Vidur Niti | महात्मा विदुर हस्तिनापुर के महामंत्री होने के साथ यह अपनी बुद्धिमत्ता, न्यायप्रियता और दूरदर्शिता के लिए जाने जाते है तो वहीं विदुर नीति में उन्होंने जीवन जीने के ऐसे व्यवहारिक नियम को बताया है जो वर्तमान में भी उतने ही प्रासंगिक है. विदुर नीति के अनुसार व्यक्ति को अपने सुखी जीवन के लिए कुछ आदतों को छोड़ना आवश्यक होता हैं क्योंकि इन आदतों को त्याग करके ही हमें ना केवल लंबी आयु मिलती हैं बल्कि जीवन में खुशहाली भी आती हैं लेकिन अगर इन आदतों को नहीं छोड़ा जाए तो यह हमारी ना केवल खुशियों को छीनती बल्कि यह धीरे – धीरे आयु को भी कम देती हैं.
जानें व्यक्ति के वो गलत आदत जो आयु कम करने के साथ छीन लेती हैं खुशियां :
1) वाणी पर संयम ना रखना :
विदुर नीति के अनुसार अनियंत्रित वाणी व्यक्ति को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं क्योंकि जो मनुष्य बिना सोचे – समझे बोलते हैं वह अक्सर ऐसे शब्दों का उपयोग करता हैं जिसका बाद में उसे पछतावा होने लगता हैं जिसके वजह से रिश्ते टूटता है और मन में हमेशा अशांति बनी रहती हैं तो वहीं वाणी पर संयम रखने वाला मनुष्य ना केवल दूसरों का सम्मान को पाता है बल्कि स्वयं भी हमेशा शांत और स्वस्थ रहता हैं.
2) लोभ की भावना का होना :
विदुर नीति के अनुसार लोभ व्यक्ति का सबसे खतरनाक आदत होती है क्योंकि लोभ के वजह से व्यक्ति में कभी भी संतोष नहीं आता और सदैव वह अधिक पाने की इच्छा रखता हैं जिससे कि स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है इससे रिश्ते खराब होने और मानसिक शांति भी खत्म होने लगती हैं लेकिन लोभ त्याग करने वाला मनुष्य सच्चा सुख को प्राप्त करता हैं.
3) अहंकार का होना :
महात्मा विदुर जी के अनुसार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु अहंकार होता है क्योंकि जो मनुष्य अपने को सबसे बड़ा समझता है और दोस्तों की बातों को छोटा समझता है, ऐसे मनुष्य धीरे – धीरे अकेला रह जाता है. अहंकार व्यक्ति के मन को संकीर्ण बना देता हैं जिससे कि रिश्तों में दरार आने लगती हैं और इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ता है बल्कि इससे शारीरिक स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगता है इसलिए महात्मा विदुर कहते हैं कि व्यक्ति को अहंकार को त्याग कर देना चाहिए.
4) त्याग की भावना का ना होना :
विदुर नीति के अनुसार जो मनुष्य दूसरों के लिए अपना सुख की त्याग करता हैं वही सच्चा सुखी जीवन व्यतीत करता हैं क्योंकि त्याग से न केवल मन हल्का होता हैं बल्कि ईर्ष्या और लोभ भी कम होती है जिससे कि आयु लंबी होती है. विदुर जी कहते हैं कि त्याग करना कोई कमजोरी नहीं होता, बल्कि यह महानता का प्रतीक होता है.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) महात्मा विदुर किस राज्य के महामंत्री थे ?
हस्तिनापुर.
2) विदुर नीति के अनुसार व्यक्ति की कौन सी गलत आदतें खुशियों को छीनती है ?
वाणी, लोभ, अहंकार और त्याग.
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