Rules for Burning Camphor | सनातन धर्म में पूजा – पाठ में कई प्रकार की वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है जिनमें से एक है कपूर जिसका पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में पवित्रता और त्याग का प्रतीक के तौर पर किया जाता है तो वहीं कपूर को ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र में भी विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि कपूर जलने पर उसका कोई अवशेष नहीं बचता, पूरी तरह जल जाता हैं यहीं कारण है कि कपूर को अहंकार और नकारात्मक ऊर्जा के नाश का प्रतीक भी माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में कपूर से जुड़े कुछ प्रभावशाली उपायों का उल्लेख किया गया है तो वहीं कपूर के धुएं को शाम के समय घर में दिखाने को शुभ माना गया है मान्यता है कि इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है लेकिन कपूर को जलाने से जुड़े कुछ विशेष नियम भी होते हैं जिसका पालन करना शुभ होने के साथ ही खूब तरक्की भी मिलती हैं.
जानते हैं शाम को घर में कपूर जलाने के नियम को :
1) कपूर को जलाने की सही दिशा :
वास्तु शास्त्र के अनुसार कपूर को शाम के समय घर की उत्तर – पूर्व दिशा (ईशान कोण) या फिर पूर्व दिशा में जलाना शुभ होता हैं. मान्यता है कि इस दिशा में कपूर को जलाने से घर में सकारात्मकता आने के साथ ही यह बुरी से बुरी नजर को घर से दूर करने का कार्य करती हैं.
2) कपूर को जलाने का सही समय :
धार्मिक मान्यतानुसार शाम की पूजा या फिर सूर्यास्त हो जाने के बाद ही घर में कपूर को जलाना चाहिए. माना जाता है कि इस समय कपूर को जलाने से घर का वातावरण पवित्र और शांत होने के साथ ही घर की सकारात्मक ऊर्जा भी सुरक्षित रहती हैं.
3) कपूर को जलाने का सही स्थान :
कपूर को शाम के समय पूजा के स्थान, मंदिर में या फिर स्वच्छ स्थान पर जलाना चाहिए, भूलकर भी बाथरूम या फिर गंदी वाले स्थान के आसपास कपूर को नहीं जलाएं मान्यता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा धीरे – धीरे समाप्त होने लगती है.
4) कपूर को जलाने का पात्र :
वास्तु शास्त्र के अनुसार कपूर को हमेशा साफ दीये या फिर पीतल की थाली में जलाना शुभ होता है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने के साथ ही बुरी नजर से मुक्ति मिलती है लेकिन कपूर को कभी भी टूटे हुए दीए या फिर खराब व गंदे पात्र में नहीं जलाना चाहिए क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता हैं.
जानते शाम के समय कपूर को जलाने के फायदे को :
1) आर्थिक स्थिति मजबूत होना :
धार्मिक मान्यता है कि शाम को घर में कपूर जलाने से धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कहा जाता है कि कपूर की सुगंध वातावरण को पवित्र करती हैं और मां लक्ष्मी ऐसे घर में शीघ्र प्रवेश करती हैं जिससे कि आर्थिक तंगी दूर होने के साथ ही सुख – समृद्धि के द्वार खुलते हैं.
2) सौभाग्य और सफ़लता में वृद्धि :
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कपूर का धुआं घर की ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक होने के साथ ही यह बुरी ऊर्जा को दूर करता हैं विशेषकर दीवाली जैसे शुभ अवसरों पर कपूर को जलाना बहुत श्रेष्ठ होता है क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा से घर को भर देने के साथ ही सौभाग्य और सफ़लता को आकर्षित करता हैं.
3) वास्तु दोष को संतुलित करने में सहायक होना :
वास्तु शास्त्र के अनुसार कपूर की गोलियां घर में किसी भी तरह की हानिकारक ऊर्जा को कम करने में सहायक होता है. कहा जाता है कि कपूर को बाथरूम, मुख्य द्वार या फिर अन्य दिशाओं में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने के साथ ही यह घर के वातावरण को भी संतुलित करता हैं.
4) तरक्की की बाधा को दूर करना :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शाम के समय घर में कपूर जलाकर इसके धुएं को घर में फैलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार होने के अलावा तरक्की के चल रही बाधा दूर होती हैं.
5) संबंधों को मजबूत बनाने में सहायता करना :
मान्यता है कि शाम के समय घर में कपूर को जलाने से पारिवारिक सामंजस्य में वृद्धि होने के साथ ही यह सदस्यों के बीच मन मुटाव और झगड़े को कम करने में सहायता करता है तो वहीं वैवाहिक या फिर पारिवारिक कलह – क्लेश को दूर करने के लिए पीतल की कटोरी में कपूर को जलाना लाभदायक सिद्ध होता हैं.
उम्मीद है कि आपको वास्तु शास्त्र से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक अपने परिजनों और दोस्तों के बीच शेयर करें और ऐसे ही वास्तु शास्त्र से जुड़े अन्य लेख को पढ़ने के लिए जुड़े रहे madhuramhindi.com के साथ.
FAQ – सामान्य प्रश्न
1) शाम को कपूर घर की किस दिशा में जलाना शुभ होता है ?
उत्तर – पूर्व दिशा या फिर पूर्व दिशा.
2) कपूर किसका प्रतीक माना जाता है ?
पवित्रता और त्याग का.
3) शाम को कपूर किस स्थान पर जलाना चाहिए ?
पूजा स्थान या फिर घर के मंदिर में.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


