Gomed Gemstone | रत्न शास्त्र में कई तरह के रत्नों के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिनमें से एक रत्न गोमेद है. गोमेद रत्न बहुत ही प्रभावशाली और चमत्कारी रत्न कहलाता है जो कि छाया ग्रह राहु ग्रह से जुड़ा होता है और यही कारण है कि इसको धारण करने से राहु के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है. मान्यता है कि इस रत्न को धारण करने से जीवन में अचानक आने वाली बाधाओं और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलने के साथ ही यह सफलता और आत्मविश्वास को दिलाता हैं लेकिन इसे जाने – अनजाने में गलत तरीके से धारण किया जाए तो इसके प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है इसलिए गोमेद रत्न को धारण करने से पहले इनसे जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए जिससे कि इस रत्न का पूरी तरह से फायदा मिल सकें.
जानते हैं गोमेद रत्न को धारण करने के नियमों को :
1) रत्न को धारण करने से पहले किसी जानकार ज्योतिषी से सही वजन के गोमेद रत्न को चयन करके इसे चांदी या फिर अष्टधातु की अंगूठी में जड़वा लें.
2) गोमेद रत्न को धारण करने के लिए सबसे शुभ दिन बुधवार या फिर शनिवार को सूर्यास्त के बाद करना चाहिए क्योंकि बुधवार और शनिवार राहु के लिए महत्वपूर्ण दिन माना जाता हैं.
3) चांदी में जड़ित गोमेद रत्न को शुद्धिकरण करने के लिए एक कटोरी में गंगाजल लेकर उसमें थोड़ा सा गाय का कच्चा दूध डालकर कुछ मिनटों के बाद रखकर इसे साफ जल से धोकर इसको सफेद कपड़े पर रख दें.
4) रत्न को शुद्धिकरण करने के बाद धूप और घी के दीपक को जलाएं और राहु मंत्र का ” ॐ रां राहवे नमः ” का 108 बार जाप करें लेकिन ध्यान रखें कि मंत्र जाप करते समय मन को शांत रखें.
5) मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद गोमेद रत्न को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करें. मान्यता है कि मध्यमा उंगली राहु ग्रह से जुड़ी होती हैं जिससे कि इसका सीधा असर प्राप्त होता हैं.
6) रत्न को धारण करने के बाद राहु ग्रह से संबंधित चीजों जैसे कि काले तिल, नीले या काले रंग के कपड़े, लोहे के बर्तन और उड़द दाल को दान करना शुभ माना जाता हैं.
जानते हैं गोमेद रत्न को धारण करने के फायदे को :
1) कालसर्प दोष से मुक्ति :
गोमेद रत्न को धारण करने से कालसर्प दोष के बुरे असर कम होने के साथ जीवन में आ रही बार – बार बाधाएं दूर होती हैं.
2) आत्मविश्वास में वृद्धि :
राहु ग्रह के कुप्रभाव से मन में डर, उलझन और आत्मविश्वास में कमी होती हैं लेकिन गोमेद रत्न को धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं विशेषकर गोमेद रत्न विद्यार्थी वर्ग, नौकरीपेशा और कारोबार वर्ग के लिए फायदेमंद सिद्ध माना जाता हैं.
3) बुरे और डरावनी सपनों से छुटकारा :
गोमेद रत्न को धारण करने से नींद में बाधा और बुरे सपने से छुटकारा मिलने के साथ ही गहरी नींद आती हैं.
4) मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखना :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गोमेद रत्न को धारण करने से मानसिक शांति आने के साथ तनाव कम होने के अलावा जीवन में संतुलन को बनाएं रखने में सहायता करती है जिससे कि व्यक्तित्व में निखार आता हैं.
5) कारोबार वर्ग के लिए फायदेमंद :
कारोबार वर्ग से जुड़े लोगों को गोमेद रत्न धारण करने से उनके और ग्राहकों के मध्य अच्छे संवाद बनने के साथ ही व्यापार में भी तरक्की होती हैं.
6) रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक :
गोमेद रत्न को धारण करने से स्वास्थ्य बेहतर होता हैं जैसे कि इस रत्न को धारण करने से मिर्गी, आंखों के रोग, आँतों की समस्या, बवासीर और त्वचा से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति मिलने के साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाने में सहायता करता है.
7) नशे और बुरी आदतों से मुक्ति :
राहु ग्रह के नकारात्मक असर से नशा, गलत संगति और मानसिक तनाव में वृद्धि होने लगती है लेकिन गोमेद रत्न को धारण करने से मन मजबूत होने के साथ ही यह सब नकारात्मक आदतों से भी मुक्ति मिलती हैं.
जानते हैं गोमेद रत्न को किनके लिए शुभ माना जाता है :
गोमेद रत्न वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ होता हैं तो वहीं जिनकी कुंडली में राहु बलवान होने के कारण से परेशानी दे रहा है उनके लिए ही गोमेद रत्न को धारण करना फायदेमंद सिद्ध होता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) गोमेद रत्न किस ग्रह से संबंधित होता है ?
राहु ग्रह.
2) गोमेद रत्न को किस दिन धारण करना शुभ माना जाता है ?
बुधवार और शनिवार.
3) गोमेद रत्न को शुद्धिकरण में किस मंत्र का जाप करना चाहिए ?
ॐ रां राहवे नमः
4) गोमेद रत्न किस राशियों के लिए शुभ माना जाता हैं ?
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


