपत्ति और समृद्धि के वृद्धि के लिए :
शास्त्रों के अनुसार ईशान कोण सकारात्मक रूप से जाग्रत रहने से धन की देवी मां लक्ष्मी का घर में स्थायी वास होता हैं और ऐसे में सावन माह में ईशान कोण में रोजाना दीपक को जलाने से घर में धन की ऊर्जा सक्रिय होती हैं जिससे कि आर्थिक अड़चनें दूर होने के साथ ही व्यवसाय, नौकरी और निवेश में लाभ के योग बनते हैं.
4) पितरों की कृपा प्राप्त के लिए :
वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण दिव्य शक्तियों का स्थान कहलाता हैं तो वहीं माना जाता है कि सावन माह में रोजाना ईशान कोण में दीपक को जलाने से भगवान शिव के साथ – साथ बाकी सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होने के साथ ही पितरों की भी कृपा प्राप्त होती हैं.
5) वास्तु दोषों से छुटकारा पाने के लिए :
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण को बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया हैं लेकिन अगर इस दिशा में बाथरूम, सीढ़ी या फिर भारी अलमारी हो तो यह ईशान दोष माना जाता है लेकिन सावन माह में ईशान कोण में रोजाना दीपक जलाने से इस कोने को उर्जित किया जा सकता है जिससे कि वास्तु दोष दूर होने के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) वास्तु शास्त्र में ईशान कोण कौन सी दिशा कहलाती हैं ?
उत्तर – पूर्व दिशा.
2) सावन में ईशान कोण में दीपक जलाकर किस मंत्र का जप करना चाहिए ?
ॐ नमः शिवाय या शिवाय नमः मंत्र.
3) ईशान कोण में बाथरूम, सीढ़ी होने पर दोष क्या कहलाता हैं ?
ईशान दोष.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


