Parad Shivling | सावन महीना भगवान शिव के पूजन के लिए सबसे शुभ माना जाता है. सावन के इस पावन महीने में भक्त भगवान शिव की कृपा और प्रसन्नता को प्राप्त करने के लिए तरह – तरह के उपायों को करते हैं तो वहीं सावन महीने में घर में सुख – समृद्धि के लिए पारद शिवलिंग को लाना बहुत ही शुभ माना गया हैं धार्मिक मान्यता है कि रावण जो कि भगवान शिव के परम् भक्त था उसने भी पारद शिवलिंग का पूजन करके अपनी सभी मनोकामनाएं पूर्ण किया था. पारा और चांदी के सम्मिश्रण से बने पारद शिवलिंग का पूजन सावन के महीने में करना चाहिए लेकिन घर में पारद शिवलिंग को लाने से पहले और स्थापित करने से पहले कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए जिससे कि भगवान शिव की कृपा मिलने के साथ ही पूजा का पूर्ण फल की प्राप्ति हो सकें.
सावन महीने में घर में पारद शिवलिंग को स्थापित करने के नियम :
1) पारद शिवलिंग का सही आकार का होना :
धार्मिक मान्यता है कि घर के मंदिर में कभी भी बहुत बड़े शिवलिंग को नहीं रखना चाहिए. सावन महीने में पारद शिवलिंग का आकार सदैव एक से सवा इंच के लगभग होने के अलावा अगूंठे के आकार का पारद शिवलिंग को घर में लाना चाहिए.
2) सही में दिशा स्थापित करना :
पारद शिवलिंग को सही दिशा में रखना और स्थापित करना बहुत आवश्यक होता है और पारद शिवलिंग को घर में स्थापित करने की सबसे शुभ और सही दिशा उत्तर – पूर्व दिशा मानी जाती है जिसमें शिवलिंग की जलहरी यानि कि जो जल निकलने का स्थान होता हैं, का मुख सदैव उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.
3) आसन :
घर में पारद शिवलिंग को कभी भी सीधे फर्श पर नहीं रखना चाहिए जबकि इसे मिट्टी के छोटे बर्तन या फिर साफ थाली में रख सकते है इसके अलावा तांबे, पीतल या चांदी की थाली में भी स्थापित कर सकते हैं लेकिन इसके नीचे साफ वस्त्र या फिर केले के पत्ते को अवश्य रखना चाहिए.
4) नियमित रूप से पूजा और मंत्रों का जप करना :
सावन माह में स्थापित पारद शिवलिंग को केवल सावन में ही नहीं बल्कि हर दिन पूजा करना आवश्यक होता हैं विशेषकर सोमवार के दिन पारद शिवलिंग की पूजा अवश्य करें और अगर इनकी नियमित रूप से पूजा करना संभव नहीं हो तो शिव मंत्रों का जप “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप अनिवार्य रूप से करना चाहिए.
5) स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखना :
पारद शिवलिंग को घर में स्थापित करने के बाद स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखें विशेषकर घर के जिस कमरे में पारद शिवलिंग को स्थापित किया गया हैं वहां रोजाना नियमित रूप से साफ – सफाई होने के साथ ही शिवलिंग के ठीक सामने बैठकर पूजा करनी चाहिए.
6) अभिषेक के नियमों का पालन करना :
पारद शिवलिंग का अभिषेक करते समय ध्यान रखें कि इनका अभिषेक मुख्य रूप से गंगाजल से करने के साथ इन पर दूध, दही, घी, मधु (शहद), और चीनी को सीधे नहीं अर्पित करना चाहिए क्योंकि यह सब चीजें धरती से जुड़ी नहीं होती हैं लेकिन पारद शिवलिंग पर आटा को अर्पित किया जा सकता है क्योंकि आटा धरती से जुड़ी होती हैं.
7) बेलपत्र और पुष्प को अर्पित करना :
पारद शिवलिंग पर बेलपत्र, मदार के पुष्प और सफेद पुष्प को विशेष रूप से अर्पित करना चाहिए क्योंकि यह सब चीजें भगवान शिव को अतिप्रिय होते हैं लेकिन भूलकर भी इन पर केतकी के फूल को अर्पित नहीं करना चाहिए.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) पारद शिवलिंग किन चीजों का सम्मिश्रण होता है ?
पारा और चांदी.
2) पारद शिवलिंग को घर के मंदिर के किस दिशा में रखना चाहिए ?
उत्तर – पूर्व दिशा.
3) पारद शिवलिंग पर किस पुष्प को अर्पित नहीं करना चाहिए ?
केतकी के पुष्प.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.


