Baglamukhi Yantra | हिंदू धर्म में बगलामुखी यंत्र एक शक्तिशाली यंत्र मानी जाती है जो कि दस महाविद्याओं में से एक देवी बगलामुखी को समर्पित होता हैं. धार्मिक मान्यता है कि दस महाविद्याओं में देवी बगलामुखी का महत्व बाकी सभी देवियों से अधिक होने के कारण से इस यंत्र का भी महत्व विशेष होता हैं जिसको पीतांबरी विद्या भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस यंत्र में देवी बगलामुखी का वास होने से यह जीवन की समस्यएं से मुक्ति दिलाने के साथ शत्रुओं से रक्षा, बाधाओं को दूर करने और साधक की धन – समृद्धि को भी बढ़ाता हैं तो वहीं इस यंत्र को स्थापित करने और विधि – विधान से पूजा करने से लंबी बीमारियों और बुरी शक्तियों का नाश भी होता हैं.
जानते हैं बगलामुखी यंत्र को स्थापित करने के नियम को :
बगलामुखी यंत्र को रात्रि के समय स्थापित करना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि रात्रि में इस यंत्र की ऊर्जा बहुत शक्तिशाली होती हैं. बगलामुखी यंत्र को स्थापित करने से पूर्व किसी जानकार ज्योतिषी से इसको अभिमंत्रित करें जिससे कि इसका पूरा लाभ प्राप्त हो सकें और इसको स्थापित करने के लिए इन नियमों को पालन करना चाहिए :
1) स्थापित करने का शुभ दिन :
बगलामुखी यंत्र को नवरात्रि के नौ दिनों में से किसी एक दिन या गुरुवार या फिर किसी शुभ मुहूर्त में स्थापित करना चाहिए.
2) शुद्धिकरण :
बगलामुखी यंत्र को गंगाजल और पंचामृत से शुद्ध करने के पश्चात् ही इसको स्थापित करना चाहिए क्योंकि यंत्र को पवित्र करना विशेष रूप से आवश्यक होता हैं.
3) स्थापित करने की शुभ दिशा :
बगलामुखी यंत्र को स्थापित घर या कार्यस्थल के पूजा स्थल की उत्तर – पूर्व (ईशान कोण) दिशा में करना सबसे शुभ मानी जाती हैं.
4) पूजा विधि :
बगलामुखी यंत्र को देवी बगलामुखी की मूर्ति या फिर तस्वीर के सामने रखकर इसे स्नान कराके हल्दी का तिलक लगाकर पीले फल – फूल और पीले रंग के प्रसाद को चढ़ाकर धूप, दीप को जलाएं लेकिन ध्यान रखें कि इस यंत्र को स्थापित और नियमिय पूजा के दौरान पीले आसन पर बैठने के साथ ही पीले रंग के वस्त्र को धारण करें.
5) मंत्र जाप :
बगलामुखी यंत्र की नियमित रूप से पूजा करते समय “ॐ ह्मी बगलामुखी नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं.
6) ध्यान करना :
बगलामुखी यंत्र के समक्ष बैठकर देवी बगलामुखी का ध्यान करें और मन ही मन शत्रु बाधाओं से मुक्ति के साथ अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की बगलामुखी मां से प्रार्थना करें.
जानते हैं बगलामुखी यंत्र को स्थापित करने के फायदे को :
1) शत्रुओं से मुक्ति :
बगलामुखी यंत्र शत्रुओं से मुक्ति दिलाने के साथ यह शत्रुओं के बुरे इरादों और साजिशों के प्रभाव को कम करता है और शत्रु पर विजय की प्राप्ति होती हैं.
2) कानूनी मामलों में सफलता :
बगलामुखी यंत्र शत्रुओं की नकारात्मक शक्ति के असर को कम करने के साथ ही यह यंत्र कोर्ट – कचहरी और कानूनी मामलों में सफलता दिलाने में मददगार होता हैं.
3) आत्मविश्वास और मानसिक शांति :
बगलामुखी यंत्र जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही मानसिक शांति भी दिलाता हैं इसके अलावा यह नकारात्मक ऊर्जा को कम करके आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता हैं.
4) सुरक्षा कवच प्रदान करना :
बगलामुखी यंत्र को स्थापित करने से जीवन में बुरी शक्तियों (टोने – टोटके) के साथ ही नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा कवच प्रदान करने के साथ यह अकाल मृत्यु के भय से भी सुरक्षा दिलाता हैं.
5) व्यापार और करियर में सफलता :
मान्यता है कि बगलामुखी यंत्र जीवन में राज योग लेकर आता है और इसको घर,पूजा स्थल या फिर व्यापारिक स्थल में स्थापित करने से व्यापार में उन्नति के साथ यह करियर में चल रही बाधाओं को दूर करके सफलता दिलाता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) बगलामुखी यंत्र किस देवी मां को समर्पित होता हैं ?
बगलामुखी मां.
2) बगलामुखी यंत्र को किस दिशा में स्थापित करना चाहिए ?
पूजा स्थल की उत्तर – पूर्व दिशा.
3) बगलामुखी यंत्र को और किस नाम से जाना जाता हैं ?
पीतांबरी विद्या.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


