Adhik Maas 2026 | अधिक मास जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है जो कि हर तीन साल में एक बार लगता हैं और इस साल 2026 में अधिकमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा और इस बार ज्येष्ठ मास में अधिकमास लगेगा. शास्त्रों में अधिकमास भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना के लिए बहुत ही शुभ माना गया हैं तो वहीं इस दौरान शादी – विवाह, गृह प्रवेश या फिर अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं लेकिन पूजा – पाठ, जाप और दान के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं और जिससे की सौ गुणा फल की प्राप्ति भी होती हैं. अधिकमास में कुछ विशेष कार्यों को करके धन – दौलत की कमी दूर करने के साथ ही घर में सुख – समृद्धि का आगमन होने के अलावा मां लक्ष्मी की प्रसन्नता को भी प्राप्त किया जा सकता हैं.
जानते हैं अधिक मास में किन कार्य को करके मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है :
धार्मिक मान्यतानुसार अधिकमास के स्वामी भगवान विष्णु हैं जिसके कारण से इस मास में मां लक्ष्मी अपने पति के साथ प्रसन्न रहती हैं. कहा जाता है कि अधिकमास में कुछ विशेष कार्यों को करने से मां लक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्त होने के साथ ही आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलती है जिससे कि घर में कभी भी धन – धान्य को कमी नहीं रहती है :
1) धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना :
अधिक मास को भगवान विष्णु को समर्पित होता है इसलिए इस मास में श्रीमद्भागवत महापुराण, विष्णु पुराण और रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना बहुत ही पुण्यदायक होता हैं. मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिरता आने के साथ ही मन को शांति मिलने के अलावा आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि भी होती हैं.
2) तुलसी पौधें की पूजा करना :
अधिकमास में रोजाना नियमित रूप से रोज शाम को तुलसी पौधें के समक्ष घी दीपक जलाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” मंत्र का जाप करने के अलावा अधिकमास की कथा को भी सुनें या फिर पढ़ें. माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होने के साथ अपनी कृपा भी बरसाती है.
3) पवित्र नदी में स्नान करना :
अधिकमास के समय हो सकें तो गंगा, यमुना या फिर अन्य पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए लेकिन अगर यह संभव नहीं हो रहा है तो घर पर ही स्नान करने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. माना जाता है कि यह लाभकारी सिद्ध होता हैं.
4) श्री सूक्त का पाठ करना :
श्री सूक्त मंत्र धन और समृद्धि के लिए बहुत प्रभावशाली होता हैं इसलिए अधिक मास में हो सकें तो रोजाना नियमित रूप से श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए.
5) भगवान शिव की पूजा करना :
धार्मिक मान्यतानुसार अधिकमास में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती हैं इसलिए अधिकमास में शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, चंदन और बिल्व पत्र को चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए.
6) सफेद चीजों का दान करना :
अधिकमास में सफेद चीजें जैसे कि चावल, दूध,चीनी, सफेद वस्त्र, घी और मिठाई का दान करना चाहिए मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होने के साथ ही लक्ष्मी जी की कृपा भी बरसती हैं.
उम्मीद है कि आपको अधिकमास से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही धर्म से जुड़े अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) अधिक मास के स्वामी कौन कहलाते हैं ?
भगवान विष्णु.
2) साल 2026 में अधिकमास कब से शुरू हो रहा हैं ?
17 मई से 15 जून 2026.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


