Shravana Putrada Ekadashi Upay | हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है और इस महीने में दो बार, यानी कि साल में चौबीस (24) एकादशियाँ होती हैं, वहीं हर एकादशी अपने नाम के अनुसार फल प्रदान करने वाली होती है और ये सभी एकादशियाँ भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं. मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती हैं. सभी एकादशी में पुत्रदा एकादशी एक ऐसी एकादशी है जो कि साल में दो बार मनाई जाती है एक सावन में सावन पुत्रदा एकादशी और दूसरा पौष में पौष पुत्रदा एकादशी. मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर कुछ विशेष उपायों को किया जाए तो साधक को संतान प्राप्ति के योग बनने के साथ ही संतान के जीवन में आ रही सभी बाधाएं भी दूर होती हैं.
सावन पुत्रदा एकादशी में किए गए विशेष उपायों को :
1) निःसंतान दंपत्ति को संतान प्राप्ति के लिए उपाय :
निःसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति के लिए सावन पुत्रदा एकादशी के पावन दिन पूजा के दौरान संतान गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए. मान्यता है कि इस मंत्र के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना किया जाता है कि वे अपनी कृपा करें और संतान सुख की प्राप्ति का आशीर्वाद प्रदान करें.
2) वंश और संतान की तरक्की के लिए उपाय :
सावन पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में पीले पुष्प, पीले वस्त्र और तुलसी के दल को अर्पित करके विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें मान्यता है कि इससे परिवार में वंश और संतान की तरक्की भी होती हैं.
3) धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए उपाय :
सावन एकादशी की शाम सूर्यास्त के बाद देशी घी के दीपक को तुलसी के समक्ष जलाकर तुलसी पौधें को सात बार परिक्रमा करें मान्यता है इससे साधक को धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है इसके अलावा इस दिन घर के मुख्य द्वार और पीपल वृक्ष के नीचे घी के दीपक को जलाने से भी धन लाभ हो सकता हैं.
4) संतान की उन्नति के लिए उपाय :
धार्मिक मान्यता है कि माताएं पुत्रदा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु के मंत्रों का 108 बार जपने के साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने से संतान को उन्नति की प्राप्ति होती हैं.
5) भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए उपाय :
पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करके उनको मखाने की खीर का भोग लगाकर इनकी आरती करें मान्यता है इससे साधक को भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती हैं.
6) संतान प्राप्ति के लिए उपाय :
शिव महापुराण के अनुसार पुत्रदा एकादशी के दिन संतानहीन दंपत्ति किसी शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजा करके मंदिर की चौखट पर घी के दीपक को जलाएं और भगवान शिव पर की गई अर्पित बेलपत्र पति – पत्नी एक दूसरे को खिलाएं. माना जाता है कि इससे संतानहीन दंपत्ति को संतान प्राप्ति के योग बनते हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) कौन सी एकादशी साल में दो बार मनाई जाती है ?
पुत्रदा एकादशी.
2) पुत्रदा एकादशी कब-कब मनाई जाती है ?
सावन पुत्रदा एकादशी और पौष पुत्रदा एकादशी.
3) सावन पुत्रदा एकादशी और पौष पुत्रदा एकादशी किस पक्ष में मनाई जाती है ?
शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि.
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