Devshayani Ekadashi Upay | हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व होता है, जो कि हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु सृष्टि के संचालन की बागडोर भगवान शिव को सौंप कर चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं और इस समय को चातुर्मास कहा जाता है जिसमें किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है. शास्त्रों में एकादशी व्रत को लेकर कुछ विशेष उपायों का पालन करना आवश्यक होता हैं तो वहीं देवशयनी एकादशी के पावन दिन कुछ उपायों को करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलने के साथ ही धन, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है जिससे कि जीवन में सुख – शांति का आगमन होता हैं.
देवशयनी एकादशी के दिन किए गए उपाय :
1) भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के उपाय :
देवशयनी एकादशी के दिन एक पीतल की कटोरी में घी के दीपक को कपूर डालकर जलाएं और इसे घर के पूजा स्थान या फिर तुलसी पौधें के समक्ष पूर्व दिशा की ओर रखें लेकिन दीपक जलाते समय भगवान विष्णु का नाम लेते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें. मान्यता है इस उपाय को करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होने के साथ ही घर में सुख – शांति और समृद्धि का आगमन भी होता हैं.
2) दरिद्रता से मुक्ति पाने के उपाय :
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या फिर शालिग्राम को पंचामृत यानि कि दूध, दही, घी, मधु और शक्कर से अभिषेक करने के पश्चात् भगवान को चंदन, पीले पुष्प और तुलसी दल को चढ़ा दें. शास्त्रों के अनुसार इस उपाय को करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलने के साथ ही जीवन में सौभाग्य भी बढ़ाता हैं.
3) पितृ दोष से छुटकारा पाने के उपाय :
वर्षा ऋतु के आगमन में देवशयनी एकादशी आती हैं इसलिए इस दिन छाता, पानी की बोतल और चप्पल आदि का दान करना शुभ होने के साथ इससे पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती हैं.
4) आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाने के उपाय :
शास्त्रों में देवशयनी एकादशी की रात्रि का विशेष महत्व होता है इसलिए इस एकादशी की रात्रि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें इसके लिए साफ पीले कपड़े पर चांदी या फिर तांबे के कुबेर यंत्र को स्थापित करके उस पर हल्दी, अक्षत और पुष्प को अर्पित करके घी के दीपक को जलाएं और फिर “ॐ श्रीं महालक्ष्मयै नमः” मंत्र का 108 जाप करें. पूजा समाप्त करने के बाद भगवान के समक्ष स्पष्ट रूप से मनोकामनाएं बोलें, माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होने के साथ ही आर्थिक परेशानियों से मुक्ति भी मिलती हैं.
5) कर्ज से मुक्ति पाने के उपाय :
धार्मिक मान्यता है कि धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त को एक प्रभावशाली स्त्रोत्र माना गया हैं और देवशयनी एकादशी के पावन दिन श्री सूक्त का तीन बार पाठ करें, माना जाता है कि इस उपाय को करने से कर्ज से मुक्ति मिलने के साथ ही घर से दरिद्रता और धन संबंधित समस्याओं से भी मुक्ति मिलती हैं.
उम्मीद है कि आपको देवशयनी एकादशी के दिन किए गए उपायों से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही उपायों से जुड़े अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) किस एकादशी के दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं ?
देवशयनी एकादशी.
2) पंचाग के अनुसार देवशयनी एकादशी कब मनाई जाती है ?
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि.
3) भगवान विष्णु के योगनिद्रा जाने पर सृष्टि का संचालन कौन करते हैं ?
भगवान शिव.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


