Vishwakarma Puja 2026 | हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व होता है.शास्त्रों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा जी ब्रह्माजी के सांतवे पुत्र हैं और इनको सृष्टि का पहला वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है. इन्होंने ही देवताओं के महलों, अस्त्र- शस्त्रों आदि का निर्माण किया था यही वजह से विश्वकर्मा पूजा मुख्य रूप से कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों और औद्योगिक मजदूरों द्वारा मनाई जाती है और इस दिन हर कोई अपने औजारों और मशीनों की पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार विश्वकर्मा पूजा उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करता है.
विश्वकर्मा पूजा 2026 में कब मनाई जाएगी :
विश्वकर्मा पूजा कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है और इस दिन सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करती हैं. हिंदू पंचाग के अनुसार साल 2026 में सूर्य देव 17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार की सुबह 07 बजकर 58 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेगा इसलिए विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी.
विश्वकर्मा पूजा 2026 के शुभ मुहूर्त :
विश्वकर्मा पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त हैं :
17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार की सुबह 07 बजकर 58 मिनट से लेकर शाम के 04 बजकर 15 मिनट तक.
विश्वकर्मा पूजा 2026 का कारखानों और उद्योगों के लिए शुभ मुहूर्त हैं :
17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार की दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक.
विश्वकर्मा पूजा 2026 का अभिजीत मुहूर्त हैं :
17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार की सुबह 11 बजकर 54 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक.
कौन हैं भगवान विश्वकर्मा :
पुराणों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ब्रह्माजी जी के पुत्र कहलाते हैं जिनकी पूजा वास्तुकला, यांत्रिकी और शिल्पकला के देवता के रूप में किया जाता हैं. धार्मिक मान्यता हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी के साथ इन्होंने ही सोने की लंका का निर्माण करने के अलावा भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र, भगवान शिव का त्रिशूल, रावण का पुष्पक और कर्ण के सोने के कवच ओर कुंडल भी इनके द्वारा रचित किए गए है.
आखिर क्यों विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती हैं :
धार्मिक मान्यता के अनुसार कन्या संक्रांति के दिन ही भगवान विश्वकर्मा का अवतरण हुआ था यही कारण है कि इस दिन को भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर मनाई जाती हैं. माना जाता है कि इस दिन हर कोई भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना करने के साथ अपने मशीनों और वाहनों की भी पूजा करते हैं और अपने काम में सफलता और समृद्धि के लिए उनसे प्रार्थना करते हैं क्योंकि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) भगवान विश्वकर्मा किनके पुत्र हैं ?
ब्रह्माजी.
2) विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जाती हैं ?
जब सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करता है.
3) साल 2026 में विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जाएगी ?
17 सितंबर 2026 दिन गुरुवार.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


