Jitiya Vrat Niyam | पंचाग के अनुसार जितिया व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता हैं और यह व्रत माताएं अपने संतान की दीर्घायु, खुशहाली और उनके जीवन से संकटों को दूर करने के लिए निर्जला व्रत रखती है. जितिया को जीउतिया या जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है और इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन की विधिवत् पूजा किया जाता हैं. जितिया व्रत का व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ करने के साथ ही इस व्रत में कठिन नियमों का पालन करना आवश्यक होता हैं क्योंकि अगर नियमों का पालन नहीं किया जाए तो व्रत खंडित हो सकता है जिससे कि व्रत का पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती हैं.
जितिया व्रत के नियम :
1) व्रत का पहला दिन (नहाय-खाय) :
व्रत का पहला दिन “नहाय – खाय” होता हैं और इस दिन व्रती महिलाएं स्नान करने के बाद सात्विक भोजन को ग्रहण करती हैं. इस दिन विशेषकर मरुवा की रोटी और नौनी साग खाया जाता है.
2) व्रत का दूसरा दिन (निर्जला व्रत) :
जितिया व्रत का दूसरा दिन मुख्य होता है और इस दिन को “खुर-जितिया” कहा जाता है. इस दिन व्रती महिलाएं अन्न – जल का त्याग करके निर्जला व्रत सूर्योदय से शुरू होकर अगले सूर्योदय तक रहता हैं और इसी दिन शाम के समय जितिया माता और जीमूतवाहन भगवान की पूजा करके जितिया व्रत कथा को सुना या फिर पढ़ा जाता है इसके अलावा इस दिन पूजा के बाद भी कुछ भी नहीं खाया जाता हैं.
3) व्रत का तीसरा दिन (पारण) :
जितिया व्रत के तीसरे दिन पारण किया जाता है. निर्जला व्रत के अगले दिन यानि कि नवमी तिथि को सुबह स्नानादि करके सूर्य को अर्ध्य देकर और पूजा करने के बाद पारण किया जाता है जिसमें तरह – तरह के पकवान बनाएं जाते हैं विशेषकर इस दिन चावल – खीर को बनाया और खाया जाता हैं.
जितिया व्रत में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए :
1) जितिया व्रत को एक बार शुरू करने के बाद इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए.
2) जितिया व्रत के दिन वाद – विवाद से दूर रहने के साथ ही इस दिन ना तो किसी को अपशब्द कहें और नकारात्मक विचारों से खुद को दूर रखें.
3) जितिया व्रत में पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
4) जितिया व्रत में साफ – सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए.
5) जितिया व्रत में भूलवश अगर कुछ गलती हो जाए या फिर गलती से कुछ खा लिया है तो फौरन माता से क्षमा माँगे और अगले साल व्रत को करने का संकल्प लें.
6) जितिया व्रत के दिन हो सकें तो किसी बुजुर्ग या बच्चों का अनादर बिल्कुल न करें.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
पंचांग के अनुसार जितिया व्रत कब रखा जाता है ?
आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि.
जितिया व्रत में किस भगवान की पूजा की जाती है ?
जीमूतवाहन भगवान.
जितिया व्रत में किस दिन को खुर जितिया कहा जाता हैं ?
व्रत का दिन.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


