Pearl Gemstone | ज्योतिष शास्त्र में मोती को एक महत्वपूर्ण रत्न माना गया है जो कि चंद्र ग्रह से जुड़ा होने के साथ यह भावनाओं, मानसिक शांति, धैर्य और संतुलन का प्रतीक भी होता हैं. मान्यता है कि यह रत्न मन में स्थिरता लाने, भावनात्मक असंतुलन को सही करने में सहायता करता है और जिनके कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर होता हैं उनके लिए मोती विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होता हैं. मोती को सही तरीके से धारण करने पर यह गुस्से को काबू करने के साथ ही यह मन को शांत रखने के अलावा यह आत्मविश्वास को भी बढ़ाता हैं लेकिन मोती को धारण करने से पहले कुंडली में ग्रह की स्थिति को जानना और किसी ज्योतिष की भी सलाह आवश्यक लेना चाहिए जिससे कि इसका पूरा फायदा मिल सकें.
मोती रत्न को धारण करने के नियम को :
1) मोती का सही चुनाव :
नकली या फिर खंडित मोती हानिकारक सिद्ध हो सकता हैं इसलिए असली और प्रमाणित लैब – टेस्टेड मोती का ही चुनाव करें.
2) जानकार ज्योतिष से सलाह लेना :
जिनकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर हो उनके लिए ही मोती को धारण करना लाभदायक होता हैं इसलिए इस रत्न को धारण करने से पहले किसी जानकार ज्योतिष से सलाह परामर्श अवश्य ले.
3) शुभ दिन और समय :
मोती को शुक्ल पक्ष की सोमवार की सुबह या फिर पूर्णिमा के दिन को धारण करना शुभ माना जाता है.
4) धातु :
मोती रत्न को सदैव चांदी की अंगूठी में ही जुड़वाना चाहिए.
5) शुद्धिकरण :
मोती को शुद्धिकरण के लिए एक कटोरी में गंगाजल, कच्चा दूध, और शुद्ध जल को मिलाकर मोती को कुछ समय के लिए डुबोकर रखें, माना जाता है कि यह प्रक्रिया मोती को पवित्र और ऊर्जावान बनाने में सहायता करती है.
6) मंत्र जाप और पूजा करना :
मोती को शुद्ध करने के बाद इसे हाथ में लेकर चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” या फिर “ॐ चंद्राय नमः” का 108 बार जाप करके भगवान शिव और माता पार्वती को फूल और अक्षत को अर्पित करें.
7) धारण करना :
पूजा और मंत्र जाप करने के बाद मोती जड़ित चांदी की अंगूठी को दाहिने हाथ की छोटी अंगुली (कनिष्ठा) में धारण करें लेकिन अंगूठा को धारण करने से पहले स्नान और स्वच्छ वस्त्र को धारण अवश्य करें.
मोती रत्न को धारण करने के फायदे :
1) आत्मविश्वास में बढ़ोतरी :
मोती रत्न को धारण करने से सकारात्मक सोच में वृद्धि होने के साथ ही आत्मविश्वास में सुधार होता हैं जिससे कि जीवन में सफलता प्राप्त करने में और कठिनाइयों का सामना करने में सहायता मिलती हैं.
2) शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होना :
मोती रत्न पाचन शक्ति को मजबूत करने का कार्य करने के साथ ही यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता हैं इसके अलावा मोती रत्न शरीर के तरल पदार्थों को भी संतुलित करने में सहायक होता हैं.
3) मानसिक शांति और स्थिरता :
मोती रत्न को धारण करने से यह मन को शांत करने के साथ ही यह भावनात्मक संतुलन को बनाए रखता हैं जिससे कि तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं से राहत मिलती हैं.
4) बुरी नजर से बचाव :
मोती धारण करने से बुरी नजर से बचाव होने के साथ ही यह बुरी आत्माओं से भी बचाता हैं.
5) प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि :
मोती को धारण करने से यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही यह बीमारियों से बचाकर रखता हैं.
6) बुद्धि और स्मरण शक्ति का मजबूत होना :
मोती को धारण करने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में वृद्धि होने के साथ ही यह बुद्धि और स्मरण शक्ति को भी मजबूत करता हैं.
किन राशियों को मोती रत्न को धारण करना चाहिए :
ज्योतिष के अनुसार मोती मुख्य रूप से मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) मोती रत्न किस ग्रह से जुड़ा होता है ?
चंद्र ग्रह.
2) मोती रत्न को किस धातु में बनवाना चाहिए ?
चांदी.
3) मोती रत्न को किस दिन धारण करना चाहिए ?
शुक्ल पक्ष की सोमवार और पूर्णिमा तिथि.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.





