Vastu | हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व होता हैं. मान्यता है कि जब व्यक्ति को उन्नति और सफलता प्राप्त करना होता हैं तो उसे वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना चाहिए लेकिन अगर वास्तु से जुड़े नियमों को अनदेखा किया जाए तो वास्तु दोष उत्पन्न होने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनाने के लिए भूमि खरीदते समय वास्तु के कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए, खासकर भूमि को खरीदते समय सही दिशा और स्थान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए जिससे कि वास्तु दोष से बचा जा सकें.
घर बनाने के लिए भूमि खरीदते समय वास्तु के इन नियमों का रखें ध्यान :
1) शमशान घाट न होना :
घर के भूमि खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि आसपास शमशान घाट नहीं होना चाहिए. वास्तु के अनुसार यह स्थान नकारात्मक ऊर्जा से घिरे रहते हैं जो कि नए घर की ऊर्जा को प्रभावित करने के साथ ही यह घर की शांति और सद्भाव पर भी असर डालती हैं.
2) धार्मिक स्थल का न होना :
वास्तु शास्त्र के अनुसार धार्मिक स्थल जैसे कि मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या मस्जिद या फिर अन्य पूजा स्थलों के आसपास या फिर इनके सामने घर या भूमि खरीदना शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि इन स्थलों पर निरंतर घंटी बजना और भीड़ के साथ – साथ धार्मिक गतिविधियां होती है जिससे कि घर की ऊर्जा संतुलित नहीं होने से वास्तु दोष उत्पन्न होता हैं और यह घर में रहने वाले सदस्यों में मानसिक तनाव और नकारात्मक असर डालती हैं.
3) गड्ढा का न होना :
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के लिए भूमि खरीदते समय उसका स्थान और स्थिति को ध्यान में रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है. मान्यता है कि भूमि के बीचों – बीच अगर कोई गड्ढा, कुआं या फिर कोई खाली गहरा स्थल हो तो वहां पर घर बनाना शुभ नहीं होता हैं क्योंकि यह स्थल न सिर्फ वास्तु दोष उत्पन्न करता हैं बल्कि इससे परिवार को आर्थिक तंगी के साथ वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं.
4) कचरे या गंदगी का ढेर का न होना :
घर के लिए भूमि खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि भूमि के आसपास या भूमि के सामने किसी भी तरह का कचरा या फिर गंदगी का ढेर नहीं होना चाहिए. वास्तु के अनुसार भूमि के सामने कचरे या गंदगी का ढेर होना बहुत ही अशुभ माना जाता है क्योंकि यह वास्तु दोष पैदा करता है जिसका प्रभाव घर में रहने वाले सदस्यों की ऊर्जा और सेहत पर पड़ने के साथ ही यह घर में आर्थिक संकट और दरिद्रता भी लाता है
5) ऊंचाई का ध्यान रखना रखें :
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के लिए भूमि खरीदते समय ऊंचाई का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि भूमि के पूर्व या उत्तर दिशा की ओर कोई बड़ा ऊंचा स्थान पहाड़ या फिर ऊंचा टीला नहीं हो, क्योंकि यह विकास और उन्नति में बाधक बनती हैं. वास्तु शास्त्र में पूर्व और उत्तर दिशा को बहुत महत्व होता हैं क्योंकि यह दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने में सहायक होती है लेकिन अगर इन दिशाओं में कोई ऊंचा टीला या पहाड़ रहें तो यह सकारात्मक ऊर्जा के संचार में बाधा डालती हैं जिससे कि घर परिवार में आर्थिक और सामाजिक समस्याओं आने लगती हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) घर के लिए भूमि के बीचों – बीच गड्ढा होने से कौन सा दोष उत्पन्न होता है ?
वास्तु दोष.
2) भूमि का पूर्व और उत्तर दिशा किस ऊर्जा का संचार करती हैं ?
सकारात्मक ऊर्जा.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


