Mangal Dosha | मंगल ग्रह आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और उर्जा का प्रतीक होता हैं इसलिए मंगल ग्रह जातक को साहसी, पराक्रम और ऊर्जावान को बनाने के साथ ही यह करियर में उन्नति को भी सहायक होता है लेकिन वही अगर किसी की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर हो तो जातक को आत्मविश्वास में कमी और शत्रुओं से पराजय जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं. माना जाता है कि अगर करियर के क्षेत्र में उन्नति और सफलता को प्राप्त करनी है तो मंगल ग्रह को मजबूत होना बहुत आवश्यक होता हैं लेकिन कुंडली में मंगल कमजोर होने की स्थिति और इसको मजबूत बनाने के लिए कुछ आसान और सरल उपायों को करना लाभदायक हो सकता हैं.
मंगल ग्रह के कमजोर होने के लक्षण :
1) क्रोध की अधिकता :
जातक की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर हो तो जातक को छोटी – छोटी बातों पर गुस्सा आने के साथ ही वह बहुत जल्द की क्रोधित भी होने लगता हैं.
2) आत्मविश्वास में कमी :
मान्यता है कि कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर होने से जातक के आत्मविश्वास में कमी होती हैं जिससे कि वह कोई भी निर्णय नहीं ले पाता है और हमेशा उलझन को महसूस करने के साथ ही छोटी – छोटी बातों पर घबराने भी लगता हैं.
3) रिश्तों में कड़वाहट का होना :
कुंडली में मंगल के कमजोर होने से जातक को परिवार और समाज में आये दिन विवाद की स्थिति बनने के साथ ही छोटे भाई – बहनों के बीच कड़वाहट बनी रहने के कारण से रिश्तों में सुख नहीं मिल पाता है.
4) स्वास्थ्य समस्या का होना :
मंगल ग्रह के कमजोर होने से जातक को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है विशेषकर रक्तचाप संबंधी समस्याओं के साथ एसिडिटी, कब्ज या फिर बार – बार रक्त संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं.
5) कानूनी मामलों में विवाद :
जातक की कुंडली में मंगल कमजोर होने से कानूनी मामलों में उलझने बढ़ने के अलावा जमीन, घर या फिर प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में मुकदमे जैसे समस्या झेलनी पड़ती हैं.
6) करियर में संघर्ष का होना :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर कुंडली में मंगल कमजोर हो तो उसको करियर के क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता हैं और ऐसे में उन्नति के लिए बहुत प्रयास और मेहनत करने के बाद भी मनचाहे परिणाम नहीं मिलता हैं या फिर फल मिलने में विलंब भी होती हैं.
मंगल ग्रह को मजबूत करने के उपाय :
1) हनुमान जी की आराधना :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह का संबंध हनुमान जी है इसलिए हर मंगलवार को सुबह स्नानादि करके हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या फिर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि इससे मंगल के अशुभ प्रभाव कम होने के साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं जिससे कि कार्यों में आ रही रुकावट कम होने लगती हैं.
2) मौली को बांधना :
अगर कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर हो या फिर मंगल अशुभ संकेत दे रहे हो तो किसी शुभ दिन और शुभ मुहूर्त में अपने दाएं हाथ पर मौली जिससे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है, को बांध ले. मान्यता है कि इससे कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत होने के साथ ही मंगल के अशुभ प्रभाव कम होने लगती हैं.
3) लाल रंग की वस्तुओं का दान :
कुंडली में मंगल की स्थिति को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन लाल रंग की वस्तुएं जैसे कि मसूर दाल, लाल कपड़े, गुड़ या फिर तांबे से बनी वस्तुओं का दान करना चाहिए लेकिन दान हमेशा श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार ही करें.
4) मंत्र जाप करना :
मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए मंगल ग्रह के बीज मंत्र “ॐ अं अंगारकाय नमः” या फिर “ॐ क्रां क्रीं क्रों स: भौमाय नमः” का श्रद्धापूर्वक मंगलवार को 108 बार जाप करें. मान्यता है कि इस मंत्र का जाप करने से मंगल ग्रह को बल की प्राप्ति होती हैं.
5) मंगलवार का व्रत करना :
मंगल की शुभता और इसको मजबूत करने के लिए मंगलवार का व्रत रखना चाहिए और इस दिन नमक का सेवन नहीं करें इसके अलावा इस दिन बंदरों को गुड़ – चना खिलाएं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) मंगल ग्रह किसका प्रतीक होता है ?
आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा.
2) मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए किसकी आराधना करना चाहिए ?
हनुमान जी.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


