Vastu Shastra | वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा घर की हर एक चीजों पर निर्भर करती हैं तो वहीं घर में रखी चीजों की दिशा सही होने से घर में सदैव खुशहाली और सुख -समृद्धि बनी रहती हैं लेकिन घर का मुख्य द्वार अगर दक्षिण दिशा में होने से घर में अनहोनी या फिर नकारात्मक घटनाओं होने की संभावना होती हैं. मान्यता है कि दक्षिण दिशा यम और मंगल की दिशा कहलाने के साथ यह स्त्रियों के लिए अनिष्टकारी मानी जाती है जिसका असर घर पर बहुत अशुभ पड़ता है जिससे कि घर – परिवार में आर्थिक, शारीरिक और मानसिक समस्याएं बनी रहती हैं. किसी कारणवश घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में हो तो कुछ विशेष वास्तु उपायों को करके वास्तु दोषों से बचा जा सकता हैं.
जानते हैं घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा होने पर वास्तु उपायों को :
1) भगवान गणेश की मूर्ति :
घर का मुख्य द्वार अगर दक्षिण दिशा में होने से गणेशजी की दो मूर्तियों को बनवाकर इनकी पीठ को आपस में जोड़ दें और जुड़ी हुई इस मूर्ति को मुख्य द्वार की चौखट पर इस तरह से लगाएं कि एक गणेशजी अंदर की तरफ तो एक गणेशजी बाहर की तरफ देखें. धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता कहलाते हैं और गणेशजी की मूर्ति दक्षिण दिशा में रखने से सभी प्रकार के विध्न दूर होने के साथ ही सुख – शांति बनी रहने से घर से कलह – क्लेश समाप्त होता हैं.
2) पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर :
घर के मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाना बहुत शुभ माना जाता है लेकिन हनुमान जी की तस्वीर आशीर्वाद वाली मुद्रा में होनी चाहिए. मान्यता है कि इससे हनुमान जी की कृपा घर में बनी रहने के साथ ही हनुमानजी स्वयं परिवार की रक्षा करते हैं और नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती हैं.
3) स्वास्तिक का चिन्ह :
घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में होने पर दरवाजे के दोनों ओर दीवारों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए या फिर मुख्य द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लटका दें. मान्यता है स्वास्तिक सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का प्रतीक होने से यह घर में बनी नकारात्मक ऊर्जा बाहर होती हैं जिससे कि घर में सुख – समृद्धि बनी रहती हैं.
4) कैक्टस का पौधा :
कैक्टस का पौधा घर में लगाना शुभ नहीं माना जाता है लेकिन अगर घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में हो तो इस पौधें को मुख्य द्वार के पास रखना लाभदायक सिद्ध होता हैं क्योंकि कैक्टस यानि कि नागफनी का पौधा घर को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां से बचाकर रखता हैं.
5) शीशा लगाना :
घर का मुख्य द्वार अगर दक्षिण दिशा में हो तो दरवाजे के ठीक सामने पढ़ने वाली दीवार पर एक बड़ा शीशा लगाना शुभ और लाभदायक होता है. माना जाता है कि इससे दरवाजे खुलते ही घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा शीशे से टकराकर वापस लौट जाती हैं.
6) नीम का पेड़ :
मान्यता है कि दक्षिण दिशा मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ है और नीम का पेड़ मंगल ग्रह को संतुलित करता हैं इसलिए घर के दक्षिण दिशा में नीम का पेड़ अवश्य होना चाहिए जिससे कि दक्षिण दिशा के दोष को कम किया जा सकें.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) घर में स्वास्तिक चिन्ह किसका प्रतीक माना जाता है ?
सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का
2) दक्षिण दिशा किस ग्रह से जुड़ा होता हैं ?
मंगल ग्रह.
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