Vastu Shastra | घर का रसोई घर खाना बनाने का केवल स्थान नहीं होता बल्कि यह घर की सुख – समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य केंद्र होता हैं तो वहीं वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र स्थान कहा गया है क्योंकि इसका परिवार के स्वास्थ्य और खुशहाली का सीधा संबंध होता हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर में छोटी सी गलती घर की सुख – समृद्धि को नाश कर सकता है जैसे कि रसोई घर में जूता – चप्पल खाना बनाने को शुभ नहीं माना जाता है मान्यता है कि इससे धन हानि के अलावा स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
जानते हैं किन कारणों से रसोई घर में जूता – चप्पल पहनकर खाना बनाने की मनाही होती हैं :
1) रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होना :
धार्मिक मान्यतानुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है यही कारण है कि इस स्थान को मंदिर के समान ही पवित्र कहा जाता है. माना जाता है कि जूते – चप्पल को दरिद्रता और नकारात्मकता का प्रतीक होता है और इसको पहनकर रसोई में खाना बनाने से मां अन्नपूर्णा का अपमान होने के साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से घर में अशांति जैसा माहौल बनता है.
2) अग्नि और पृथ्वी तत्व का असंतुलन होना :
वास्तु शास्त्र में रसोई का संबंध अग्नि तत्व से होता हैं लेकिन जूते – चप्पल पृथ्वी तत्व और बाहरी ऊर्जा का प्रतीक है. वास्तु के अनुसार जूते – चप्पल पहनकर रसोई में प्रवेश करने से अग्नि और पृथ्वी तत्व के मध्य संतुलन बिगड़ जाता है और ऐसी असंतुलन की स्थिति में परिवार की सदस्यों की तरक्की में बाधाएं उत्पन्न होने के अलावा घर में अन्न और धन की कमी जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं.
3) घर में दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा का संचार होना :
वास्तु के अनुसार जूते – चप्पल पहनकर रसोई में प्रवेश करने से नकारात्मकता भी रसोई घर में प्रवेश कर जाती हैं जिससे कि परिवार के सदस्यों के बीच मन मुटाव की स्थिति बने के साथ ही रिश्तों में कड़वाहट भी आ सकती है. माना जाता है कि जूते – चप्पल पहनकर रसोई में जाने से घर की सुख – शांति के साथ ही समृद्धि पर असर करती हैं जिससे कि मां लक्ष्मी का घर में आगमन में रुकावट पैदा होती है.
4) स्वास्थ्य पर बुरा असर का होना :
वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार भी रसोई घर में जूता – चप्पल पहनकर प्रवेश करना गलत माना गया है क्योंकि बाहर पहने जाने वाले जूतों चप्पल में अनगिनत बैक्टीरिया और रोगाणु चिपके रहते है और रसोई में नमी और गर्मी से यह सभी पनपते है जिससे कि खाने – पीने की वस्तुओं में संक्रमण हों जाने से पेट की समस्या और फ्रूट पाइजनिंग जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) रसोई घर में किस देवी का वास माना जाता है ?
मां अन्नपूर्णा.
2) वास्तु के अनुसार रसोई का संबंध किससे होता हैं ?
अग्नि तत्व से
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.




