Ruby Gemstone | रत्न शास्त्र में कई तरह के रत्नों का उल्लेख किया गया हैं जो कि बहुत प्रभावी होता हैं और इन रत्नों में एक है माणिक्य रत्न. माणिक्य का संबंध सूर्य देव से होता है जिनको ग्रहों का राजा कहा जाता है. जिनकी कुंडली मे सूर्य की स्थिति कमजोर होने और बाकी ग्रह मजबूत होने के बाद भी शुभ फल नहीं दे पाते हैं तब ऐसी स्थिति में सूर्य को मजबूत बनाने के लिए माणिक्य रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि योग्य, जानकार ज्योतिषीय के अनुसार और सही विधि से माणिक्य को धारण करने से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, मान – सम्मान के साथ ही करियर में तरक्की भी मिलती हैं इसलिए माणिक्य धारण करने से पहले ज्योतिषों की सलाह अवश्य लेना चाहिए, नहीं तो फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है.
माणिक्य रत्न को धारण करने के नियम (विधि) :
1) रंग :
माणिक्य रत्न हमेशा गुलाबी या लाल रंग के पारदर्शी माणिक्य को ही धारण करना चाहिए।
2) धातु :
माणिक्य को सोने या फिर तांबे की अंगूठी में ही जुड़वाना शुभ माना जाता है.
3) उंगुली :
माणिक्य रत्न को पुरुष दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में तो वहीं महिला को बाएं हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए.
4) वजन :
माणिक्य रत्न का वजन कम से कम 6 से सवा 7 रत्ती का होना चाहिए।
5) शुभ दिन :
माणिक्य रत्न सूर्य ग्रह से संबंध होता हैं इसलिए इसे रविवार की सुबह सूर्योदय के बाद इसको धारण करने का सबसे शुभ दिन माना गया हैं.
6) पूजा विधि :
माणिक्य को धारण करने से पहले अंगूठी को गाय के दूध और गंगाजल से शुद्व करके मंदिर के सामने बैठकर सूर्य देव के मंत्र “ॐ सूर्याय नमः” का एक माला करने के बाद फिर अंगूठी को धारण करें.
माणिक्य रत्न को धारण करने के फायदे :
1) आत्मविश्वास में वृद्धि :
माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य से होने के कारण से इसको धारण करने से साहस, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि करने के साथ यह शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती हैं.
2) रिश्तों में मजबूत होना :
माणिक्य रत्न को धारण करने से रिश्तों में मजबूती रहने के साथ ही यह रिश्तों में गर्माहट बनी रहती हैं जिससे कि व्यक्तित्व में भी बहुत बदलाव आता हैं.
3) स्वास्थ्य लाभ :
कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होने से जीवन में कोई न कोई परेशानी बनी रहती है और ऐसे में माणिक्य रत्न को धारण करने बहुत फलदायक होता है. माना जाता है कि इसको धारण करने से हडि्डयां मजबूत होने के साथ ही रक्त संचार, हृदय स्वास्थ्य और आंखों की रोशनी के लिए बेहतर मानी जाती हैं.
4) सरकारी कार्यों में तरक्की मिलना :
माणिक्य रत्न को धारण करना राजनीति, प्रशासनिक सेवाओं या सरकारी नौकरी से जुड़े लोगो के लिए यह बहुत लाभकारी सिद्ध होता हैं. माना जाता है कि इसको धारण करने से जातक के अंदर आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी करता है जिससे कि कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलती हैं.
किनको माणिक्य रत्न को धारण करना चाहिए :
1) अगर जातक को हृदय या फिर नेत्र रोग हैं तो उनको माणिक्य रत्न को धारण करना फायदेमंद सिद्ध होता हैं.
2) मेष, सिंह और धनु लग्न में माणिक्य को धारण करना सर्वोत्तम होता हैं तो वहीं कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न में यह सामान्य परिणाम देते हैं.
किनको माणिक्य रत्न को धारण नहीं करना चाहिए :
1) जिन जातक की कुंडली में अगर नीच के सूर्य हैं तो उनको माणिक्य रत्न को धारण नहीं करना चाहिए.
2) कन्या, मकर, मिथुन, तुला और कुंभ लग्न के जातकों को माणिक्य रत्न को धारण करना शुभ फलदायक नहीं होता हैं.
3) जो जातक शनि संबंधित व्यापार कर रहे हैं तो उनको माणिक्य रत्न को धारण नहीं करना चाहिए।
4) जिन लोगों का संबंध पिता के साथ सही नहीं रहता हो तो उनको माणिक्य रत्न को धारण करना नुकसानदायक हो सकता हैं.
उम्मीद है कि आपको माणिक्य रत्न से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही अन्य रत्नों से जुड़े लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) माणिक्य का संबंध किस ग्रह से होता है ?
सूर्य देव.
2) माणिक्य रत्न को किस दिन धारण करना चाहिए ?
रविवार.
3) माणिक्य रत्न को किस धातु में जोड़ना चाहिए ?
सोने या तांबे.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


