Garuda Purana | हिंदू धर्म के अठारह (18) महापुराणों में एक है गरुड़ पुराण जिसको वैष्णव संप्रदाय का महत्वपूर्ण ग्रन्थ कहा जाता हैं. गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु अपने पक्षी गरुड़ राज को जन्म, मृत्यु और पुनर्जन्म से जुड़े कई गहरे रहस्यों को समझाते हैं तो वहीं गरुड़ पुराण में उल्लेख किया गया है कि मनुष्य की आत्मा मृत्यु के बाद कहां जाती हैं, जीवन में किए गए कर्मों का क्या प्रभाव पड़ता है और मृत्यु के बाद आत्मा का पुनर्जन्म कैसे और किस रूप में होता हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार मनुष्य का अगला जन्म यानि कि पुनर्जन्म मृत्यु के बाद तय नहीं होता बल्कि जीवन में किए गए कर्मों के आधार पर तय होता हैं अर्थात पुनर्जन्म का रहस्य मनुष्य के इसी जन्म के कर्मों के आधार पर पता चल सकता हैं.
जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार पुनर्जन्म से जुड़े रहस्यों को :
1) धर्म का अपमान करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म :
गरुड़ पुराण के अनुसार जो मनुष्य धर्म, वेद – पुराण या फिर देवी – देवताओं का अपमान करता हैं,मजाक उड़ता है और पूजा – पाठ से दूर रहने के साथ ही भोग विलास में डूबा रहता है ऐसे मनुष्य को अपने कर्मों का कठिन दंड मृत्य के बाद अगले यानि कि पुनर्जन्म में कुत्ते की योनि मिलती हैं जहां उसे अभाव और अपमान से भरा जीवन व्यतीत करना पड़ता हैं.
2) गाली – गलौच करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म :
गरुड़ पुराण में उल्लेख किया गया है कि जो मनुष्य हमेशा गाली – गलौच करता हैं, कंठ में माता सरस्वती का वास होने के बाद भी जिनके वाणी में मधुरता नहीं होती और हर समय दूसरों को बुरा – भला कहा करते हैं ऐसे मनुष्य को बकरे के रूप में पुनर्जन्म होता हैं.
3) गुरु का अपमान करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म :
शास्त्रों के अनुसार गुरु ईश्वर के समान होता हैं और ऐसे में जो मनुष्य अपने गुरु जन का सम्मान नहीं करते उसको गरुड़ पुराण के अनुसार मरने के बाद नरक में स्थान मिलने के साथ ही पुनर्जन्म बिना जल के ब्रह्मराक्षस के रूप में जन्म होता हैं.
4) मित्र के साथ धोखा करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म :
गरुड़ पुराण में मित्रता को सबसे सच्चा और पवित्र रिश्ता माना जाता हैं और ऐसे में जो मनुष्य अपने निजी स्वार्थ के लिए मित्रों के साथ विश्वासघात किया करता हैं उसके लिए गरुड़ पुराण में बहुत ही कठोर सजा के बारे में बताया गया है कि ऐसे मनुष्य अगले जन्म यानि कि उसका पुनर्जन्म गिद्ध की योनि में होता हैं अर्थात जो दूसरों के अवशेषों पर निर्भर रहता हैं जो कि लालच और विश्वासघात का प्रतीक होता हैं.
5) दूसरों के साथ छल – कपट करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म :
गरुड़ पुराण के अनुसार जो मनुष्य झूठ बोलकर, चालाकी करके या छल करके दूसरों को मूर्ख बनाता है या फिर सच को छिपाकर फायदा उठाता है उनको अपने कर्मों का फल अगले जन्म में उल्लू की योनि के रूप में मिलता हैं और उल्लू को अज्ञान और भ्रम का प्रतीक माना गया हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) किस पुराण में जन्म, मृत्यु और पुनर्जन्म से जुड़े रहस्यों को बताया गया है ?
गरुड़ पुराण.
2) गुरु का अपमान करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म किस रूप में होता हैं ?
बिना जल के ब्रह्म राक्षस.
3) हिंदू धर्म में कुल कितने महापुराण होते है ?
अठारह (18) महापुराण.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


