Vastu Tips | वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर चीजों को वास्तु के नियमानुसार रखना शुभ माना जाता है क्योंकि इससे घर में सुख – समृद्धि में वृद्धि होती हैं तो वहीं गलत दिशा में कुछ चीजों को रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही घर का वातावरण तनावपूर्ण भी बना रहता हैं. वास्तु शास्त्र में दिशाओं का खास महत्व होता है विशेषकर दक्षिण दिशा को लेकर कई नियमों को बताया गया है और शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यम की दिशा के साथ इसको पितरों की दिशा भी माना गया है और ऐसे में दक्षिण दिशा में कुछ चीजों को भूलकर भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि दक्षिण दिशा में इन चीजों को रखने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करने के साथ ही नुकसान भी हो सकता हैं.
वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में किन चीजों को नहीं होना चाहिए :
1) दीपक जलाना :
हिंदू धर्म में दीपक जलाना शुभता का प्रतीक होता हैं यही कारण है कि पूजा – पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में दीपक को जलाना बहुत शुभ माना गया हैं लेकिन वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा में कभी भी दीपक को नहीं जलाना चाहिए क्योंकि इससे जीवन में कई समस्याओं का आगमन होने के साथ ही कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. वास्तु शास्त्र में दीपक को जलाने की सबसे शुभ दिशा उत्तर दिशा मानी जाती है
2) पूजा घर :
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में कभी भी पूजा घर नहीं होना चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा के साथ ही यह पितरों की दिशा मानी जाती है और ऐसे में इस दिशा में पूजा करना शुभ नहीं होता हैं. मान्यता है कि दक्षिण दिशा में पूजा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही बुरी शक्तियां घर में हावी होने लगता हैं जिसका बुरा प्रभाव घर के सदस्यों पर पड़ता हैं.
3) भंडार घर (स्टोर रूम) :
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में कभी भी भंडार घर यानि कि स्टोर रूम नहीं होना चाहिए. मान्यता है कि घर की दक्षिण दिशा में भंडार घर होने से घर के सदस्यों में आपसी सामंजस्य में कमी होने के साथ ही परिवार के सदस्यों में मन मुटाव भी होने लगता हैं.
4) जूते – चप्पल :
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में कभी भी जूते – चप्पल नहीं रखना चाहिए. माना जाता है कि इससे पितृ दोष पैदा होने के साथ ही आर्थिक तंगी का भी सामना करने के अलावा घर से सुख – समृद्धि भी दूर होने लगती हैं.
5) तुलसी का पौधा :
हिंदू धर्म में तुलसी पौधें को बहुत ही पूजनीय के साथ ही पवित्र भी माना जाता है और इस पौधें की घर – घर में पूजा किया जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी पौधें को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं.
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FAQ – सामान्य प्रश्न
1) दक्षिण दिशा को किसकी दिशा मानी जाती हैं ?
यम और पितरों की.
2) वास्तु के अनुसार दीपक को किस दिशा में जलाना शुभ होता है ?
उत्तर दिशा.
3) घर की दक्षिण दिशा में जूते-चप्पल को रखने से कौन सा दोष पैदा होता है ?
पितृ दोष.
अस्वीकरण (Disclaimer) : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि madhuramhindi.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता हैं.


