Ganesha Yantra | सनातन धर्म में देवी – देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए उनसे जुड़े यंत्र के पूजन को बहुत ही असरदार माना गया हैं और सभी यंत्रों में गणेश यंत्र को बहुत ही शक्तिशाली माना जाता है. यह यंत्र भगवान शिव के पुत्र भगवान गणेश का प्रतीक होता हैं अर्थात इस यंत्र स्वयं गणेशजी की जीवंत ऊर्जा का यंत्र रूप माने जाने के साथ इसको सुख – सौभाग्य को बढ़ाने वाला भी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि गणेश यंत्र को नियमों के साथ स्थापित करने से जीवन की हर बाधाएं दूर होने के साथ रुके हुए कार्य भी पूर्ण होती हैं लेकिन घर में गणेश यंत्र को स्थापित करने से पहले कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना चाहिए जिससे कि इस यंत्र से शुभ – लाभ फलों की प्राप्ति हो सकें.
गणेश यंत्र को स्थापित करने के नियम :
1) शुभ दिन :
गणेश यंत्र को स्थापित करने के लिए सबसे शुभ दिन किसी भी माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि या बुधवार को माना गया है.
2) सही दिशा :
गणेश यंत्र को हमेशा घर, मंदिर कोने या दुकान या फिर ऑफिस में उत्तर – पूर्व दिशा (ईशान कोण) या फिर पूर्व दिशा में स्थापित करना बहुत ही शुभ माना गया है क्योंकि ये दिशायें सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है.
3) स्थापित करने की विधि :
यंत्र को स्थापित करने से पहले इसे एक साफ थाली में रखकर कच्चे दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराने के बाद गंगाजल से शुद्ध करें और इसे लकड़ी के चौकी जिस पर लाल या पीले रंग के कपड़े को बिछाकर, सच्चे मन से स्थापित करें और इस पर रोली का तिलक लगाने के बाद पुष्प, दुर्वा अर्पित करके इसके समक्ष शुद्ध घी के दीपक को जलाएं.
4) यंत्र का दिशा – मुख :
गणेश यंत्र को स्थापित करते समय ध्यान रखें कि यंत्र का मुख पूजा करने वाले साधक की ओर होना चाहिए जिससे कि पूजा के समय इसकी ऊर्जा सीधे प्राप्त हो सकें.
5) भोग और मंत्र जाप :
यंत्र को स्थापित करने के बाद मोदक या फिर मोतीचूड़ के लड्डू का भोग लगाकर भगवान गणेश के बीज मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप या फिर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी से जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति पाने की कामना करें.
6) पवित्रता का ध्यान रखना :
जिस स्थान पर गणेश यंत्र को रखा गया हैं वहां पर स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप रोजाना पूजा आराधना करें.
गणेश यंत्र को स्थापित करने के फायदे :
1) विघ्नहर्ता की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होना :
घर में गणेश यंत्र को स्थापित करने से परिवार के सदस्यों को विघ्नहर्ता गणेश की कृपा प्राप्त होने के साथ ही इनका आशीर्वाद भी प्राप्त होता हैं.
2) बाधाओं और संकट से मुक्ति :
गणेश यंत्र को घर में स्थापित करने से जीवन और कार्य में आ रही सभी बाधाओं से मुक्ति मिलने के साथ ही जीवन के संकट को भी दूर करता हैं.
3) यश और सौभाग्य में वृद्धि :
घर में गणेश यंत्र को स्थापित करके नियमित रूप से पूजा करने से घर में सदैव शुभ – लाभ बने रहने के साथ ही परिवार के सदस्यों के यश, कीर्ति और सौभाग्य में वृद्धि भी होती हैं.
4) मनचाही सफलता प्राप्त करने में सहायक :
धार्मिक मान्यता है कि परीक्षा – प्रतियोगिता की तैयारी में जुड़े विद्यार्थी वर्ग के लिए गणेश यंत्र विशेष फलदायक माना जाता है क्योंकि गणेश यंत्र के शुभ प्रभाव से विद्यार्थी पूरे मनोयोग से तैयारी करते हुए अंत में मनचाही सफलता को प्राप्त कर ही लेता है.
5) वास्तु दोष की समस्या से मुक्ति :
घर में गणेश यंत्र को स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही नकारात्मक ऊर्जा की समस्या से मुक्ति मिलती है जिससे कि घर का वातावरण बहुत ही पवित्र और शांत रहता हैं.
6) व्यवसाय और नौकरी में सफलता :
मान्यता है कि गणेश यंत्र जहां स्थापित होता हैं वहां गणेशजी का वास होने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है जिससे कि व्यवसाय, नौकरी और करियर में सफलता मिलती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
गणेश यंत्र को घर की किस दिशा में स्थापित करना चाहिए ?
उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण).
घर में गणेश यंत्र को किस दिन स्थापित करना शुभ माना जाता है ?
किसी भी माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि या बुधवार.
भगवान गणेश का बीज मंत्र क्या है ?
ॐ गं गणपतये नमः
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


