Vidur Niti | महाभारत काल में एक ऐसे विद्वान थे महात्मा विदुर, जो कि ज्ञान, नीति और बुद्धिमत्ता के प्रतीक थे. महात्मा विदुर ने विदुर नीति के माध्यम से जीवन से जुड़े हर पहलू के बारे में बताया गया है और इनकी नीतियां हम सभी को सिखाती है कि बाहरी चमक से ज्यादा अंदरूनी गुणों का होना बहुत आवश्यक हैं. महात्मा विदुर ने एक श्लोक के द्वारा मनुष्य के उन गुणों के बारे में वर्णित किया हैं जिनको अपनाकर व्यक्ति ना केवल स्वयं को बेहतर बनाता हैं बल्कि समाज में भी मान – सम्मान को प्राप्त कर सकता हैं.
विदुर नीति के अनुसार जानते हैं व्यक्ति के उन गुणों को जो उसको महान बनाता हैं :
1) ज्ञान :
महात्मा विदुर कहते हैं कि ज्ञान ही मनुष्य को अंधकार से बाहर निकालता है यही कारण है कि ज्ञानी मनुष्य कभी भी हार नहीं मानता क्योंकि वह हर समस्या का समाधान निकाल ही लेता है और इसी ज्ञान की वजह से मनुष्य समाज में बहुत प्रशंसा होती हैं.
2) बुद्धि :
महात्मा विदुर के अनुसार सच्ची बुद्धि मनुष्य को हर परिस्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता देती हैं तो वहीं बिना सोचे – समझे कार्य करने वाला मनुष्य अक्सर असफल होता हैं लेकिन बुद्धिमान इंसान हर समस्या का समाधान खोज ही लेता है और बुद्धि का उचित उपयोग करने वाला मनुष्य समाज में सदैव मान सम्मान को प्राप्त करता हैं.
3) कम बोलना :
महात्मा विदुर कहते हैं कि जो मनुष्य सोच – समझकर और आवश्यक पड़ने पर ही बोलते हैं तो उनकी बातों का वजन होता हैं क्योंकि अधिक बोलने वाला मनुष्य अपना सम्मान खोता है तो वहीं कम बोलने वाला मनुष्य सदैव सम्मानित होता हैं.
4) कुलीनता :
विदुर नीति के अनुसार कुलीनता का अर्थ केवल अच्छा परिवार नहीं होता बल्कि अच्छे संस्कार और सरल व्यवहार होता हैं क्योंकि जो मनुष्य विनम्र, सहज और अच्छे आचरण वाला होता हैं तो स्वाभाविक रूप से उसे सभी लोग सम्मान और प्यार देते हैं ऐसी कुलीनता मनुष्य को दूसरों की नजर में सदैव चमकाती हैं.
5) कृतज्ञता :
विदुर नीति कहती है कि जो मनुष्य दूसरों के उपकार को याद रखते हैं और समय आने पर सहायता किया करते हैं ऐसे मनुष्य समाज में बहुत ही सम्मान को पाते हैं लेकिन कृतघ्न मनुष्य यानि जो उपकार को भूल जाते हैं वो कभी सम्मानित नहीं होते हैं.
6) इंद्रिय संयम :
विदुर नीति के अनुसार जो मनुष्य अपनी इंद्रियों यानि कि काम, क्रोध, लोभ आदि पर नियंत्रण रखते हैं ऐसे मनुष्य महान कहलाते है. इंद्रिय संयम मनुष्य का सबसे बहुत महत्वपूर्ण गुण माना जाता है क्योंकि संयम को रखने वाले मनुष्य कभी भी गलत रास्ते पर नहीं जाता हैं.
7) क्षमता अनुसार दान :
विदुर नीति कहती है कि दान सबसे बड़ा पुण्य होता हैं और अपनी क्षमता के अनुसार दान करने वाला मनुष्य कभी दरिद्रता का जीवन नहीं गुजरता है क्योंकि दान को दरिद्रता नाशक माना जाता है.
8) पराक्रम :
विदुर नीति के अनुसार पराक्रमी मनुष्य डर को मात देते हैं क्योंकि वह कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता और वह हमेशा दूसरों की सहायता भी करता है इसलिए कहा जाता है कि सच्ची बहादुरी शारीरिक शक्ति नहीं होती हैं बल्कि मन को मजबूत करती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) महात्मा विदुर किनके सौतेले भाई थे ?
धृतराष्ट्र और पांडव.
2) विदुर नीति के अनुसार कौन से गुण मनुष्य को महान बनाते हैं ?
ज्ञान, बुद्धि, कम बोलना, कुलीनता, कृतज्ञता, इंद्रिय संयम, क्षमता अनुसार दान, पराक्रम.


