Vidur Niti | हिंदू धर्म में महाभारत एक ऐसा महाग्रंथ हैं जिसमें जीवन के हर एक पहलू से जुड़ा मार्गदर्शन छुपा हुआ है और इसी महाग्रंथ में एक पात्र है महात्मा विदुर जो एक दासी पुत्र होने के साथ धृतराष्ट्र और पांडव के सौतेले भाई थे. माना गया है कि महात्मा विदुर अपने अनुभव से ज्ञान की ऐसी बातों कही हैं जो वर्तमान में जीवन को सही दिशा देने में मदद करता हैं. विदुर नीति सिर्फ राजा – महाराजाओं के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य व्यक्ति के लिए भी उपयोगी होता हैं विशेषकर जब जीवन में कोई निर्णय लेना हो या फिर किसी से सलाह लेने पड़े. विदुर नीति में स्पष्ट बताया गया है कि मुश्किल परिस्थिति में किन व्यक्तियों से मदद लेने से बचना चाहिए क्योंकि इन मनुष्यों से सहायता लेने पर ना केवल समस्या ही हल होती बल्कि कई नई मुसीबतें भी खड़ी होने की संभावना हो सकती हैं.
जानते हैं मुश्किलें परिस्थिति में किन लोगों से मदद नहीं लेनी चाहिए :
1) मूर्ख व्यक्ति :
महात्मा विदुर कहते हैं कि मूर्ख व्यक्ति से मदद लेने का अर्थ है कि अपनी समस्या को बढ़ाना क्योंकि मूर्ख व्यक्ति ना तो सही तरीके से सहायता कर पाता है और ना ही कोई सही निर्णय ही दे पाता है बल्कि इसकी सहायता कभी – कभी उल्टा नुकसान ही पहुंचाती हैं.
2) निर्दयी मनुष्य :
विदुर नीति के अनुसार निर्दयी मनुष्य कभी भी दूसरों के दुखों को नहीं समझता है और ऐसे निर्दयी मनुष्य सहायता के नाम पर किसी को भी अत्यंत कष्ट दे सकता है इसलिए निर्दयी मनुष्य से मदद लेने से मुसीबत और मुश्किलें ही बढ़ेगी.
3) अभद्र (गाली) बोलने वाला व्यक्ति :
महात्मा विदुर कहते हैं कि जिस व्यक्ति की जुबान पर सदैव अभद्र, अपशब्द और गाली हो, ऐसे व्यक्ति से कभी भी सहायता नहीं मांगना चाहिए क्योंकि ऐसे व्यक्ति छोटी – छोटी बातों पर किसी को भी अपमानित कर सकता हैं और मान – सम्मान को भी चोट पहुंचा सकता हैं.
4) कृतघ्न व्यक्ति :
कृतघ्न व्यक्ति अर्थात वो व्यक्ति जो कभी भी किसी का उपकार नहीं मानते और ऐसे व्यक्ति के लिए महात्मा विदुर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दिया है कि कृतघ्न व्यक्ति से कभी भी सहायता नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह किसी के उपकार को कभी भी भूल जाता हैं और बाद में हानि भी पहुंचा सकते हैं.
5) छल – कपट करने वाले (धूर्त) व्यक्ति :
विदुर नीति के अनुसार धूर्त व्यक्ति सदैव अपने ही स्वार्थ के बारे में ही सोचता है और ऐसे व्यक्ति से मुसीबत में सहायता लेने से यह बाद में किसी को भी फंसाने का कोई न कोई तरीका निकाल सकता है इसलिए हो सकें तो ऐसे धूर्त व्यक्ति से हमेशा दूर ही रहना चाहिए.
6) लालची (कृपण) व्यक्ति :
महात्मा विदुर कहते हैं कि लालची और कंजूस व्यक्ति से भूलकर भी कभी भी सहायता नहीं लेना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग व्यक्ति किसी की सहायता के बदले बाद में बहुत बड़ा धन को वसूलते है और हो सका है ऐसे मनुष्य से मदद लेने से उधार के बोझ तले दब सकते हैं.
7) बैर रखने वाला व्यक्ति :
विदुर नीति के अनुसार जो व्यक्ति स्वभाव से बैर रखता हो उससे सहायता लेना हानिकारक हो सकता है क्योंकि ऐसे व्यक्ति सहायता करने के बहाने किसी को भी ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता हैं.
निष्कर्ष :
विदुर नीति हर किसी को सिखाती हैं कि संकट के समय गलत मनुष्य से सहायता लेने की बजाय खुद पर विश्वास रखने के साथ धैर्य से कार्य करना उचित होता है. गलत व्यक्ति से मदद लेने से स्थिति बिगड़ सकती हैं जबकि सही व्यक्ति से सही समय पर मदद लेने से समय का निवारण हो सकती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) महात्मा विदुर किनके सौतेले भाई थे ?
धृतराष्ट्र और पांडव.
2) मुसीबत और संकट के समय किन व्यक्ति से मदद नहीं लेना चाहिए ?
मूर्ख, निर्दयी, धूर्त, कृतघ्न, कृपण और अभद्र बोलने वाला व्यक्ति.
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